श्रीडूंगरगढ़ टुडे 20 मई 2026
राजस्थान योग प्रशिक्षक महासंघ ने राज्य सरकार की नीतियों के विरोध में कड़ा रोष व्यक्त करते हुए अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रमों के बहिष्कार की घोषणा की है। महासंघ का आरोप है कि वर्षों से योग सेवा दे रहे प्रशिक्षकों को रोजगार से वंचित किया जा रहा है, जिससे हजारों प्रशिक्षित युवाओं के सामने बेरोजगारी का संकट खड़ा हो गया है।
महासंघ के प्रदेश संरक्षक योगगुरू ओम प्रकाश कालवा, प्रदेश अध्यक्ष योगाचार्य रामावतार यादव, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष योगाचार्य राकेश कुमार तूनवाल, प्रदेश महासचिव योगाचार्य रविन्द्र सिंह गुर्जर व समस्त कार्यकारणी सदस्यों ने कहा कि एक ओर केंद्र एवं राज्य सरकारें योग को बढ़ावा देने की बात करती हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशिक्षित योग प्रशिक्षकों के स्थाई रोजगार की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे। योग को विश्व स्तर पर पहचान मिलने के बावजूद राजस्थान में योग प्रशिक्षकों की लगातार उपेक्षा हो रही है।
महासंघ ने बताया कि अनेक योग प्रशिक्षक वर्षों से योग शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े हुए हैं, लेकिन उन्हें न तो स्थाई नियुक्ति मिली और न ही रोजगार सुरक्षा। इससे युवाओं में भारी निराशा व्याप्त है।
राजस्थान योग प्रशिक्षक महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर योग प्रशिक्षकों के रोजगार बहाली एवं स्थाई नियुक्ति की घोषणा नहीं करती है, तो प्रदेशभर में आंदोलन तेज किया जाएगा तथा 21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के सरकारी कार्यक्रमों का बहिष्कार किया जाएगा।
महासंघ ने सरकार से मांग की है कि
🔹योग प्रशिक्षकों की सेवाएं पुनः बहाल की जाएं।
🔹योग में स्थाई रोजगार नीति लागू की जाए।
प्रशिक्षित योग युवाओं को सरकारी स्तर पर अवसर दिए जाएं।
1. शिक्षा विभाग 2. स्वास्थ्य विभाग 3. आयुष विभाग 4. पुलिस एवं सुरक्षा विभाग 5. खेल विभाग 6. महिला एवं बाल विकास विभाग 7. सामाजिक न्याय एवं कल्याण विभाग 8. कारागार विभाग (जेल) 9. कॉर्पोरेट एवं श्रम विभाग 10. ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग 11. पर्यटन विभाग 12. रेलवे एवं परिवहन आदि सभी विभागों में योग पद सृजित किए जाएं।
महासंघ के अनुसार, योग केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि देश की सांस्कृतिक एवं स्वास्थ्य परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसलिए योग प्रशिक्षकों की अनदेखी दुर्भाग्यपूर्ण है।


