श्रीडूंगरगढ़ टुडे 29 मई 2026
राजस्थान योग प्रशिक्षक महासंघ ने प्रदेश के बेरोजगार योग प्रशिक्षकों की उपेक्षा पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि सरकार द्वारा योग को बढ़ावा देने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन आज तक योग प्रशिक्षकों के लिए स्थायी रोजगार की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है।
महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस सहित विभिन्न अवसरों पर योग के महत्व का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाता है, परंतु वर्षों से योग शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हजारों प्रशिक्षक रोजगार के लिए भटकने को मजबूर हैं। सरकार द्वारा योग को स्वास्थ्य और जनकल्याण का महत्वपूर्ण माध्यम बताया जाता है, फिर भी योग प्रशिक्षकों की नियुक्ति एवं नियमित रोजगार के विषय में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है।
महासंघ ने मांग की है कि प्रदेश के सभी सरकारी विद्यालयों, महाविद्यालयों, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, स्वास्थ्य केंद्रों तथा अन्य सरकारी संस्थानों में योग प्रशिक्षकों के स्थायी पद सृजित कर नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि प्रशिक्षकों को सम्मानजनक रोजगार मिल सके और आमजन को योग का लाभ प्राप्त हो सके।
महासंघ के प्रदेश संरक्षक योगाचार्य ओम प्रकाश कालवा
प्रदेश अध्यक्ष योगाचार्य रामावतार यादव, प्रदेश महासचिव योगाचार्य रविंद्र सिंह गुर्जर प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष योगाचार्य राकेश कुमार तूनवाल ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशभर के योग प्रशिक्षक लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को बाध्य होंगे।


