श्रीडूंगरगढ़ टुडे 4 जून 2026
🙏जय श्री गणेशाय नमः🙏
🙏जय श्री कृष्णा🙏
🕉️आज का पंचांग-04.06.2026🕉️
दैनिक गोचर ग्रह एवं राशिफल✴️
🕉️ शुभ गुरुवार – 🌞 – शुभ प्रभात् 🕉️
74-30💥मध्यमान्💥75-30
(केतकी चित्रापक्षीय गणितानुसारेण निर्मितम्)
आज विशेष
अधिक मासीय ज्येष्ठी सकंष्ठी चतुर्थी व्रत आज
जानिए व्रत का महत्व एवं शास्त्रोक्त पूजा विधि
विभिन्न नगरों के सूर्योदय में समयांतर मिनट
दिल्ली -10 मिनट———जोधपुर +6 मिनट
जयपुर -5 मिनट——अहमदाबाद +8 मिनट
इंदौर – 4 मिनट————-मुंबई +7 मिनट
लखनऊ – 25 मिनट——बीकानेर +5 मिनट
कोलकाता -54 मिनट–जैसलमेर +15 मिनट
दैनिक पंचांग विवरण
आज दिनांक………………….. 4.06.2026
कलियुग संवत्……………………… ..5128
विक्रम संवत्…………………………. 2083
शक संवत्……………………………. 1948
संवत्सर……………………………… .श्री रौद्र
अयन…………………………………… उत्तर
गोल…………………………………….. उत्तर
ऋतु…………………………………… . ग्रीष्म
मास………………………………….. प्र.ज्येष्ठ
पक्ष……………………………………. ..कृष्ण
तिथि………चतुर्थी. रात्रि. 11.31 तक/ पंचमी
वार…………………………………… .गुरुवार
नक्षत्र…. उ.षाढ़ा. रात्रि. 3.42* तक / श्रवण
चंद्र राशि……… धनु. प्रातः 7.42 तक / मकर
योग…………. शुक्ल. प्रातः 9.02 तक / ब्रह्म
करण………………….बव. प्रातः 10.27 तक
करण…… बालव. रात्रि. 11.31 तक / कौलव _____________________
नोट-जिस रात्रि समय के ऊपर(*) लगा हुआ हो
वह समय अर्द्ध रात्रि के बाद सूर्योदय तक का है।
दैनिक सूर्योंदयास्त दिनमानादि पंचांग विवरण
सूर्योदय………………..प्रातः 05.41.55 पर
सूर्यास्त………………..सायं. 07.17.49 पर
दिनमान-घं.मि.से………………..13.35.53
रात्रिमान-घं.मि.से. ………………10.24.01
चंद्रास्त…………………. 8.40.53 AM पर
चंद्रोदय…………………10.42.05 PM पर
राहुकाल..अप. 2.12 से 3.54 तक(अशुभ)
यमघंट…. प्रातः 5.42 से 7.24(शुभे त्याज्य)
गुलिक.. प्रातः 9.06 से 10.48(शुभे त्याज्य)
अभिजित….. मध्या.12.03 से 12.57(शुभ)
पंचक…………………………… आज नहीं है।
हवन मुहूर्त(अग्निवास)………….आज नहीं है।
दिशाशूल………………………. दक्षिण दिशा
दोष परिहार……. दही का सेवन कर यात्रा करें
आज का दिन
व्रत विशेष……….. अधिमासीय ज्येष्ठी चतुर्थी
चंद्रोदय……………………. रात्रि. 10.42 पर
अन्य व्रत……………………………… नहीं है।
पर्व विशेष……………………………. नहीं है।
मास विशेष.. पुरुषोत्तम ज्येष्ठ अधि.मास जारी
दिन विशेष……………… .राष्ट्रीय पनीर दिवस
खगोलीय………………….…………. ..नहीं है।
विष्टि(भद्रा)……………………………. नहीं है।
पंचक………………………………… ..नहीं है।सर्वा.सि.योग……………………. आज नहीं है।
अमृत सि.योग…………………………. नहीं हैं।
सिद्ध रवियोग………………………… . नहीं है।
अगले दिन की प्रतीकात्मक जानकारी
दिनांक………………………..05.06.2026
तिथि……….. द्वि.ज्येष्ठ कृष्णा पंचमी शुक्रवार
व्रत विशेष…………………………….. नहीं है।
अन्य व्रत……………………………… नहीं है।
पर्व विशेष…………………………….. नहीं है।
मास विशेष..पुरुषोत्तम ज्येष्ठ अधि.मास जारी
दिन विशेष…………… विश्व पर्यावरण दिवस
खगोलीय………………….……………नहीं है।
विष्टि(भद्रा)…………………………….नहीं है।
पंचक…………………………………..नहीं है।सर्वा.सि.योग……………… संपूर्ण (अहोरात्र)
अमृत सि.योग………………………….नहीं हैं।
सिद्ध रवियोग…………………………. नहीं है।
🌄विशिष्ट काल-मुहूर्त-वेला परिचय🌄
अभिजित् मुहुर्त – दिनार्द्ध से एक घटी पहले और एक घटी बाद का समय अभिजित मुहूर्त कहलाता है,पर बुधवार को यह शुभ नहीं होता।
ब्रह्म मुहूर्त – सूर्योदय से पहले का 1.30 घंटे का समय ब्रह्म मुहूर्त कहलाता है।
प्रदोष काल – सूर्यास्त से 45 मिनट पहले और 45 मिनट बाद का समय प्रदोष काल होता है।
गौधूलिक काल-सूर्यास्त से 12 मिनट पहले एवं
12 मिनट बाद का समय कहलाता है।
🌄✴️भद्रा वास शुभाशुभ विचार✴️🌄
भद्रा मेष, वृष, मिथुन, वृश्चिक के चंद्रमा में स्वर्ग में व कन्या, तुला, धनु, मकर के चंद्रमा में पाताल लोक में और कुंभ, मीन, कर्क, सिंह के चंद्रमा में मृत्युलोक में मानी जाती है।यहां स्वर्ग और पाताल लोक की भद्रा शुभ मानी जाती हैं।और मृत्युलोक की भद्रा काल में शुभ कार्य वर्जित होते हैं।इसी तरह भद्रा फल विचार करें
सूर्योदय कालीन लग्न एवं ग्रह स्पष्ट
लग्न / ग्रह – राशि – अंश – कला – विकला
लग्न ……… वृषभ 18°44′ रोहिणी 3 वी
सूर्य ………. वृषभ 19°12′ रोहिणी 3 वी
चन्द्र ………. धनु 29°1′ उत्तराषाढ़ा 1 भे
बुध …….. ….. मिथुन 9°54′ आद्रा 1 कु
शुक्र …….. मिथुन 24°44′ पुनर्वसु 2 को
मंगल ………….मेष 17°46′ भरणी 2 लू
बृहस्पति ……..कर्क 0°26′ पुनर्वसु 4 ही
शनि …………..मीन 18°21′ रेवती 1 दे
राहू * ……..कुम्भ 9°52′ शतभिषा 1 गो
केतु * ……………सिंह 9°52′ मघा 3 मू
दिन का चौघड़िया
शुभ…………….प्रातः 5.42 से 7.24 तक
चंचल……….पूर्वा. 10.48 से 12.30 तक
लाभ………..अपरा. 12.30 से 2.12 तक
अमृत…………अपरा. 2.12 से 3.54 तक
शुभ…………….सायं. 5.36 से 7.18 तक
रात्रि का चौघड़िया
अमृत…….. सायं-रात्रि. 7.18 से 8.36 तक
चंचल…………… रात्रि. 8.36 से 9.54 तक
लाभ.. रात्रि.12.30 AM से 1.48 AM तक
शुभ….. रात्रि 3.06 AM से 4.24 AM तक
अमृत…रात्रि. 4.24 AM से 5.42 AM तक
(विशेष – ज्योतिष शास्त्र में एक शुभ योग और एक अशुभ योग जब भी साथ साथ आते हैं तो शुभ योग की स्वीकार्यता मानी गई है )
🌞🕉️शुभ शिववास की तिथियां🕉️🌞
शुक्ल पक्ष-2—–5—–6—- 9——-12—-13.
कृष्ण पक्ष-1—4—-5—-8—11—-12—-30.
दिन नक्षत्र एवं चरणाक्षर संबंधी संपूर्ण विवरण
संदर्भ विशेष -यदि किसी बालक का जन्म गंड नक्षत्रों (रेवती, अश्विनी, अश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा और मूल) में होता है तो सविधि नक्षत्र शांति की आवश्यक मानी गयी है जो सविधि होनी चाहिये
आज जन्मे बालकों का नक्षत्र के चरण के समय समय के अनुसार राशिगत् नामाक्षरे….
समय-नक्षत्र नाम-नक्षत्र चरण-चरणाक्षर
07.42 AM तक… उ.षाढ़ा……1.. ….भे________राशि धनु - पाया ताम्र________ ________________________________
02.22 PM तक….उ.षाढ़ा ….2…….भो
09.02 PM तक… उ.षाढ़ा…..3….. ..ज
03.42 AM तक….उ.षाढ़ा…..4.. ….जी
उपरांत रात्रि तक…..श्रवण…. .1…. ..खी
राशि मकर – पाया ताम्र
आज की विशेष प्रस्तुति
धर्म ज्योतिष वास्तु एवं गोचर राशिफल
अधिक मासीय ज्येष्ठी सकंष्ठी चतुर्थी व्रत आज
भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और प्रथम पूज्य देव माना जाता है। हिंदू धर्म में प्रत्येक महीने आने वाली संकष्टी चतुर्थी का विशेष महत्व है। यह व्रत भगवान गणेश को समर्पित होता है और माना जाता है कि इस दिन श्रद्धा और भक्ति से व्रत रखने पर जीवन के सभी संकट, बाधाएं और कष्ट दूर होते हैं।
संकष्टी चतुर्थी क्या है?
“संकष्टी” शब्द का अर्थ है संकटों का नाश करने वाली और “चतुर्थी” का अर्थ है कृष्ण पक्ष की चौथी तिथि। हर महीने पूर्णिमा के बाद कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी मनाई जाती है।
इस दिन भगवान गणेश की विशेष पूजा की जाती है और भक्त सूर्योदय से लेकर चंद्र दर्शन तक व्रत रखते हैं। चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही व्रत खोला जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार संकष्टी चतुर्थी का व्रत करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।आर्थिक समस्याएं कम होती हैं। शिक्षा और करियर में सफलता मिलती है।
परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। भगवान गणेश की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
(ध्यान दें: विभिन्न पंचांगों में स्थान और चंद्रोदय के आधार पर तिथि में हल्का अंतर हो सकता है। स्थानीय पंचांग अवश्य देखें)
संकष्टी चतुर्थी व्रत का महत्व
भगवान गणेश को बुद्धि, विवेक, सफलता और शुभता का देवता माना जाता है। संकष्टी चतुर्थी के दिन उनकी आराधना करने से व्यक्ति के जीवन से नकारात्मकता दूर होती है।
इस व्रत का महत्व निम्न कारणों से विशेष माना जाता है।
- संकटों का नाश
संकष्टी चतुर्थी का मुख्य उद्देश्य जीवन के संकटों को दूर करना है। इसलिए इसे “संकट हरने वाली चतुर्थी” भी कहा जाता है। - करिअर और व्यवसाय में सफलता
जो लोग नौकरी, व्यापार या करियर में समस्याओं का सामना कर रहे हों, उन्हें गणेश जी की उपासना से लाभ प्राप्त होता है। - शिक्षा में उन्नति
विद्यार्थियों के लिए यह व्रत विशेष फलदायी माना जाता है। गणेश जी को ज्ञान और बुद्धि का देवता कहा जाता है। - पारिवारिक सुख-शांति
इस दिन किया गया पूजन घर में सकारात्मक ऊर्जा और खुशहाली लाता है।
संकष्टी चतुर्थी व्रत पूजा विधि
यदि आप संकष्टी चतुर्थी का व्रत कर रहे हैं तो निम्न विधि अपनाएं
प्रातःकाल
ब्रह्म मुहूर्त में उठें।
स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
व्रत का संकल्प लें।
पूजा स्थल को साफ करें।
गणेश पूजन
भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें।
सिंदूर, अक्षत और फूल अर्पित करें।
दूर्वा चढ़ाएं।
मोदक या लड्डू का भोग लगाएं।
गणेश मंत्रों का जाप करें।
प्रमुख मंत्र
ॐ गं गणपतये नमः
इस मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें।
चंद्र दर्शन
शाम को चंद्रमा निकलने पर अर्घ्य दें।
गणेश जी की आरती करें।
प्रसाद ग्रहण करके व्रत का पारण करें।
संकष्टी चतुर्थी पर क्या दान करें?
हिंदू धर्म में व्रत और पूजा के साथ दान का भी विशेष महत्व बताया गया है।
इस दिन आप निम्न दान कर सकते हैं
अन्न दान
वस्त्र दान
फल दान
गौ सेवा
जरूरतमंदों को भोजन
ऐसी धार्मिक सेवाओं और समाज कल्याण कार्यों में योगदान देने के जैसी संस्थाएं भी लोगों को सेवा और दान के माध्यम से पुण्य कार्यों से जोड़ने का प्रयास करती हैं।
संकष्टी चतुर्थी पर क्या करें?
गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ करें।
गणेश चालीसा पढ़ें।
गरीबों की सहायता करें।
मंदिर में दर्शन करें।
मोदक का भोग लगाएं।
भगवान गणेश के मंत्रों का जाप करें।
संकष्टी चतुर्थी पर क्या नहीं करना चाहिए?
क्रोध न करें।
किसी का अपमान न करें।
झूठ बोलने से बचें।
मांस-मदिरा का सेवन न करें।
नकारात्मक विचारों से दूर रहें।
संकष्टी चतुर्थी व्रत के लाभ
आर्थिक लाभ
भगवान गणेश की कृपा से धन संबंधी परेशानियां कम होती हैं।
मानसिक शांति
व्रत और पूजा से मन को शांति मिलती है।
स्वास्थ्य लाभ
उपवास शरीर को भी लाभ पहुंचाता है और आत्मिक शक्ति बढ़ाता है।
वैवाहिक जीवन में सुख
पति-पत्नी के बीच प्रेम और सामंजस्य बढ़ता है।
संतान सुख
कई श्रद्धालु संतान की उन्नति और सुखद भविष्य के लिए भी यह व्रत करते हैं।
संकष्टी चतुर्थी और चंद्र दर्शन का महत्व
संकष्टी चतुर्थी का व्रत चंद्र दर्शन के बिना पूर्ण नहीं माना जाता।
चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही व्रत खोला जाता है। माना जाता है कि चंद्र दर्शन करने से मन की अशांति दूर होती है और व्यक्ति को मानसिक शक्ति प्राप्त होती है।
भगवान गणेश को प्रिय भोग
संकष्टी चतुर्थी पर भगवान गणेश को निम्न भोग अर्पित किए जाते हैं:
मोदक
बेसन के लड्डू
गुड़
नारियल
केले
दूर्वा घास
धार्मिक मान्यता है कि इन भोगों से गणपति शीघ्र प्रसन्न होते हैं।
निष्कर्ष
संकष्टी चतुर्थी भगवान गणेश की कृपा प्राप्त करने का अत्यंत शुभ अवसर माना जाता है।
यदि श्रद्धा, भक्ति और नियमपूर्वक इस व्रत का पालन किया जाए तो भगवान गणेश जीवन के सभी संकटों को दूर कर सुख, समृद्धि और सफलता का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। साथ ही सेवा, दान और परोपकार जैसे कार्यों में भाग लेकर आध्यात्मिक पुण्य भी अर्जित किया जा सकता है।
Q1.संकष्टी चतुर्थी वर्ष में कितनी बार आती ?
वर्ष में 12 संकष्टी चतुर्थी व्रत आते हैं वहीं अधिकमास वाले वर्ष में 13 व्रत आते हैं। विभिन्न पंचांगों के अनुसार कुछ स्थानों पर अक्षांश और देशांतर भेद के कारण अतिरिक्त गणना भी हो सकती है।
Q2. संकष्टी चतुर्थी किस भगवान को समर्पित है?
यह व्रत भगवान श्री गणेश को समर्पित है।
Q3. संकष्टी चतुर्थी का व्रत कब खोला जाता है?
चंद्र दर्शन और चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद व्रत खोला जाता है।
Q4. अंगारकी संकष्टी चतुर्थी क्या होती है?
जब संकष्टी चतुर्थी मंगलवार को पड़ती है तो उसे अंगारकी संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है।
Q5. संकष्टी चतुर्थी पर कौन सा मंत्र जपना चाहिए?
“ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का जाप सबसे शुभ माना जाता है।
Q6. क्या महिलाएं संकष्टी चतुर्थी का व्रत रख सकती हैं?
हाँ, महिलाएं और पुरुष दोनों यह व्रत रख सकते हैं।
Q7. संकष्टी चतुर्थी का मुख्य लाभ क्या है?
यह व्रत जीवन के संकटों को दूर करने और भगवान गणेश की कृपा प्राप्त करने के लिए किया जाता है।
Q8. क्या संकष्टी चतुर्थी पर दान करना शुभ होता है?
हाँ, इस दिन अन्न दान, वस्त्र दान और सेवा कार्य अत्यंत पुण्यदायक माने जाते हैं।
Q9. क्या बिना चंद्र दर्शन के व्रत पूरा माना जाता है?
परंपरागत रूप से चंद्र दर्शन के बाद ही व्रत का पारण किया जाता है।
आज का राशिफल
मेष-(चू चे चो ला ली लू ले लो अ)
आज अपनी शारीरिक बीमारी के सही होने की काफ़ी संभावनाएँ हैं और इसके चलते आप शीघ्र ही खेल-कूद में हिस्सा ले सकते हैं। आपको मेरी सलाह है कि शराब सिगरेट जैसी चीजों पर पैसा खर्च न करें, ऐसा करना आपके स्वास्थ्य को तो खराब करता ही है आपकी आर्थिक स्थिति भी इससे बिगड़ती है। अपनी बातों पर क़ाबू रखें, क्योंकि इसके चलते बड़े-बुज़ुर्ग आहत महसूस कर सकते हैं। बेकार की बातें करके समय बर्बाद करने से बेहतर है कि आप शांत रहें। याद रखें कि समझदार कामों के ज़रिए ही हम जीवन को अर्थ देते हैं। उन्हें महसूस करने दें कि आप उनका ख़याल रखते हैं। आपको अपने प्रिय के साथ समय बिताने की ज़रूरत है, ताकि आप दोनों एक-दूसरे को अच्छी तरह से जान व समझ सकें। खुदरा और थोक व्यापारियों के लिए अच्छा दिन है। इस राशि के छात्र छात्राओं को आज के दिन पढ़ाई में मन लगाने में दिक्कतें आ सकती हैं। आज आप अपना कीमती समय दोस्तों के चक्कर में बर्बाद कर सकते हैं। पारिवारिक विवादों के कारण आज आपका वैवाहिक जीवन प्रभावित रह सकता है।
वृषभ-(इ उ एओ वा वी वू वे वो)
आज के दिन आराम करना ज़रूरी साबित होगा, क्योंकि आप हाल के दिनों में भारी मानसिक दबाव से गुज़रे हैं। नयी गतिविधियाँ और मनोरंजन आपके लिए विश्राम करने में सहायक सिद्ध होंगे। आज आपको भूमि, रिअल-एस्टेट या सांस्कृतिक परियोजनाओं पर ध्यान केन्द्रित करने की ज़रूरत है। अपने परिवार के सदस्यों की भावनाओं को आहत करने से बचने के लिए अपने ग़ुस्से पर क़ाबू रखिए। यात्राओं से व्यवसाय के नए मौक़े मिलेंगे। अगर आप किसी विवाद में उलझ जाएँ तो तल्ख़ टिप्पणी करने से बचिए। बिजली कटौती या फिर किसी अन्य वजह से आपको सुबह तैयार होने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन जीवनसाथी की ओर से इससे निबटने में काफ़ी मदद मिलेगी।
मिथुन- (क की कू घ ङ छ के को ह)
आज अपने मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दें, जो आध्यात्मिक जीवन के लिए आवश्यक है। मस्तिष्क जीवन का द्वार है, क्योंकि अच्छा-बुरा सब-कुछ इसी के माध्यम से आता है। यही ज़िंदगी की समस्याएँ दूर करने में सहायक सिद्ध होती है और सही सोच से इंसान को आलोकित करता है। अगर आपका धन से जुड़ा कोई मामला कोर्ट-कचहरी में अटका था तो आज उसमें आपको विजय मिल सकती है और आपको धन लाभ हो सकता है। भावनात्मक तौर पर ख़तरा उठाना आपके पक्ष में जाएगा। हर रोज़ प्रेम में पड़ने की अपनी आदत को बदलिए। आज आराम के लिए बहुत कम समय है- क्योंकि पहले के टाले हुए काम आपको व्यस्त रखेंगे। छात्रोंं के दिमाग में आज प्यार का बुखार छा सकता है और इस वजह से उनका काफी समय बर्बाद हो सकता है। आपका जीवनसाथी आपसे नाराज़ हो सकता है, क्योंकि आप उनसे कोई बात साझा करना भूल गए थे।
कर्क- (ही हू हे हो डा डी डू डे डो)
आज छोटी-छोटी चीज़ों को ख़ुद के लिए परेशानी का सबब न बनने दें। आज अगर आप दूसरों की बात मानकर निवेश करेंगे, तो आर्थिक नुक़सान तक़रीबन पक्का है। आपका प्रिय आपको ख़ुश रखने के लिए कुछ ख़ास करेगा। कार्यक्षेत्र में किसी विशेष व्यक्ति से आपकी मुलाक़ात हो सकती है। किसी भी स्थिति में आपको अपने समय का ख्याल रखना चाहिए याद रखिये अगर समय की कद्र नहीं करेंगे तो इससे आपको ही नुक्सान होगा। आज आप अपने जीवनसाथी के साथ कुछ बेहतरीन पल गुज़ार सकेंगे।
सिंह- (मा मी मू मे मो टा टी टू टे)
आज आप ऊर्जा से भरपूर होंगे- आप जो भी करेंगे उसे आप उससे आधे वक़्त में ही कर देंगे, जितना वक़्त आप अक्सर लेते हैं। नया आर्थिक क़रार अंतिम रूप लेगा और धन आपकी तरफ़ आएगा। घरेलू मामलों पर तुरंत ध्यान देने की ज़रूरत है। आपकी ओर से की गयी लापरावाही महंगी साबित हो सकती है। अपने प्रिय की छोटी-मोटी भूल को अनदेखा करें। काम की अधिकता के बावजूद भी आज कार्यक्षेत्र में आपमें ऊर्जा देखी जा सकती है। आज आप दिये गये काम को तय वक्त से पहले ही पूरा कर सकते हैं। आज आप जीवनसाथी के साथ वक्त बिताने और उनको कहीं घुमाने ले जाने का प्लान करेंगे लेकिन उनकी खराब तबीयत की वजह से यह नहीं हो पाएगा। जब आपका जीवनसाथी जब सारे मनमुटाव भुलाकर प्यार के साथ आपके पास फिर आएगा, तो जीवन और भी सुन्दर लगेगा।
कन्या- (टो प पी पू ष ण ठ पे पो)
आज एक भागमभाग भरे दिन के बावजूद आपकी सेहत पूरी तरह दुरुस्त रहेगी। आज के दिन आप ऊर्जा से भरपूर रहेंगे और संभव है कि अचानक अनदेखा मुनाफ़ा भी मिले। आप अपनी परेशानियों को भूलकर परिवार के साथ अच्छा समय बिताएंगे। आप के दिल की धड़कनें आपके प्रिय के साथ कुछ ऐसे चलेंगी कि आज जीवन में प्यार का संगीत बज उठेगा। लोग आपको अपने बढ़िया काम के लिए कार्यक्षेत्र में पहचानेंगे। रात के समय आज आप घर के लोगों से दूर होकर अपने घर की छत या किसी पार्क में टहलना पसंद करेंगे। विवादों की एक लम्बी कड़ी आपके रिश्तों को कमजोर कर सकती है अत: इसे हल्के में लेना ठीक नहीं होगा।
तुला- (रा री रू रे रो ता ती तू ते)
आज आपको खेल-कूद में हिस्सा लेने की ज़रूरत है, क्योंकि चिर यौवन का रहस्य यही है। आज सफलता का मंत्र यह है कि उन लोगों की सलाह पर पैसे लगाएँ, जो मौलिक सोच रखते हों और अनुभवी भी हों। अगर आप सामाजिक जलसों और कार्यक्रमों में भाग लेंगे, तो आप अपने संगी-साथियों की फ़ेहरिस्त में इज़ाफ़ा कर सकते हैं। अपने प्रिय के साथ आज अच्छी तरह बर्ताव करें। नई चीज़ों को सीखने की आपकी ललक क़ाबिल-ए-तारीफ़ है। अपने जरुरी कामों को निपटाकर आज आप अपने लिए समय तो अवश्य निकालेंगे लेकिन इस समय का उपयोग आप अपने हिसाब से नहीं कर पाएंगे। अगर आपके जीवनसाथी का मन खिन्न है और चाहते हैं कि दिन अच्छा गुज़रे, तो चुप्पी साधे रहें।
वृश्चिक- (तो ना नी नू ने नो या यी यू)
आज आप जो शारीरिक बदलाव खुद में करेंगे, वे निश्चित तौर पर आपके रूप-रंग को आकर्षक बनाएगा। आज के दिन धन हानि होने की संभावना है इसलिए लेन-देन से जुड़े मामलों में जितना आप सतर्क रहेंगे उतना ही आपके लिए अच्छा रहेगा। आपका ज़्यादातर समय दोस्तों और परिवार के साथ बीतेगा। खुदरा और थोक व्यापारियों के लिए अच्छा दिन है। यह दिन बेहतरीन दिनों में से एक हो सकता है। आज दिन में आप कई अच्छे प्लान भविष्य के लिए बना सकते हैं लेकिन शाम के वक्त किसी दूर के रिश्तेदार के घर में आ जाने के कारण आपके सारे प्लान धरे के धरे रह सकते हैं। ठीक कम्यूनिकेशन न होने के चलते परेशानी खड़ी हो सकती है, लेकिन मिल-बैठकर बात करने से चीज़ें सुजझाई जा सकती हैं।
धनु-ये यो भा भी भू धा फा ढ़ा भे)
आज अपनी शारीरिक सेहत सुधारने के लिए संतुलित आहर लें आज आप घर से बाहर तो बहुत सकारात्मकता के साथ निकलेंगे लेकिन किसी कीमती वस्तु के चोरी होने की वजह से आपका मूड खराब हो सकता है। रिश्तेदारों के यहाँ छोटी यात्रा आपके भागदौड़ भरे दिन में आराम और सुकून देने वाली साबित होगी। आज आप अपने जीवन की परेशानियों को अपने संगी से साझा करना चाहेंगे लेकिन वो अपनी परेशानियों के बारें में बता के आपको और ज्यादा परेशान कर देंगे। साझीदार से संवाद क़ायम करना बहुत कठिन सिद्ध होगा। किसी भी स्थिति में आपको अपने समय का ख्याल रखना चाहिए याद रखिये अगर समय की कद्र नहीं करेंगे तो इससे आपको ही नुक्सान होगा। आपके और आपके जीवनसाथी के बीच कोई बाहरी व्यक्ति दूरी पैदा करने की कोशिश कर सकता है, लेकिन आप दोनों स्थिति संभाल लेंगे।
मकर- (भो जा जी खी खू खे खो गा गी)
आज आप आज ख़ुद को रोज़ाना की अपेक्षा कम ऊर्जावान महसूस करेंगे। स्वयं को ज़रूरत से ज़्यादा काम के


