श्रीडूंगरगढ़ टुडे 23 मई 2026
श्रीडूंगरगढ़ स्वास्थ्य सेवाओं किए जा रहे बड़े-बड़े दावे धरातल पर अब कमजोर होते नजर आ रहे हैं।श्रीडूंगरगढ़ गत वर्ष श्रीडूंगरगढ़ के राजकीय उप जिला अस्पताल में सोनोग्राफी मशीन लगाई गई और जोर शोर से प्रचार प्रसार किया गया विधायक ताराचंद सारस्वत ने इस सोनोग्राफी मशीन का शुभारंभ किया था लेकिन कुछ ही महीनो बाद आई तेज बारिश अतिवृष्टि से अस्पताल में पानी भर गया और सोनोग्राफी मशीन खराब हो गई।
करीबन 9 महीने बीत जाने के बाद भी आज तक यह सोनोग्राफी मशीन ठीक नहीं करवाई गई है। सोनोग्राफी मशीन को लगाने का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को सुविधा देना था और सरकारी अस्पताल में ही तीन दिन उनकी निशुल्क सोनोग्राफी जांच हो रही थी लेकिन इतना लंबे समय बीच आने के बाद भी इस मशीन का ठीक नहीं करवाना बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं ।भले ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा बाहर निजी अस्पतालों में सरकार की तरफ से अनुबंध करके सोनोग्राफी करवाई जा रही है लेकिन जो सुविधा सरकारी अस्पताल में समय पर मिल जाती उसके लिए गर्भवती महिलाओं को दर-दर भटकना पड़ रहा है ।
आम जन द्वारा अस्पताल प्रशासन को बार-बार शिकायत करने के बाद भी आज तक यह मशीन ठीक नहीं करवाई गई है, इसको लेकर कई बार उच्च अधिकारियों को भी अवगत करवाया गया लेकिन कागजों में ही पत्राचार चल रहा है और अब तक कोई ठोस निर्णय स्वास्थ्य विभाग द्वारा नहीं लिया गया है । जानकारी के अनुसार इस मशीन में तीन से चार लाख रुपए का खर्च आएगा जिसकी स्वीकृति बड़े स्तर पर आज तक नहीं दी गई और इस वजह से यह कार्य अटका पड़ा है और बारिश में मशीन खराब होने की वजह से कंपनी द्वारा भी इसकी गारंटी नहीं देने की बात की जा रही है।
कारण जो भी हो स्वास्थ्य विभाग व जन प्रतिनिधियों को इस पर संज्ञान लेकर गर्भवती महिलाओं के हित को देखते हुए इस मशीन को जल्द से जल्द शुरू करवाना चाहिए क्योंकि राज्य सरकार हमेशा महिला स्वास्थ्य को लेकर चिंतित है लेकिन धरातल पर यह योजनाएं पूरी तरह से शून्य नजर आ रही है यूं कहे तो स्थानीय स्वास्थ्य विभाग व जिला स्तर के बीच आपस में समन्वय नहीं
विभाग व जिला स्तर के बीच आपस में समन्वय नहीं होना इसका मुख्य कारण माना जा रहा है।
श्रीडूंगरगढ़ उप जिला अस्पताल प्रभारी ओमप्रकाश स्वामी का कहना कि हमारे द्वारा पत्राचार किया जा रहा है और अभी तक हमें लिखित में कोई आदेश नहीं मिल पाया है आगामी मीटिंग में इसको लेकर कोई ठोस निष्कर्ष निकाला जाएगा।
कारण जो भी हो आम जन के हित को देखते हुए इसका समाधान करना बेहद जरूरी है ताकि महिलाओं को यह सुविधा फिर से सरकारी अस्पताल में उपलब्ध हो सके।


