श्रीडूंगरगढ़ टुडे 26 मई 2026
संतों और तपस्वियों की भूमि के रूप में पहचान रखने वाला सिंथल गांव एक बार फिर अपने सेवा कार्यों को लेकर चर्चा में है। गांव की बहिन बेटियों ने बेज़ुबान मूक पक्षियों के संरक्षण एवं दाना-पानी की व्यवस्था के लिए ऐतिहासिक पहल करते हुए रामद्वारे में 67 फीट लंबा विशाल चबूतरा बनवाया है। यह गगनचुंबी चबूतरा पक्षियों के लिए सुरक्षित आशियाने के रूप में तैयार किया गया है, जिस पर लगभग पांच लाख रुपए की लागत आई है।
संत रामरतन महाराज एवं समाजसेवी डूंगरदान बिठू ने बताया कि रामद्वारे में प्रतिदिन बड़ी संख्या में पक्षी आते हैं। गर्मी के मौसम में उन्हें सुरक्षित स्थान एवं दाना-पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गांव की महिलाओं और बेटियों ने यह अनूठा सेवा कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि सिंथल गांव के लोग पहले से ही राजकीय सेवाओं एवं भारतीय सेना में अपनी विशेष पहचान रखते हैं और अब गांव की बेटियां भी सामाजिक सेवा में नई मिसाल कायम कर रही हैं। इस पुनीत कार्य की सिंथल सहित आसपास के गांवों में खूब सराहना हो रही है।


