श्री डूंगरगढ़ टुडे 11अक्टूबर 2025
पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है। शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचाग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है। पंचांग में सूर्योदय सूर्यास्त, चद्रोदय-चन्द्रास्त काल, तिथि, नक्षत्र, मुहूर्त योगकाल, करण, सूर्य-चंद्र के राशि, चौघड़िया मुहूर्त दिए गए हैं।
🙏श्री गणेशाय नमः🙏
🙏जय श्री कृष्णा🙏
🕉️आज का पंचांग-11.10.2025🕉️
️दैनिक गोचर राशिफल सहित✴️
🕉️ शुभ शनिवार – 🌞 – शुभ प्रभात् 🕉️
74-30💥मध्यमान💥75-30
(केतकी चित्रापक्षीय गणितानुसारेण निर्मितम्)
आज विशेष
जीवन में सुख शांति समृद्धि और सुरक्षा में
सहायक 10 शक्तिशाली मंत्र पढ़ें और पढ़ायें
दैनिक पंचांग विवरण
आज दिनांक………………….11.10.2025
कलियुग संवत्…………………………5127
विक्रम संवत्…………………………. 2082
शक संवत्……………………………..1947
संवत्सर…………………………. श्री सिद्धार्थी
अयन…………………………………..दक्षिण
गोल………………………. …………..दक्षिण
ऋतु…………………………………… ..शरद्
मास………………………………… .कार्त्तिक
पक्ष……………………………………. कृष्णा
तिथि………पंचमी. अपरा. 4.44 तक / षष्ठी
वार…………………………………. .शनिवार
नक्षत्र…रोहिणी. अपरा. 3.20 तक / मृगशिरा
चंद्रमा………… वृषभ. रात्रि. 2.24* / मिथुन
योग..व्यतिपात्. अपरा. 2.06 तक / वरीयान
करण……………..तैत्तिल. अपरा. 4.44 तक
करण……….गर. रात्रि. 3.26* तक / वणिज
नोट-जिस रात्रि समय के ऊपर(*) लगा हुआ हो
वह समय अर्द्ध रात्रि के बाद सूर्योदय तक का है।
विभिन्न नगरों के सूर्योदय में समयांतर मिनट
दिल्ली -10 मिनट———जोधपुर +6 मिनट
जयपुर -5 मिनट——अहमदाबाद +8 मिनट
इंदौर – 4 मिनट————-मुंबई +7 मिनट
लखनऊ – 25 मिनट——बीकानेर +5 मिनट
कोलकाता -54 मिनट–जैसलमेर +15 मिनट
सूर्योंदयास्त दिनमानादि-अन्य आवश्यक सूची
सूर्योदय…………………. प्रातः 6.29.03 पर
सूर्यास्त…………………..सायं. 6.06.46 पर
दिनमान-घं.मि.से……………….. 11.37.43
रात्रिमान………………………….12.22.45
चंद्रास्त………………….11.00.55 AM पर
चंद्रोदय……………………9.30.47 PM पर
राहुकाल. प्रातः 9.23 से 10.51 तक(अशुभ)
यमघंट….अपरा. 1.45 से 3.12 तक(अशुभ)
गुलिक…..प्रातः 6.29 से 7.56 (शुभे त्याज्य)
अभिजित……मध्या.11.55 से 12.41(शुभ)
पंचक…………………………. . आज नहीं है।
हवन मुहूर्त………………………….. आज है।
दिशाशूल………………………….. पूर्व दिशा
दोष परिहार….. उड़द का सेवन कर यात्रा करें
🌄विशिष्ट काल-मुहूर्त-वेला परिचय🌄
अभिजित् मुहुर्त – दिनार्द्ध से एक घटी पहले और एक घटी बाद का समय अभिजित मुहूर्त कहलाता है,पर बुधवार को यह शुभ नहीं होता
ब्रह्म मुहूर्त – सूर्योदय से पहले का 1.30 घंटे का समय ब्रह्म मुहूर्त कहलाता है।
प्रदोष काल – सूर्यास्त के पहले 45 मिनट और
बाद का 45 मिनट प्रदोष माना जाता हैं।
गौधूलिक काल– सूर्यास्त से 12 मिनट पहले एवं
12 मिनट बाद का समय कहलाता है।
🌄✴️भद्रा वास शुभाशुभ विचार✴️🌄
भद्रा मेष, वृष, मिथुन, वृश्चिक के चंद्रमा में स्वर्ग में व कन्या, तुला, धनु, मकर के चंद्रमा में पाताल लोक में और कुंभ, मीन, कर्क, सिंह के चंद्रमा में मृत्युलोक में मानी जाती है यहां स्वर्ग और पाताल लोक की भद्रा शुभ मानी जाती हैं और मृत्युलोक की भद्रा काल में शुभ कार्य वर्जित होते हैं इसी तरह भद्रा फल विचार करें
✴️सूर्योदय कालीन लग्न एवं ग्रह स्पष्ट✴️
लग्न ………….. कन्या 23°21′ चित्रा 1 पे
सूर्य …………… कन्या 23°45′ चित्रा 1 पे
चन्द्र ……….. वृषभ 17°58′ रोहिणी 3 वी
बुध ……………..तुला 12°14′ स्वाति 2 रे
शुक्र ….कन्या 2°16′ उत्तर फाल्गुनी 2 टो
मंगल …………तुला 18°33′ स्वाति 4 ता
बृहस्पति …..मिथुन 29°21′ पुनर्वसु 3 हा
शनि * …….मीन 2°54′ पूर्वभाद्रपद 4 दी
राहू * …..कुम्भ 22°22′ पूर्वभाद्रपद 1 से
केतु * … सिंह 22°22′ पूर्व फाल्गुनी 3 टी
✴️🌄दिन का चौघड़िया🌄✴️
शुभ………………प्रातः 7.56 से 9.23 तक
चंचल…………अपरा. 12.18 से 1.45 तक
लाभ…………….अपरा 1.45 से 3.12 तक
अमृत…………..अपरा. 3.12 से 4.40 तक
✴️🌄रात्रि का चौघड़िया🌄✴️
लाभ………सायं-रात्रि. 6.07 से 7.40 तक
शुभ…………….रात्रि. 9.12 से 10.45 तक
अमृत…..रात्रि. 10.45 से 12.18 AM तक
चंचल..रात्रि.12.18 AM से 1.51 AM तक
लाभ….रात्रि. 4.57 AM से 6.30 AM तक
(विशेष – ज्योतिष शास्त्र में एक शुभ योग और एक अशुभ योग जब भी साथ साथ आते हैं तो शुभ योग की स्वीकार्यता मानी गई है )
🌞🕉️शुभ शिववास की तिथियां🕉️🌞
शुक्ल पक्ष-2—–5—–6—- 9——-12—-13.
कृष्ण पक्ष-1—4—-5—-8—11—-12—-30.
दिन नक्षत्र एवं चरणाक्षर संबंधी संपूर्ण विवरण
संदर्भ विशेष -यदि किसी बालक का जन्म गंड नक्षत्रों (रेवती, अश्विनी, अश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा और मूल) में होता है तो सविधि नक्षत्र शांति की आवश्यक मानी गयी है और करवाना चाहिये..
आज जन्मे बालकों का नक्षत्र के चरण के समय समय के नुसार राशिगत् नामाक्षर….
समय-नक्षत्र नाम-नक्षत्र चरण-चरणाक्षर
09.50 AM तक—-रोहिणी—–3 —–वी
03.20 PM तक—-रोहिणी—–4——-वू
08.50 PM तक—मृगशिरा—–1——-वे
02.24 AM तक—मृगशिरा—–2——-वो
राशि वृषभ – पाया स्वर्ण
उपरांत रात्रि तक---मृगशिरा-----3-------क
राशि मिथुन – पाया स्वर्ण _
आज का दिन
व्रत विशेष…………………………… नहीं है।
अन्य व्रत…………..कार्तिक स्नान व्रत जारी पर्व विशेष………….. पद्म प्रभु जयंति (जैन)
दिन विशेष…………………. चातुर्मास जारी
दिन विशेष…………… विश्व बालिका दिवस
दिन विशेष……………. विश्व मोटापा दिवस
दिन विशेष…… जय प्रकाश नारायण जयंती
पंचक……………………………….. नहीं है।
विष्टि(भद्रा)…………………………. .नहीं है।
हवन मुहूर्त…………………………. आज है। खगोलीय……………………… आज नहीं है।
सर्वा.सि.योग………………….. आज नहीं है।अमृ.सि.योग….. .उदयात्.अपरा. 3.20 तक सिद्ध रवियोग.प्रातः…………… आज नहीं है।
अगले दिन की प्रतीकात्मक जानकारी
आज दिनांक………………. 12.10.2025
तिथि…………..कार्तिक कृष्णा षष्ठी रविवार
व्रत विशेष…………………………… नहीं है।
अन्य व्रत…………..कार्तिक स्नान व्रत जारी पर्व विशेष…………………………… नहीं है।
दिन विशेष…………………. चातुर्मास जारी
दिन विशेष…………………विश्व दृष्टि दिवस
दिन विशेष……… .विश्व आर्थराइटिस दिवस
पंचक……………………………….. नहीं है।
विष्टि(भद्रा)..अप. 2.17 से रात्रि 1.17* तक
हवन मुहूर्त…………………………. आज है। खगोलीय……………………… आज नहीं है।
सर्वा.सि.योग…………………. आज नहीं है। अमृ.सि.योग…………………… आज नहीं है।
सिद्ध रवियोग… अपरा. 1.37* से रात्रि पर्यंत
✴️आज की विशेष प्रस्तुति✴️
💥धर्म ज्योतिष वास्तु एवं गोचर राशिफल 💥
जीवन में सुख शांति समृद्धि और सुरक्षा में सहायक 10 शक्तिशाली मंत्र पढ़ें और पढ़ायें
मंत्र’ का अर्थ होता है मन को एक तंत्र में बांधना। यदि अनावश्यक और अत्यधिक विचार उत्पन्न हो रहे हैं और जिनके कारण चिंता पैदा हो रही है, तो मंत्र सबसे कारगर औषधि है। आप जिस भी ईष्ट की पूजा, प्रार्थना या ध्यान करते हैं उसके नाम का मंत्र जप सकते हैं।
मंत्र 3 प्रकार के हैं- सात्विक, तांत्रिक और साबर। सभी मंत्रों का अपना-अलग महत्व है। प्रतिदिन जपने वाले मंत्रों को सात्विक मंत्र माना जाता है। आओ जानते हैं ऐसे कौन से मंत्र हैं जिनमें से किसी एक को प्रतिदिन जपना चाहिए जिससे मन की शक्ति ही नहीं बढ़ती, बल्कि सभी संकटों से मुक्ति भी मिलती है।
इन मंत्रों के जप या स्मरण के वक्त सामान्य पवित्रता का ध्यान रखें। जैसे घर में हो तो देवस्थान में बैठकर, कार्यालय में हो तो पैरों से जूते-चप्पल उतारकर इन मंत्र और देवताओं का ध्यान करें। इससे आप मानसिक बल पाएंगे, जो आपकी ऊर्जा को जरूर बढ़ाने वाले साबित होंगे।
पहला मं-त्रक्लेशनाशक मंत्र : कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने। प्रणत क्लेशनाशाय गोविन्दाय नमो नम:॥
मंत्र प्रभाव : इस मंत्र का नित्य जप करने से कलह और क्लेशों का अंत होकर परिवार में खुशियां वापस लौट आती हैं।
दूसरा मंत्र-शांतिदायक मंत्र : श्री राम, जय राम, जय जय राम
हनुमानजी भी राम नाम का ही जप करते रहते हैं। कहते हैं राम से भी बढ़कर श्रीराम का नाम है। इस मंत्र का निरंतर जप करते रहने से मन में शांति का प्रसार होता है, चिंताओं से छुटकारा मिलता है तथा दिमाग शांत रहता है। राम नाम के जप को सबसे उत्तम माना गया है। यह सभी तरह के नकारात्मक विचारों को समाप्त कर देता है और हृदय को निर्मल बनाकर भक्ति भाव का संचार करता है।
तीसरा मंत्र-चिंता मुक्ति मंत्र : ॐ नम: शिवाय।
मंत्र प्रभाव : इस मंत्र का निरंतर जप करते रहने से चिंतामुक्त जीवन मिलता है। यह मंत्र जीवन में शांति और शीतलता प्रदान करता है। शिवलिंग पर जल व बिल्वपत्र चढ़ाते हुए यह शिव मंत्र बोलें व रुद्राक्ष की माला से जप भी करें। तीन शब्दों का यह मंत्र महामंत्र है।
चौथा मंत्र-संकटमोचन मंत्र : ॐ हं हनुमते नम:।
मंत्र प्रभाव : यदि दिल में किसी भी प्रकार की घबराहट, डर या आशंका है तो निरंतर प्रतिदिन इस मंत्र का जप करें और फिर निश्चिंत हो जाएं। किसी भी कार्य की सफलता और विजयी होने के लिए इसका निरंतर जप करना चाहिए। यह मंत्र आत्मविश्वास बढ़ाता है।
हनुमानजी को सिंदूर, गुड़-चना चढ़ाकर इस मंत्र का नित्य स्मरण या जप सफलता व यश देने वाला माना गया है। यदि मृत्युतुल्य कष्ट हो रहा है, तो इस मंत्र का तुरंत ही जप करना चाहिए।
पांचवां मंत्र-शांति, सुख और समृद्धि हेतु : भगवान विष्णु के वैसे तो बहुत मंत्र हैं, लेकिन यहां कुछ प्रमुख प्रस्तुत हैं।
*ॐ नमो नारायण। या श्रीमन नारायण नारायण हरि-हरि।
*ॐ भूरिदा भूरि देहिनो, मा दभ्रं भूर्या भर। भूरि घेदिन्द्र दित्ससि।।
ॐ भूरिदा त्यसि श्रुत: पुरूत्रा शूर वृत्रहन्। आ नो भजस्व राधसि।।
*ॐ नारायणाय विद्महे।
वासुदेवाय धीमहि।
तन्नो विष्णु प्रचोदयात्।।
*त्वमेव माता च पिता त्वमेव।
त्वमेव बन्धुश्च सखा त्वमेव।।
त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव।
त्वमेव सर्व मम देवदेव।।
*शांताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशम्।
विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम्।।
लक्ष्मीकान्तंकमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यम्।
वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्।।
मंत्र प्रभाव : भगवान विष्णु को जगतपालक माना जाता है। वे ही हम सभी के पालनहार हैं इसलिए पीले फूल व पीला वस्त्र चढ़ाकर उक्त किसी एक मंत्र से उनका स्मरण करते रहेंगे, तो जीवन में सकारात्मक विचारों और घटनाओं का विकास होकर जीवन खुशहाल बन जाएगा। विष्णु और लक्ष्मी की पूजा एवं प्रार्थना करते रहने से सुख और समृद्धि का विकास होता है।
छठा मंत्र-मृत्यु पर विजय के लिए महामृंत्युजय मंत्र :
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिंपुष्टिवर्द्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धानान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।
मंत्र प्रभाव : शिव का महामृंत्युजय मंत्र मृत्यु व काल को टालने वाला माना जाता है इसलिए शिवलिंग पर दूध मिला जल, धतूरा चढ़ाकर यह मंत्र हर रोज बोलना संकटमोचक होता है। यदि आपके घर का कोई सदस्य अस्पताल में भर्ती है या बहुत ज्यादा बीमार है तो नियमपूर्वक इस मंत्र का सहारा लें। बस शर्त यह है कि इसे जपने वाले को शुद्ध और पवित्र रहना जरूरी है अन्यथा यह मंत्र अपना असर छोड़ देता है।
सातवां मंत्र-सिद्धि और मोक्षदायी गायत्री मंत्र :
।।ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्।।
अर्थ : उस प्राणस्वरूप, दुःखनाशक, सुखस्वरूप, श्रेष्ठ, तेजस्वी, पापनाशक, देवस्वरूप परमात्मा को हम अंत:करण में धारण करें। वह परमात्मा हमारी बुद्धि को सन्मार्ग में प्रेरित करे।
मंत्र प्रभाव : यह दुनिया का एकमात्र ऐसा मंत्र है, जो ईश्वर के प्रति, ईश्वर का साक्षी और ईश्वर के लिए है। यह मंत्रों का मंत्र सभी हिन्दू शास्त्रों में प्रथम और ‘महामंत्र’ कहा गया है। हर समस्या के लिए मात्र यह एक ही मंत्र कारगर है। बस शर्त यह है कि इसे जपने वाले को शुद्ध और पवित्र रहना जरूरी है अन्यथा यह मंत्र अपना असर छोड़ देता है।
आठवां मंत्र-समृद्धिदायक मंत्र : ॐ गं गणपते नम:।
मंत्र प्रभाव : भगवान गणेश को विघ्नहर्ता माना गया है। सभी मांगलिक कार्यों की शुरुआत में श्री गणेशाय नम: मंत्र का उत्चारण किया जाता है। उक्त दोनों मंत्रों का गणेशजी को दूर्वा व चुटकीभर सिंदूर व घी चढ़ाकर कम से कम 108 बार जप करें। इससे जीवन में सभी तरह के शुभ और लाभ की शुरुआत होगी।
नौवां मंत्र-अचानक आए संकट से मुक्ति हेतु : कालिका का यह अचूक मंत्र है। इसे माता जल्द से सुन लेती हैं, लेकिन आपको इसके लिए सावधान रहने की जरूरत है। आजमाने के लिए मंत्र का इस्तेमाल न करें। यदि आप काली के भक्त हैं तो ही करें।
ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं परमेश्वरि कालिके स्वाहा।
मंत्र प्रभाव : इस मंत्र का प्रतिदिन 108 बार जाप करने से आर्थिक लाभ मिलता है। इससे धन संबंधित परेशानी दूर हो जाती है। माता काली की कृपा से सब काम संभव हो जाते हैं। 15 दिन में एक बार किसी भी मंगलवार या शुक्रवार के दिन काली माता को मीठा पान व मिठाई का भोग लगाते रहें।
दसवां मंत्र – दरिद्रतानाशक मंत्र : ॐ ह्रीं ह्रीं श्री लक्ष्मी वासुदेवाय नम:।
मंत्र प्रभाव : इस मंत्र की 11 माला सुबह शुद्ध भावना से दीप जलाकर और धूप देकर जपने से धन, सुख, शांति प्राप्त होती है। खासकर धन के अभाव को दूर करने के लिए इस मंत्र का जप करना चाहिए।
✴️ 🕉️आज का राशिफल🕉️ ✴️
मेष-(चू चे चो ला ली लू ले लो अ)
आज के दिन लगातार शारीरिक दर्द परेशान कर सकता है। इसे नज़रअंदाज़ न करें, ख़ास तौर पर जब इसके साथ कमज़ोरी भी महसूस हो रही हो। आज के दिन आराम करना बहुत अहम है। जिन लोगों ने लोन लिया था आज उन्हें उस लोन की राशि को चुकाने में दिक्कतें आ सकती हैं। परिवार के सदस्य सहयोगी होंगे, लेकिन उनकी काफ़ी सारी मांगें होंगी। अटके कामों के बावजूद रोमांस और बाहर घूमना-फिरना आपके दिलो-दिमाग़ पर छाया रहेगा। पैसा, प्यार, परिवार से दूर होकर आज आप आनंद की तलाश में किसी आध्यात्मिक गुरु से मिलने जा सकते हैं। आपका जीवनसाथी आपकी बहुत तारीफ़ करेगा और आप पर बहुत स्नेह उढ़ेलेगा। स्वास्थ्य को नज़रअंदाज़ करने से तनाव बढ़ना संभव है, इसलिए डॉक्टरी सलाह आपके लिए कारगर सिद्ध हो सकती है।
वृषभ-(इ उ एओ वा वी वू वे वो)
आज का दिन मौज-मस्ती और आनन्द से भरा रहेगा- क्योंकि आप ज़िन्दगी को पूरी तरह जिएंगे। यात्रा आपको थकान और तनाव देगी- लेकिन आर्थिक तौर पर फ़ायदेमंद साबित होगी। उन लोगों के साथ कुछ समय बिताएँ, जो आपको चाहते हैं और आपका ख़याल रखते हैं। अपने रोमांटिक ख़यालों को हर किसी को बताने से बचें। आपको ऐसी जगहों से महत्वपूर्ण बुलावा आएगा, जहाँ से आपने इसकी कभी कल्पना भी न की हो। संभव है कि आपका जीवनसाथी आज आपके लिए पर्याप्त समय न निकाल पाए। संभव है कि आध्यात्मिकता की ओर तीव्र खिंचाव महसूस हो। साथ ही संभव है कि किसी योग कैंप में जाना हो, किसी धर्मगुरू के प्रवचन सुनने का योग बने या फिर कोई आध्यात्मिक पुस्तक पढ़ें।
मिथुन- (क की कू घ ङ छ के को ह)
आज मानसिक और नैतिक शिक्षा के साथ शारीरिक शिक्षा भी लें, केवल तभी सर्वांगीण विकास संभव है। याद रखें कि एक स्वस्थ शरीर में ही एक स्वस्थ दिमाग़ निवास करता है। घर के जरुरी सामान पर धन खर्च करके आपको आर्थिक परेशानी तो आज जरुर होगी लेकिन इससे आप भविष्य की कई परेशानियों से बच जाएंगे। आपके आकर्षण और व्यक्तित्व के ज़रिए आपको कुछ नए दोस्त मिलेंगे। अपनी व्यक्तिगत भावनाएँ और गोपनीय बातें अपने प्रिय से बाँटने का सही समय नहीं है। कार्यक्षेत्र में किसी काम के अटकने की वजह से आज आपका शाम का कीमती वक्त खराब हो सकता है। जीवनसाथी की ओर से जानबूझ कर भावनात्मक चोट मिल सकती है, जिसके चलते आप उदास हो सकते हैं।
कर्क- (ही हू हे हो डा डी डू डे डो)
आज आपके पास प्रचुर ऊर्जा होगी- लेकिन काम का बोझ आपकी खीज की वजह बन सकता है। आज आपकी कोई चल संपत्ति चोरी हो सकती है इसलिए जितना हो सके इनका ध्यान रखें। मुश्किल दौर में आपकी जिन रिश्तेदारों ने मदद की है, उनके लिए अपनी कृतज्ञता को व्यक्त करें। आपका यह छोटा-सा काम उनके उत्साह को बढ़ाएगा। कृतज्ञता जीवन की सुगंध को फैलाती है और अहसान-फ़रामोशी इसे तार-तार कर देती है। उदास न हों, कभी-कभी विफल होना कोई ख़राब बात नहीं है। वह तो ज़िंदगी की ख़ूबसूरती है। आज आप व्यस्त दिनचर्या के बावजूद भी अपने लिए समय निकाल पाने में समर्थ होंगे और इस खाली समय में अपने परिवार वालों के साथ गुफ्तगू कर सकते हैं। रिश्तेदारों को लेकर जीवनसाथी के साथ नोंकझोंक हो सकती है। आज का दिन तनाव से मुक्त रहने की कोशिश करें, इसलिए आराम करने पर ज़ोर दें।
सिंह- (मा मी मू मे मो टा टी टू टे)
आज आप खेल-कूद में हिस्सा ले सकते हैं, जो आपको तन्दुरुस्त बनाए रखेगा। जो लोग अपने करीबियों या रिश्तेदारों के साथ मिलकर बिजनेस कर रहे हैं उन्हें आज बहुत सोच समझकर कदम रखने की जरुरत है नहीं तो आर्थिक नुक्सान हो सकता है। घर के माहौल की वजह से आप उदास हो सकते हैं। आपकी आकर्षक छवि मनचाहा परिणाम देगी। आज किसी सहकर्मी के साथ आप शाम का वक्त बिता सकते हैं हालांकि अंत में आपको महसूस होगा कि आपने उनके साथ समय बर्बाद किया है और कुछ नहीं। आप और आपका जीवनसाथी मिलकर वैवाहिक जीवन की बेहतरीन यादें रचेंगे। आध्यात्म की ओर आज आपका झुकाव देखा जा सकता है और आप किसी आध्यात्मिक गुरु से मिलने जा सकते हैं।
कन्या- (टो प पी पू ष ण ठ पे पो)
आज आपके बच्चे आपके मुताबिक़ नहीं चलेंगे, जो आपके झुंझलाहट की वजह बन सकता है। आपको ख़ुद पर नियंत्रण रखना चाहिए, क्योंकि नाराज़गी सभी के लिए नुक़सानदेह है और यह सोचने-समझने की ताक़त को ख़त्म कर देती है। इससे सिर्फ़ मुश्किल बढ़ती है। आज सिर्फ़ बैठने की बजाय कुछ ऐसा कीजिए जो आपकी कमाई में वृद्धि कर सके। आज किसी ऐसे इंसान से मिलने की संभावना है जो आपके दिल को गहराई से छूएगा। अगर आज आप यात्रा कर रहे हैं तो आपको अपने सामान की अतिरिक्त सुरक्षा करने की ज़रूरत है। यह शादीशुदा ज़िन्दगी के सबसे ख़ास दिनों में से एक है। आपको प्रेम की गहराई का अनुभव करेंगे। ग़ज़ब का दिन है – फ़िल्म, पार्टी और दोस्तों के साथ घूमना-फिरना संभव है।
तुला- (रा री रू रे रो ता ती तू ते)
आज अपनी शारीरिक चुस्ती-फुर्ती को बनाए रखने के लिए आप आज का दिन खेलने में व्यतीत कर सकते हैं। आपको कई स्रोतों से आर्थिक लाभ होगा। आप अपने बच्चों से कुछ सबक़ सीखने वाले हैं। उनकी मासूमियत उनके आस-पास के लोगों में स्नेह व उत्साह के बल पर औरों में बदलाव ला सकती है। वह काम जो आज आप दूसरों के लिए स्वेच्छा से करेंगे, न सिर्फ़ औरों के लिए मददगार साबित होगा बल्कि आपके दिल में ख़ुद की छवि भी सकारात्मक होगी। पारिवारिक विवादों के कारण आज आपका वैवाहिक जीवन प्रभावित रह सकता है। आज बच्चों के साथ समय बिताकर आप कुछ सुकून भरे पल जी सकते हैं।
वृश्चिक- (तो ना नी नू ने नो या यी यू)
आज एक ख़ुशनुमा दिन के लिए मानसिक तनाव और झंझटों से बचें। बाकी दिनों के मुकाबले आज का दिन आर्थिक दृष्टि से अच्छा रहेगा और आपको पर्याप्त धन की प्राप्ति होगी। रिश्तेदारों और दोस्तों से अचानक उपहार मिलेगा। आपके जीवन-साथी के पारिवारिक सदस्यों की वजह से आपका दिन थोड़ा परेशानीभरा हो सकता है। उन लोगों से मेलजोल बढ़ाने से बचें जिनके साथ आपका वक्त खराब होता है। वैवाहिक जीवन में आप कुछ निजता की ज़रूरत महसूस करेंगे। आज आप किसी मुश्किल में पड़ सकते हैं और आपको समझ आ सकता है कि अच्छे दोस्तों का जीवन में होना बहुत जरुरी है।
धनु-ये यो भा भी भू धा फा ढ़ा भे)
आज आप शारीरिक लाभ के लिए, विशेषकर मानसिक तौर पर मज़बूती हासिल करने के लिए ध्यान और योग का आश्रय लें। जो लोग शादीशुदा हैं उन्हें आज अपने बच्चों की पढ़ाई पर अच्छा खासा धन खर्च करना पड़ सकता है। बच्चे भविष्य की योजनाएँ बनाने की अपेक्षा घर के बाहर ज़्यादा समय बिताकर आपको निराश कर सकते हैं। संभव है कि आपके आँसुओं को पोंछने के लिए कोई ख़ास दोस्त आगे आए। कोई रोचक मैगजीन या उपन्यास पढ़ के आजके दिन को आप अच्छी तरह से व्यतीत कर सकते हैं। वैवाहिक जीवन के लिए विशेष दिन है। अपने जीवनसाथी को बताएँ कि आप उनसे कितना प्यार करते हैं। आपका संंगी आज आपके लिए घर पर कोई सरप्राइज डिश बना सकता है जिससे आपके दिन की थकान मिट जाएगी।
मकर- (भो जा जी खी खू खे खो गा गी)
आज किसी सज्जन पुरुष की दैवीय बातें आपको संतोष और ढांढस बंधाएंगी। दिन की शुुरुआत भले ही अच्छी हो लेकिन शाम के वक्त किसी वजह से आपका धन खर्च हो सकता है जिससे आप परेशान होंगे। दिन के उत्तरार्ध में अचानक आई कोई अच्छी ख़बर पूरे परिवार को ख़ुशी देगी। आप आज प्रेमपूर्ण मनोभाव में होंगे, इसलिए अपने प्रिय के साथ कुछ अच्छा समय बिताने की योजना बनाएँ। आपके द्वारा आज खाली समय में ऐसे काम किये जाएंगे जिनके बारे में आप अक्सर सोचा करते हैं लेकिन उन कामों को कर पाने में समर्थ नहीं हो पाते। आज से पहले शादीशुदा ज़िन्दगी इतनी अच्छी कभी नहीं रही। शादीशुदा हैं तो आज आपके बच्चे की कोई शिकायत घर पर आ सकती है जिससे आप परेशान हो जाएंगे।
कुंभ- (गू गे गो सा सी सू से सो द)
आज आप उम्मीदों की दुनिया में हैं। आज आप अपने घर के वरिष्ठ जनों से पैसे की बचत करने को लेकर कोई सलाह ले सकते हैं और उस सलाह को जिंदगी में जगह भी दे सकते हैं. अपने क़रीबी लोगों के सामने ऐसी बातें उठाने से बचें, जो उन्हें उदास कर सकती हैं। अपने समय की कीमत समझें, उन लोगों के बीच रहना जिनकी बातें आपके समझ में नहीं आती हैं गलत है। ऐसा करना भविष्य में आपको परेशानियों के अलावा कुछ नहीं देगा। आपका जीवनसाथी आपको ज़्यादा ख़ास वक़्त देने वाला है। यात्रा पर किसी अजनबी से मुलाकात आपको अच्छे अनुभव करा सकती है।
मीन- (दी दू थ झ ञ दे दो च)
आज का दिन ऐसे काम करने के लिए बेहतरीन है, जिन्हें करके आप ख़ुद के बारे में अच्छा महसूस करते हैं। जो लोग शादीशुदा हैं उन्हें आज अपने बच्चों की पढ़ाई पर अच्छा खासा धन खर्च करना पड़ सकता है। कुल मिलाकर फ़ायदेमंद दिन है। लेकिन आप समझते थे जिसपर आप आँखें बंद करके यक़ीन कर सकते हैं, वह आपके भरोसे को तोड़ सकता है। पुरानी यादें आज आपके ऊपर छायी रहेंगी। आज के दिन घटनाएँ अच्छी तो होंगी, लेकिन तनाव भी देंगी – जिसके चलते आप थकान और दुविधा महसूस करेंगे। अपने जीवनसाथी के चलते आप महसूस करेंगे कि स्वर्ग धरती पर ही है। जिन दोस्तों से अरसे से मुलाक़ात नहीं हुई है, उनसे मिलने के लिए सही समय है। अपने दोस्तों को पहले ही इत्तला कर दें कि आप आ रहे हैं, नहीं तो काफ़ी वक़्त ख़राब हो सकता है।
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