🙏जय श्री गणेशाय नमः🙏
🙏जय श्री कृष्णा🙏
🕉️आज का पंचांग-14.06.2026🕉️
दैनिक गोचर ग्रह एवं राशिफल✴️
🕉️ शुभ रविवार – 🌞 – शुभ प्रभात् 🕉️
74-30💥मध्यमान्💥75-30
(केतकी चित्रापक्षीय गणितानुसारेण निर्मितम्)
आज विशेष
घर में श्री यंत्र रखने का महत्व/कारण एवं लाभ
आखिर घर में क्यों रखना चाहिए श्री यंत्र…?
________________________________
विभिन्न नगरों के सूर्योदय में समयांतर मिनट
दिल्ली -10 मिनट———जोधपुर +6 मिनट
जयपुर -5 मिनट——अहमदाबाद +8 मिनट
इंदौर – 4 मिनट————-मुंबई +7 मिनट
लखनऊ – 25 मिनट——बीकानेर +5 मिनट
कोलकाता -54 मिनट–जैसलमेर +15 मिनट
दैनिक पंचांग विवरण
आज दिनांक…………………14.06.2026
कलियुग संवत्………………………..5128
विक्रम संवत्……………… ………… 2083
शक संवत्……………………………. 1948
संवत्सर……………………………….श्री रौद्र
अयन…………………………………… उत्तर
गोल…………………………………….. उत्तर
ऋतु…………………………………… . ग्रीष्म
मास………………………………… .द्वि.ज्येष्ठ
पक्ष………………………………………कृष्ण
तिथि..चतुर्दशी.अपरा. 12.20 तक / चतुर्दशी
वार…………………………………….रविवार
नक्षत्र…रोहिणी. रात्रि. 10.14 तक / मृगशिरा
चंद्र राशि……………..वृषभ. संपूर्ण (अहोरात्र)
योग…………. धृति. अपरा. 1.14 तक / शूल
करण……………..शकुनि.अपरा.12.20 तक
करण……. चतुष्पद. रात्रि. 10.21 तक / नाग
नोट-जिस रात्रि समय के ऊपर(*) लगा हुआ हो
वह समय अर्द्ध रात्रि के बाद सूर्योदय तक का है।
दैनिक सूर्योंदयास्त दिनमानादि पंचांग विवरण
सूर्योदय………………..प्रातः 05.41.55 पर
सूर्यास्त………………..सायं. 07.21.38 पर
दिनमान-घं.मि.से………………..13.39.42
रात्रिमान-घं.मि.से. …………….. 10.20.23
चंद्रोदय……………….. 06.13.21 AM पर
चंद्रास्त………………… 06.51.26 PM पर
राहुकाल…….अपरा. 5.30 से 7.22(अशुभ)
यमघंट..अपरा.12.32 से 2.14(शुभे त्याज्य)
गुलिक…अपरा. 3.57 से 5.39(शुभे त्याज्य)
अभिजित……मध्या.12.04 से 12.59(शुभ)
पंचक…………………………………..नहीं है।
हवन मुहूर्त(अग्निवास)……………….आज है
दिशाशूल……………………….. पश्चिम दिशा
दोष परिहार…….. घी का सेवन कर यात्रा करें
आज का दिन
व्रत विशेष……………………………. नहीं है।
अन्य व्रत……………………………… नहीं है।
पर्व विशेष……………………………. नहीं है
मास विशेष.. पुरुषोत्तम ज्येष्ठ अधि.मास जारी
दिन विशेष…………………… पितृ अमावस्या
दिन विशेष…………….. विश्व रक्तदाता दिवस
खगोलीय…………………………….. नहीं है।
विष्टि(भद्रा)……………………………..नहीं है।
पंचक…………………………………. नहीं है।
सर्वा.सि.योग…………………………. नहीं है।
अमृत सि.योग…………………………. नहीं है।
सिद्ध रवियोग………………………… . नहीं है।
अगले दिन की प्रतीकात्मक जानकारी
दिनांक………………………. 15.06.2026
तिथि…….द्वि.ज्येष्ठ कृष्णा अमावस्या सोमवार
व्रत विशेष…………………………करवीर व्रत
अन्य व्रत……………………………… नहीं है।
पर्व विशेष……………………………. नहीं है।
मास विशेष..पुरुषोत्तम ज्येष्ठ अधि.मास संपूर्ण
दिन विशेष……..सोमवती देव कार्य अमावस्या
दिन विशेष……………… वैश्विक पवन दिवस
खगोलीय……. मिथुनेsर्क. अपरा. 12.52 पर
विष्टि(भद्रा)……………………………..नहीं है।
पंचक…………………………………. नहीं है।
सर्वा.सि.योग……………………………नहीं है।
अमृत सि.योग………उदयात् सायं. 7.08 तक
सिद्ध रवियोग…………………………. .नहीं है।
विशिष्ट काल-मुहूर्त-वेला परिचय
अभिजित् मुहुर्त – दिनार्द्ध से एक घटी पहले और एक घटी बाद का समय अभिजित मुहूर्त कहलाता है,पर बुधवार को यह शुभ नहीं होता।
ब्रह्म मुहूर्त – सूर्योदय से पहले का 1.30 घंटे का समय ब्रह्म मुहूर्त कहलाता है।
प्रदोष काल – सूर्यास्त से 45 मिनट पहले और 45 मिनट बाद का समय प्रदोष काल होता है।
गौधूलिक काल-सूर्यास्त से 12 मिनट पहले एवं
12 मिनट बाद का समय कहलाता है।
🌄✴️भद्रा वास शुभाशुभ विचार✴️🌄
भद्रा मेष, वृष, मिथुन, वृश्चिक के चंद्रमा में स्वर्ग में व कन्या, तुला, धनु, मकर के चंद्रमा में पाताल लोक में और कुंभ, मीन, कर्क, सिंह के चंद्रमा में मृत्युलोक में मानी जाती है।यहां स्वर्ग और पाताल लोक की भद्रा शुभ मानी जाती हैं।और मृत्युलोक की भद्रा काल में शुभ कार्य वर्जित होते हैं।इसी तरह भद्रा फल विचार करें.
दिन का चौघड़िया
चंचल…………….प्रातः 7.24 से 9.07 तक
लाभ……………प्रातः 9.07 से 10.49 तक
अमृत…………पूर्वा. 10.49 से 12.32 तक
शुभ…………….अपरा. 2.14 से 3.57 तक
रात्रि का चौघड़िया
शुभ………. सायं-रात्रि. 7.22 से 8.39 तक
अमृत…………….रात्रि. 8.39 से 9.57 तक
चंचल…………..रात्रि. 9.57 से 11.14 तक
लाभ….रात्रि. 1.49 AM से 3.07 AM तक
शुभ…. रात्रि. 4.24 AM से 5.42 AM तक
(विशेष – ज्योतिष शास्त्र में एक शुभ योग और एक अशुभ योग जब भी साथ साथ आते हैं तो शुभ योग को स्वीकार किया जाता है।
शुभ शिववास की तिथियां
शुक्ल पक्ष-2—–5—–6—- 9——-12—-13.
कृष्ण पक्ष-1—4—-5—-8—11—-12—-30.
दिन नक्षत्र एवं चरणाक्षर संबंधी संपूर्ण विवरण
संदर्भ विशेष –यदि किसी बालक का जन्म गंड नक्षत्रों (रेवती, अश्विनी, अश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा और मूल) में होता है तो सविधि नक्षत्र शांति की आवश्यक मानी गयी है जो सविधि होनी चाहिये
आज जन्मे बालकों का नक्षत्र के चरण के समय समय के अनुसार राशिगत् नामाक्षरे….
समय-नक्षत्र नाम-नक्षत्र चरण-चरणाक्षर
06.31 AM तक….रोहिणी…. 1…….ओ
11.46 AM तक….रोहिणी…..2……..वा
04.59 PM तक….रोहिणी…..3……..वी
10,.14 PM तक…रोहिणी…..4……. .वू
03.26 AM तक..मृगशिरा…..1……. .वे
उपरांत रात्रि तक…मृगशिरा…..2…… .वो
राशि वृषभ – पाया स्वर्ण_
आज की विशेष प्रस्तुति
धर्म ज्योतिष वास्तु एवं गोचर राशिफल
घर में श्री यंत्र रखने का महत्व कारण और लाभ
आखिर घर में क्यों रखना चाहिए श्री यंत्र…?
श्री यंत्र में साक्षात महालक्ष्मी का वास होता है.
श्री यंत्र में साक्षात महालक्ष्मी का वास होता है.
शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी को समर्पित किया गया है. इसी क्रम में माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने का सबसे उत्तम उपाय है मां लक्ष्मी का श्री यंत्र. मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए इस यंत्र की पूजा करने का विधान काफी प्राचीन है. मान्यता के अनुसार माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए स्फटिक का श्री यंत्र सबसे उत्तम होता है.
हिंदू धर्म में हर देवी-देवता को अलग-अलग दिन पूजा जाता है. शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी को समर्पित किया गया है. इसी क्रम में माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने का सबसे उत्तम उपाय है मां लक्ष्मी का श्री यंत्र, मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए इस यंत्र की पूजा करने का विधान काफी प्राचीन है. मान्यता के अनुसार माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए स्फटिक का श्री यंत्र सबसे उत्तम होता है. ऐसा माना जाता है कि जिस व्यक्ति को धन से संबंधित परेशानियां होती हैं उन्हें श्रीयंत्र की पूजा करनी चाहिए. विधि विधान से श्री यंत्र की पूजा करने से जहां यह श्री यंत्र रखा होता है वहां सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. तो चलिए आज हम आपको बताते हैं कि क्यों श्री यंत्र घर में स्थापित करना चाहिए और क्या है इसके फायदे और महत्व.
क्या है श्रीयंत्र
दुर्गा सप्तशती में कहा गया है “आराधिता सैव नृणां भोगस्वर्गापवर्गदा” अर्थात आराधना किए जाने पर आदि शक्ति देवी मनुष्यों को सुख, भोग, स्वर्ग अपवर्ग देने वाली होती है. उपासना सिद्ध होने पर सभी प्रकार की “श्री” मतलब चारों पुरुषार्थों की प्राप्ति हो सकती है. इसीलिए इस यंत्र को श्री यंत्र कहा जाता है. इस यंत्र की अधिष्ठात्री देवी त्रिपुर सुंदरी हैं, इसे शास्त्रों में विद्या, महाविद्या, परम विद्या के नाम से भी जाना जाता है.
कैसे बना श्रीयंत्र-
श्री यंत्र की उत्पत्ति को लेकर धार्मिक पुराणों में उल्लेख मिलता है कि एक बार महालक्ष्मी अप्रसन्न होकर पृथ्वी से बैकुंठ चली गईं. माता के रुष्ट हो जाने से पृथ्वी पर बहुत सी समस्याएं पैदा होने लगी. ब्राम्हण और महाजन बिना लक्ष्मी के निर्धन हो गए, तब ब्राह्मणों में श्रेष्ठ वशिष्ठ मुनि ने निश्चय किया कि लक्ष्मी को प्रसन्न कर पृथ्वी पर वापस ले आऊंगा.
जब मुनि वशिष्ठ बैकुंठ में जाकर माता लक्ष्मी से मिले तो उन्हें पता चला कि माता लक्ष्मी अप्रसन्न हैं वह किसी भी स्थिति में पृथ्वी पर आने को तैयार नहीं हुई. तब वशिष्ठ ने वहीं पर बैठकर भगवान विष्णु की आराधना शुरू की, नारायण ने प्रसन्न होकर मुनि वशिष्ठ को अपने दर्शन दिए. वशिष्ट ने श्री हरि विष्णु से कहा कि हम पृथ्वी पर बिना लक्ष्मी के बहुत दुखी हैं हमारे सारे आश्रम उजड़ गए हैं और धरती का वैभव खत्म होने वाला है. यह सुनकर भगवान विष्णु वशिष्ठ को साथ लेकर माता लक्ष्मी के पास गए और उन्हें मनाने की कोशिश की, लेकिन महालक्ष्मी नहीं मानी और उन्होंने कहा कि मैं किसी भी स्थिति में पृथ्वी पर वापस जाने को तैयार नहीं हूं.
जब चारों दिशाओं में माता लक्ष्मी के पृथ्वी पर वापस ना आने की बात फैल गई तब देवताओं के गुरु बृहस्पति ने एक युक्ति सुझाई उन्होंने कहा कि अब श्री यंत्र साधना ही एकमात्र उपाय बचा है जिससे माता लक्ष्मी को धरती पर आना ही पड़ेगा. गुरु बृहस्पति के निर्देशों से विष्णु ने धातु पर श्री यंत्र का निर्माण किया और उसे मंत्र सिद्ध प्राण प्रतिष्ठा युक्त करते हुए दीपावली के 2 दिन पूर्व धन त्रयोदशी पर श्री यंत्र को स्थापित कर विधि-विधान से उसका पूजन किया. पूजन समाप्त होते-होते माता लक्ष्मी को वहां आना ही पड़ा और वे बोलीं – ‘मैं किसी भी स्थिति में यहां आने के लिए तैयार नहीं थी, यह मेरा प्रण था, परन्तु बृहस्पति की युक्ति से मुझे आना ही पड़ा. श्री यंत्र मेरा आधार है और इसी में मेरी आत्मा निहित है।
घर में श्री यंत्र स्थापित करने के फायदे और इसका महत्व-
यदि आप भी अपने घर में श्री यंत्र की स्थापना करना चाहते हैं तो किसी जानकार ज्योतिष शास्त्री से इसको स्थापित करने का शुभ मुहूर्त अवश्य देख लें. शुभ मुहूर्त में किए गए कार्य से शुभ फल की प्राप्ति होती है. इसलिए कोई भी शुभ कार्य करने से पहले मुहूर्त अवश्य देखा जाता है.
श्री यंत्र में साक्षात महालक्ष्मी का वास होता है. इसके अलावा श्री यंत्र जिस जगह होता है वहां चारों तरफ का वातावरण शुद्ध और पवित्र हो जाता है. इससे माता लक्ष्मी के आगमन पर बाधाएं नहीं आती है.
श्री यंत्र की स्थापना से अष्ट लक्ष्मी की प्राप्ति भी होती है. इससे बिजनेस में सफलता, सुखी जीवन, आर्थिक मजबूती और पारिवारिक सुख समृद्धि प्राप्त होती है. साथ ही जिन लोगों के व्यापार और जॉब में लंबे समय से रुकावट है या फिर उनकी तरक्की नहीं हो रही उन्हें श्री यंत्र की स्थापना जरूर करनी चाहिए…
आज का राशिफल
मेष-(चू चे चो ला ली लू ले लो अ)
आज मज़बूती और निडरता का गुण आपकी मानसिक क्षमताओं में वृद्धि करेगा। किसी भी तरह के हालात को क़ाबू में रखने के लिए इस रफ़्तार को बरक़रार रखिए। आज आप अपना धन धार्मिक कार्यों में लगा सकते हैं जिससे आपको मानसिक शांति मिलने की पूरी संभावना है। वैवाहिक बंधन में बंधने के लिए अच्छा समय है। अगर आप खुले दिल से अपनी बात रखें, तो आपकी मोहब्बत आज आपके सामने प्यार के फ़रिश्ते के रूप में आएगी। संभव है कि आपके अतीत से जुड़ा कोई शख़्स आज आपसे संपर्क करेगा और इस दिन को यादगार बना देगा। यूँ तो जीवन हमेशा कुछ नया और चौंकाने वाली चीज़ आपके सामने लाता है। लेकिन आज आप अपने जीवनसाथी का एक अनोखा पहलू देखकर ख़ुशी से चौंक जाएंगे। बाग़बानी करना आपके लिए सुकून भरा हो सकता है – इससे पर्यावरण को भी लाभ पहुँचेगा।
वृषभ-(इ उ एओ वा वी वू वे वो)
आज बेकार के ख़यालों में अपनी ऊर्जा बर्बाद न करें, बल्कि इसे सही दिशा में लगाएँ। चंद्र की स्थिति की वजह से आज आपका धन बेवजह की चीजों पर खर्च हो सकता है। अगर आपको धन संचय करके रखना है तो अपने जीवनसाथी या माता पिता से इस बारे में बात करें। किसी बुज़ुर्ग रिश्तेदार की निजी समस्याओं में मदद करके आप उनका आशीर्वाद पा सकते हैं। अपनी दीवानगी को क़ाबू में रखें, नहीं तो यह आपके प्रेम-संबंध को मुश्किल में डाल सकती है। महत्वपूर्ण लोगों के साथ बातचीत करते वक़्त अपने शब्दों को ग़ौर से चुनें। जीवनसाथी की ख़राब सेहत का असर आपके काम-काज पर भी पड़ सकता है, लेकिन आप किसी तरह चीज़ें संभालने में क़ामयाब रहेंगे।
मिथुन- (क की कू घ ङ छ के को ह)
आज आपके दोस्त आपका परिचय किसी ख़ास इंसान से कराएंगे, जो आपकी सोच पर गहरा प्रभाव डालेगा। लम्बे समय से अटके मुआवज़े और कर्ज़ आदि आख़िरकार आपको मिल जाएंगे। अपने परिवार के सदस्यों की ज़रूरतों पर ध्यान देना आज आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए। विवादित मुद्दों को उठाने से बचें, अगर आप आज ‘डेट’ पर जा रहे हैं तो। यह ऐसा दिन है जब आप खुद को समय देने की कोशिश करते रहेंगे लेकिन आपको अपने लिए समय नहीं मिल पाएगा। दिन में जीवनसाथी के साथ बहस के बाद एक बेहतरीन शाम गुज़रेगी। आज परिवार या मित्रों के साथ समय व्यतीत होगा। संभव है कि आप झुंझलाहट या ख़ुद को फँसा हुआ महसूस करें, क्योंकि दूसरे ख़रीदारी में पूरी तरह मशगूल रह सकते हैं।
कर्क- (ही हू हे हो डा डी डू डे डो)
आज धैर्य बनाए रखें, क्योंकि आपकी समझदारी और प्रयास आपको सफलता ज़रूर दिलाएंगे। आज यार दोस्तों के साथ पार्टी में आप खूब पैसे लुटा सकते हैं लेकिन इसके बावजूद भी आपका आर्थिक पक्ष आज मजबूत रहेगा। पारिवारिक तनावों को अपना ध्यान भंग न करने दें। ख़राब दौर हमें बहुत-कुछ देता है । सेमिनार और प्रदर्शनी आदि आपको नई जानकारियाँ और तथ्य मुहैया कराएंगे। आपका जीवनसाथी आज आपके लिए बहुत कुछ ख़ास करने वाला है। आज आप सब चिंताओं को भुलाकर अपनी रचनात्मकता को बाहर निकाल सकते हैं।
सिंह- (मा मी मू मे मो टा टी टू टे)
आज आपका ऊर्जा-स्तर ऊँचा रहेगा। आर्थिक तौर पर सुधार तय है। आज आपको अपने होशियारी और प्रभाव का उपयोग संवेदनशील घरेलू मुद्दों को हल करने के लिए करना चाहिए। जिंदगी में चल रही आपाधापी के बीच आज आपको अपने लिए पर्याप्त समय मिलेगा और और आप अपने पसंदीदा कामों को कर पाने में कामयाब हो पाएंगे। आपका जीवनसाथी आज ऊर्जा और प्रेम से भरपूर है। हमेशा आप अपनी बातों को सही मान लेते हैं। ऐसा करना सही नहीं है आपने विचारों को लचीला बनाएं।
कन्या- (टो प पी पू ष ण ठ पे पो)
आज अपने निराशावादी रवैये से बचें क्योंकि न सिर्फ़ यह आपकी संभावनाओं को कम कर देगा, बल्कि शरीर के आंतरिक संतुलन को भी बिगाड़ देगा। दिन के दूसरे हिस्से में आर्थिक तौर पर फ़ायदा होगा। जिन लोगों के साथ आप रहते हैं वे आपसे बहुत ख़ुश नहीं होंगे, चाहे आपने इसके लिए कुछ भी क्यों न किया हो। आपकी मुलाक़ात एक ऐसे दोस्त से होगी, जिसे आपका ख़याल है और जो आपको समझता भी है। सेमिनार और प्रदर्शनी आदि आपको नई जानकारियाँ और तथ्य मुहैया कराएंगे। अपने जीवनसाथी के साथ आप प्यार से भरे पुराने दिन एक बार फिर जी पाएंगे। मुश्किलों के दिन अब खत्म हो गए हैं। अब आपको अपने जीवन को नई दिशा देने के बारे में विचार करना चाहिए।
तुला- (रा री रू रे रो ता ती तू ते)
आज असहजता आपकी मानसिक शांति में बाधा पैदा कर सकती है, लेकिन कोई दोस्त आपकी परेशानियों के समाधान में काफ़ी मददगार साबित होगा। तनाव से बचने के लिए मधुर संगीत का सहारा लें। अचानक आए ख़र्चे आर्थिक बोझ बढ़ा सकते हैं। पारिवारिक सदस्यों के साथ सुकून भरे और शांत दिन का लुत्फ़ लें। अगर लोग परेशानियों के साथ आपके पास आएँ तो उन्हें नज़रअंदाज़ करें और उन्हें अपनी मानसिक शांति भंग न करने दें। प्रेम के दृष्टिकोण से उत्तम दिन है। आज आप सारे रिश्तों और रिश्तेदारों से दूर होकर अपना दिन किसी ऐसी जगह पर बिताना पसंद करेंगे जहां जाकर आपको शांति प्राप्त होती है। आपके वैवाहिक जीवन में शारीरिक सुख के नज़रिए से कुछ ख़ूबसूरत परिवर्तन हो सकता है। समय मुफ़्त ज़रूर है पर बेशक़ीमती भी है, इसलिए अपने अधूरे कार्यों को निपटाकर आप आने वाले कल के लिए निश्चिंत हो सकते हैं।
वृश्चिक- (तो ना नी नू ने नो या यी यू)
आज से तली-भुनी चीज़ों से दूर रहें और रोज़ाना कसरत करते रहें। पैसा अचानक आपके पास अएगा, जो अपके ख़र्चों और बिल आदि को सम्हाल लेगा। शाम को रसोई के लिए ज़रूरी चीज़ों की ख़रीदारी आपको व्यस्त रखेगी। भावनात्मक उथल-पुथल आपको परेशान कर सकती है। जीवन की पेचीदिगियों को समझने के लिए आज घर के किसी वरिष्ठ शख्स के साथ आप वक्त गुजार सकते हैं। संभव है कि वैवाहिक जीवन में ठहराव से तंग आकर आपका जीवनसाथी आपके ऊपर फूट पड़े। किसी ऐसे शख़्स का फ़ोन आ सकता है जिससे आप बहुत लंबे समय से बात करना चाहते थे। बहुत-सी पुरानी यादें ताज़ा हो जाएंगी और आप समय में पीछे लौट जाएंगे।
धनु-ये यो भा भी भू धा फा ढ़ा भे)
खाने-पीने की ऐसी चीज़ों से बचने की कोशिश करें, जिनमें कॉलेस्ट्रॉल की ज़्यादा मात्रा है। आपका बचाया धन आज आपके काम आ सकता लेकिन इसके साथ ही इसके जाने का आपको दुख भी होगा। आपका अड़ियल स्वभाव आपके माता-पिता का चैन छीन सकता है। आपको उनकी सलाह पर ध्यान देने की ज़रूरत है। सकारात्मक बातों पर विचार करने में कोई बुराई नहीं है। अपने प्रिय की पुरानी बातों को माफ़ करके आप अपनी ज़िंदगी में सुधार ला सकते हैं। आज आप सारे रिश्तों और रिश्तेदारों से दूर होकर अपना दिन किसी ऐसी जगह पर बिताना पसंद करेंगे जहां जाकर आपको शांति प्राप्त होती है। संभव है कि आपके माता-पिता आपके जीवनसाथी को कुछ शानदार आशीर्वाद दें, जिसके चलते आपके वैवाहिक जीवन में और निखार आएगा। आज आप अपने किसी दोस्त की वजह से किसी बड़ी मुश्किल में फंसने से बच सकते हैं।
मकर- (भो जा जी खी खू खे खो गा गी)
कुछ रचनात्मक शौक़ आज आपको सुक़ून का एहसास कराएंगे। जो लोग लघु उद्योग करते हैं उन्हें आज के दिन अपने किसी करीबी की कोई सलाह मिल सकती है जिससे उन्हें आर्थिक लाभ होने की संभावना है। दोस्तों और परिवार के साथ मज़ेदार समय बीतेगा। आप खुद को समय देना जानते हैं और आज तो आपको काफी खाली समय मिलने की संभावना है। खाली समय में आज आप कोई खेल-खेल सकते हैं या जिम जा सकते हैं। वैवाहिक जीवन में आप कुछ निजता की ज़रूरत महसूस करेंगे। सफलता-प्राप्ति के लिए स्वप्न देखना बुरा नहीं है, परन्तु हमेशा दिवास्वप्न में खोये रहना आपके लिए नुक़सानदेह साबित हो सकता है।
कुंभ- (गू गे गो सा सी सू से सो द)
आज आपके परिवार को आपसे बहुत ज़्यादा उम्मीदें हैं, जिसके चलते आप खीज महसूस कर सकते हैं। आज आप अच्छा पैसा कमाएंगे- लेकिन ख़र्च में वृद्धि आपके लिए बचत को और ज़्यादा मुश्किल बना देगी। हो सकता है कि आप अपने परिवार के लोगों की सभी बातों से सहमत न हों, लेकिन आपको उनके तजुर्बे से सीखने की कोशिश करनी चाहिए। जिनकी सगाई हो चुकी है, वे अपने मंगेतर से बहुत-सी ख़ुशियाँ पाएंगे। आज के समय में अपने लिए वक्त निकाल पाना बहुत मुश्किल है। लेकिन आज ऐसा दिन है जब आपके पास अपने लिए भरपूर समय होगा। आज आप एक बार फिर समय में पीछे जाकर शादी के शुरुआती दिनों के प्यार और रुमानियत को महसूस कर सकते हैं। आज आप किसी दोस्त या करीबी रिश्तेदार से अपने दिल के गम साझा कर सकते हैं।
मीन- (दी दू थ झ ञ दे दो च ची)
आज एक भागमभाग भरे दिन के बावजूद आपकी सेहत पूरी तरह अचछी रहेगी। आपके मन में जल्दी पैसे कमाने की तीव्र इच्छा पैदा होगी। रिश्तेदारों के यहाँ छोटी यात्रा आपके भागदौड़ भरे दिन में आराम और सुकून देने वाली साबित होगी। आप के दिल की धड़कनें आपके प्रिय के साथ कुछ ऐसे चलेंगी कि आज जीवन में प्यार का संगीत बज उठेगा। इस राशि के जातक आज खाली वक्त में रचनात्मक काम करने का प्लान तो बनाएंगे लेकिन उनका यह प्लान पूरा नहीं हो पाएगा। शादीशुदा ज़िन्दगी के नज़रिए से यह दिन शानदार रहेगा। सितारे इशारा कर रहे हैं कि किसी नज़दीकी स्थान की यात्रा हो सकती है। यह सफ़र मज़ेदार रहेगा और आपके प्रिय लोगों का साथ मिलेगा।




