श्रीडूंगरगढ़ टुडे 17 जून 2026
‘‘पीबीएम सुधारो जनआंदोलन’’ के तहत सातवें दिन जिला महिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष शशिकला राठौड़ व देहात अध्यक्ष शान्ति बेनिवाल के नेतृत्व में पीबीएम अस्पताल के मुख्य द्वार के सामने धरना प्रदर्शन किया गया।
जनआंदोलन के सातवें दिन बुधवार को महिला शक्ति का बड़ा जनसमर्थन देखने को मिला। बड़ी संख्या में धरना स्थल पर पहुंची कांग्रेस महिलाओं ने पीबीएम अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं, प्रसूताओं के साथ हुई गंभीर लापरवाही तथा स्वास्थ्य सेवाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया।
श्रीडूंगरगढ़ से कांग्रेस नेत्री अंजू पारख के नेतृत्व में क्षेत्र की महिलाओं का प्रतिनिधिमंडल भी धरने में शामिल हुआ। महिलाओं ने अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाओं के खिलाफ एकजुटता दिखाते हुए सुधार की मांग को लेकर अपना समर्थन व्यक्त किया
श्रीडूंगरगढ़ से धरने में शामिल अंजू पारख ने कहा कि प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में शामिल पीबीएम में मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलनी चाहिए, लेकिन वर्तमान व्यवस्थाएं आमजन की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर रही हैं। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और जवाबदेही तय करने की मांग की।
शहर अध्यक्ष शशिकला राठौड़ एवं देहात अध्यक्ष शान्ति बेनिवाल अपने सम्बोधन में कहा कि प्रसूताओं की डिलीवरी के दौरान चिकित्सकीय लापरवाही से छह महिलाओं की किडनी खराब होने का मामला अत्यंत गंभीर और चिंताजनक है। उनका आरोप है कि इस घटना ने अस्पताल में उपचार व्यवस्था और मरीजों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि पीबीएम अस्पताल में मरीजों को अपेक्षित स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं, चिकित्सकीय लापरवाही के कारण अनेक मरीजों की मौत हो चुकी हैं तथा अस्पताल प्रशासन विभिन्न समस्याओं के समाधान में विफल साबित हुआ है। उन्होंने राज्य के चिकित्सा मंत्री गजेन्द्रसिंह खिंवसर द्वारा प्रसूताओं के प्रति असोभनीय बयान की भी कड़े शब्दों में निन्दा की।
देहात अध्यक्ष बिशनाराम सियाग व शहर अध्यक्ष मदनगोपाल मेघवाल ने स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं, पारदर्शी व्यवस्था और जनहित के लिए है। उन्होंने कहा कि जनता को गुणवत्तापूर्ण एवं जवाबदेह स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। साथ ही पीबीएम अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाओं और भ्रष्टाचार के मामलों पर प्रभावी कार्रवाई की मांग भी की।
आंदोलन के दौरान लूणकरणसर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी डॉ. राजेंद्र मूंड भी धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने आंदोलनकारियों से मुलाकात कर अस्पताल की समस्याओं और आगामी रणनीति को लेकर चर्चा की। डॉ. मूंड ने जनहित से जुड़े मुद्दों पर संघर्ष को आवश्यक बताते हुए आंदोलन को समर्थन दिया
‘‘पीबीएम सुधारो जनआंदोलन’’ में विभिन्न मांगे प्रमुख रूप से सरकार व प्रशासन के सामने रखी गई हैं।
- सीएम मूंधड़ा मेडिसिन विंग को तत्काल शुरू किया जाए।
- वर्षों से तैयार जनाना (गायनिक) विंग का शीघ्र संचालन प्रारंभ किया जाए।
- पीबीएम अस्पताल में हुए भ्रष्टाचार की जांच अस्पताल प्रशासन से बाहर किसी स्वतंत्र एजेंसी अथवा अधिकारी से करवाई जाए।
- अस्पताल की संपूर्ण सफाई व्यवस्था को दुरुस्त कर स्वच्छ एवं संक्रमण मुक्त वातावरण सुनिश्चित किया जाए।
- सभी आवश्यक दवाइयों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
- सभी प्रकार की जांचों (टेस्ट, सीटी स्कैन, एमआरआई आदि) की समय पर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
- प्रशासनिक लापरवाही के कारण बंद पड़े सभी चिकित्सा उपकरणों को तत्काल चालू किया जाए।
- ड्यूटी समय में सभी चिकित्सकों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।
- चिकित्सकीय लापरवाही से प्रभावित उन प्रसूता महिलाओं को, जिनकी किडनी खराब हुई है, 25 लाख का मुआवजा दिया जाए।
- मरीजों एवं उनके परिजनों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार, अभद्रता एवं मारपीट की घटनाओं पर सख्ती से रोक लगाई जाए।
विभिन्न मांगों के समाधान हेतु चेतावनी दी हैं कि समय रहते उपरोक्त 10 सूत्री समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो जल्द ही जनआंदोलन को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा।
जिला संगठन महासचिव प्रहलादसिंह मार्शल ने बताया कि बुधवार को धरना प्रदर्शन में डॉ. राजेन्द्र मूण्ड, महिला सेवादल अध्यक्ष व नेता प्रतिपक्ष अंजु पारख श्रीडूंगरगढ़ , डॉ. प्रीति मेघवाल, शर्मिला पंचारिया, लक्ष्मी गुप्ता, शलीना खां, राजभटनागर, आशादेवी स्वामी, धाई देवी, पूर्व पार्षद गुड्डी देवी डेलू, नवनीत कौर, खूरशिदा बानो बागवान, कांता भाटी, पुष्पा देवी, आनन्दी देवी, भंवर कूकणा, श्रीकृष्ण गोदारा, आनन्द कुमार जोशी, राजपाल कुल्हरी, ओमप्रकाश शर्मा, केदारमल कठातला, प्रेम प्रकाश सारण, रामनिवास तर्ड, शिवदान मेघवाल, एजाज अहमद पठान, सांवरलाल भादू, प्रेम जोशी, हजारीराम देवड़ा, रिछपाल सिगड, चम्पालाल बारूपाल, अब्दुल रहमान लोदरा, मुरलीधर पन्नू, धनसुख आचार्य, टीकुराम मेघवंशी, साबिर, मुकेश सारण, राकेश, पंकज भादू, बजरंग, प्रेम चौधरी, देवीलाल जाखड़, मो. कैफ, विजय कुमार, सन्दीप कुमार नायक, गणेश गौस्वामी, अर्जून सियाग, भंवरलाल जाट, रामतन डेलू, राजकुमार, राहुल कुलरिया, एड. मनोज नायक, पन्नाराम नायक, ईमरताराम नायक, पार्षद मनोज नायक, मनोज थोरी, हाजिर खां, विनोद कुमार, दिनेश मीणा, नरेश धतरवाल, हनुमान गोदारा, विनय कुमार आचार्य, विजयपाल डेलू, गोपालराम सियाग, कमल गोयल, परमाराम माचरा, दिपक चौधरी, किशन राईका, भगवानाराम, एड. मोतीलाल राईका, बलराम कूकणा, कालू खां, मनोज कुमार सहु, सुभाष धुंधवाल, प्रेमाराम कस्वां आदि सहित अनेक पदाधिकारी व कार्यकर्तागण शामिल रहें।






