श्रीडूंगरगढ़ टुडे 24 जून 2026
सेवाभाव केवल एक विचार नहीं, बल्कि जीवन की ऐसी साधना है जो समाज के उत्थान का आधार बनती है। बहुत से लोग सेवा के सपने देखते हैं, लेकिन कुछ विरले व्यक्तित्व ही उन्हें धरातल पर उतारकर जनकल्याण का माध्यम बनते हैं। ऐसे ही प्रेरणादायी व्यक्तित्व, उद्यमी एवं समाजसेवी तथा सूरत प्रवासी श्रीडूंगरगढ़ दुलचासर निवासी रामकुमार मूंधड़ा को महेश नवमी महोत्सव के अवसर पर माहेश्वरी समाज के सर्वश्रेष्ठ एवं प्रतिष्ठित सम्मान ‘महेश रत्न’ से अलंकृत किया गया।

हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी सूरत जिला माहेश्वरी सभा द्वारा सबसे गौरवशाली पुरष्कार ‘महेश रत्न’ की उद्घोषणा की गयी। जिसमें समाज सेवा में माहेश्वरी समाज का गौरव बढ़ाने वाले महानुभाव को प्रत्येक वर्ष ‘महेश रत्न’ से सम्मानित किया जाता है। इस वर्ष अपने अनुपम सहयोग के लिए रामकुमार भैरुदानजी मूंधड़ा श्रीडूंगरगढ़ (दुलचासर) को ज्येष्ठ शुक्ल नवमी, मंगलवार को सूरत जिला माहेश्वरी सभा द्वारा आयोजित भव्य समारोह में यह सम्मान प्रदान किया गया।
समाज के सर्वोच्च गौरव सम्मान से सम्मानित होने की घोषणा होते ही माहौल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और समस्त मूंधड़ा परिवार सहित समाज के गणमान्यजन गौरव और प्रसन्नता से भाव-विभोर हो उठे।
सूरत के सिटीलाइट स्थित माहेश्वरी भवन में आयोजित सम्मान समारोह में रामकुमार मूंधड़ा ने विनम्रता के साथ कहा कि समाज, गांव, राष्ट्र, मंदिर, शिक्षा एवं जरूरतमंदों की सेवा उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कहा कि सेवा और सहयोग की भावना ही व्यक्ति को समाज से जोड़ती है तथा सामूहिक विकास का मार्ग प्रशस्त करती है।

समारोह में उपस्थित समाजबंधुओं ने रामकुमार मूंधड़ा के सामाजिक, धार्मिक एवं शैक्षणिक क्षेत्रों में किए गए उल्लेखनीय योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनका जीवन समाज के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। वर्षों से वे विभिन्न सामाजिक गतिविधियों, जनसेवा कार्यों तथा जरूरतमंदों की सहायता में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।
महेश नवमी महोत्सव के दौरान प्रदान किया गया यह सम्मान न केवल रामकुमार मूंधड़ा की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि सेवा, समर्पण और सामाजिक उत्तरदायित्व की उस परंपरा का भी सम्मान है, जिसे उन्होंने अपने कर्मों से जीवंत बनाया है।
सराहनीय कार्य
🔹समाज, गांव और राष्ट्रहित के कार्यों में निरंतर सक्रिय सहभागिता।
🔸शिक्षा, धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण योगदान।
🔹जरूरतमंदों की सहायता और जनकल्याण को जीवन का उद्देश्य बनाया।
🔸सेवा, समर्पण और परोपकार की भावना से समाज में बनाई विशिष्ट पहचान।
🔹युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा और सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण।
‘महेश रत्न’ सम्मान ने रामकुमार मूंधड़ा के सेवामय जीवन को नई पहचान देते हुए समाज के सामने एक प्रेरक आदर्श प्रस्तुत किया है।




