श्रीडूंगरगढ़ टुडे 24 जून 2026
श्रीडूंगरगढ़ (बीकानेर)। राजस्थान के बीकानेर जिले की श्री डूंगरगढ़ तहसील के धीरदेसर पुरोहितान गांव का होनहार बाल प्रतिभाशाली खिलाड़ी “सपाटे किंग राजस्थानी छोटा टार्जन योगानंद कालवा” इन दिनों सोशल मीडिया पर अपनी अद्भुत प्रतिभा, फुर्ती और असाधारण शारीरिक क्षमता के कारण तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
कम उम्र में हजारों सपाटे लगाकर अपनी दमदार फिटनेस और अनुशासित जीवनशैली का परिचय देने वाले योगानंद कालवा को लोग देश के “तीसरे टार्जन” के रूप में पहचान देने लगे हैं। उनकी ऊर्जा, साहस, योग साधना और निरंतर अभ्यास युवाओं तथा बच्चों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहे हैं।
योगानंद कालवा का मुख्य उद्देश्य भारतीय योग संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाना तथा “निरोगी पीढ़ी निर्माण अभियान” को गति प्रदान करना है। वे अपने परिवार के साथ विभिन्न योग एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।
योगानंद कालवा के पिता राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त योगगुरू ओम कालवा लंबे समय से योग प्रशिक्षकों के स्थायी रोजगार, योग शिक्षा के विस्तार तथा जनस्वास्थ्य जागरण के लिए निस्वार्थ भाव से कार्य कर रहे हैं। वे प्रदेशभर में सैकड़ों निशुल्क योग एवं स्वास्थ्य विज्ञान शिविरों का आयोजन कर लाखों लोगों को स्वास्थ्य लाभ प्रदान कर चुके हैं। वर्तमान में वे राजस्थान योग प्रशिक्षक महासंघ में प्रदेश संरक्षक के रूप में सेवाएं दे रहे हैं।
योगानंद की माता योग प्रशिक्षिका मंजू देवी द्वारा श्री डूंगरगढ़ में संचालित बालिका स्वाध्याय निशुल्क लाइब्रेरी प्रदेश में अपनी अलग पहचान बना रही है। इस लाइब्रेरी में 50 जरूरतमंद बेटियों को अध्ययन की सभी सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही हैं। वहीं उनकी बड़ी बहन योगिता कालवा भी बचपन से योग प्रतिभा की धनी हैं और विभिन्न योग गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाती हैं।
परिवार का प्रमुख संदेश है—
“वर्तमान को सुधारें – भविष्य को संवारें”
“योग अपनाएं – रोग भगाएं”
योगानंद कालवा की उपलब्धियों पर देश-विदेश की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों, योगाचार्यों, शिक्षाविदों एवं समाजसेवियों ने शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। इनमें अंतर्राष्ट्रीय योगगुरू सुनील सिंह (दिल्ली), योगाचार्य रामावतार यादव (सीकर), योगगुरू संजीव भनोत (जर्मनी), भामाशाह श्रीगोपाल राठी, भीखमचंद पुगलिया, छत्तर सिंह बोथरा, सेवानिवृत्त जिला शिक्षा अधिकारी गजानंद सेवग, राजपुरोहित महिला समिति की राष्ट्रीय अध्यक्षा सोनिया राजपुरोहित, जयपुर पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर कुंभाराम घिंटाला, योग महासंघ कार्यालय प्रभारी बलराम बेनीवाल, सिद्धि विनायक बुक स्टोर संचालक सहीराम रोलन, योगगुरू राकेश कुमार पडिहार नाना जगदीश प्रसाद रोलण दादी शांति देवी सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
लगातार बढ़ती लोकप्रियता के बीच राजस्थानी छोटा टार्जन योगानंद कालवा आज राजस्थान ही नहीं बल्कि पूरे देश के युवाओं के लिए फिटनेस, अनुशासन और भारतीय योग संस्कृति का प्रेरणादायी प्रतीक बनकर उभर रहे हैं।




