श्रीडूंगरगढ़ टुडे 25 जून 2026
जय श्री गणेशाय नमः
जय श्री कृष्णा
आज का पंचांग-25.06.2026
दैनिक गोचर ग्रह एवं राशिफल ✴️
🕉️ शुभ गुरुवार – 🌞 – शुभ प्रभात् 🕉️
74-30💥मध्यमान्💥75-30
(केतकी चित्रापक्षीय गणितानुसारेण निर्मितम्)
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_आज विशेष
निर्जला एकादशी 2026: भगवान विष्णु की कृपा पाने का महापुण्य पर्व, जानें व्रत, पूजा और दान का महत्व/ एक परिपूर्ण तारक व्रत..
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विभिन्न नगरों के सूर्योदय में समयांतर मिनट
🌞श्री सनातन हिंदू पंचांग के अनुसार🌞
दिल्ली -10 मिनट———जोधपुर +6 मिनट
जयपुर -5 मिनट——अहमदाबाद +8 मिनट
इंदौर – 4 मिनट————-मुंबई +7 मिनट
लखनऊ – 25 मिनट——बीकानेर +5 मिनट
कोलकाता -54 मिनट–जैसलमेर +15 मिनट
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_दैनिक पंचांग विवरण
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आज दिनांक…………………25.06.2026
कलियुग संवत्………………………..5128
विक्रम संवत्……………… ………….2083
शक संवत्……………………………. 1948
संवत्सर……………………………….श्री रौद्र
अयन…………………………………..दक्षिण
गोल……………………………………. उत्तर
ऋतु………………………………………वर्षा
मास………………………………….द्वि.ज्येष्ठ
पक्ष……………………………………..शुक्ल
तिथि….एकादशी. रात्रि. 8.10 तक / द्वादशी
वार…………………………………… गुरुवार नक्षत्र….स्वाति. अपरा. 4.29 तक / विशाखा
चंद्र राशि……………. तुला. संपूर्ण (अहोरात्र)
योग…………शिव. प्रातः 10.53 तक / सिद्ध
करण……………… वणिज. प्रातः 7.09 तक
विष्टि(भद्रा)………….. रात्रि. 8.10 तक / बव
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नोट-जिस रात्रि समय के ऊपर(*) लगा हुआ हो
वह समय अर्द्ध रात्रि के बाद सूर्योदय तक का है
-दैनिक सूर्योंदयास्त दिनमानादि पंचांग विवरण-
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सूर्योदय………………..प्रातः 05.43.58 पर
सूर्यास्त………………..सायं. 07.24.13 पर
दिनमान-घं.मि.से………………..13.40.15
रात्रिमान-घं.मि.से. ………………10.20.01
चंद्रोदय…………………03.37.24 PM पर
चंद्रास्त……………….. 02.31.56 AM पर
राहुकाल…….अपरा. 2.17 से 3.59(अशुभ)
यमघंट………..प्रातः 5.44 से 7.27(त्याज्य)
गुलिक.प्रातः 09.09 से 10.52(शुभे त्याज्य)
अभिजित……. मध्या.12.07 से 1.01(शुभ)
पंचक…………………………………. नहीं है
हवन मुहूर्त(अग्निवास)………… आज नहीं है
दिशाशूल………………………. दक्षिण दिशा
दोष परिहार….. दही का सेवन कर यात्रा करें
आज का दिन
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व्रत विशेष………. निर्जला एकादशी(सर्वेषाम्)
अन्य व्रत………………………………. नहीं है
पर्व विशेष…………………………….. .नहीं है
दिन विशेष…. गुरु श्री अचलदास (पुण्य तिथि)
दिन विशेष………… अंतर्राष्ट्रीय नाविक दिवस
खगोलीय……………………………… नहीं है
सूर्य नक्षत्र…… आर्द्रा वाहन खर (वर्षा मध्यम्)
विष्टि(भद्रा)…..प्रातः 7.09 से रात्रि 8.10 तक
पंचक………………………………….. नहीं है
सर्वा.सि.योग…………………………… नहीं है
अमृत सि.योग………………………… .नहीं है
सिद्ध रवियोग…….. उदयात् अपरा. 4.29 तक
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✴️ अगले दिन की प्रतीकात्मक जानकारी✴️
दिनांक………………………. 26.06.2026
तिथि………..द्वि.ज्येष्ठ शुक्ला द्वादशी शुक्रवार
व्रत विशेष………. निर्जला एकादशी(सर्वेषाम्)
अन्य व्रत………………………………. नहीं है
पर्व विशेष………………………………नहीं है
दिन विशेष……….. विश्व नशा निवारण दिवस
खगोलीय……………………………… नहीं है
सूर्य नक्षत्र…… आर्द्रा वाहन खर (वर्षा मध्यम्)
विष्टि(भद्रा)…………………………….. नहीं है
पंचक………………………………….. नहीं है
सर्वा.सि.योग……….. सायं 7.16 से रात्रि पर्यं
अमृत सि.योग……………………… ….नहीं है
सिद्ध रवियोग……………………………नहीं है
🌄विशिष्ट काल-मुहूर्त-वेला परिचय🌄
अभिजित् मुहुर्त – दिनार्द्ध से एक घटी पहले और एक घटी बाद का समय अभिजित मुहूर्त कहलाता है,पर बुधवार को यह शुभ नहीं होता.
ब्रह्म मुहूर्त – सूर्योदय से पहले का 1.30 घंटे का समय ब्रह्म मुहूर्त कहलाता है..
प्रदोष काल – सूर्यास्त से 45 मिनट पहले और 45 मिनट बाद का समय प्रदोष काल होता है
गौधूलिक काल सूर्यास्त से 12 मिनट पहले एवं
12 मिनट बाद का समय कहलाता है
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🌄✴️भद्रा वास शुभाशुभ विचार✴️🌄
भद्रा मेष, वृष, मिथुन, वृश्चिक के चंद्रमा में स्वर्ग में व कन्या, तुला, धनु, मकर के चंद्रमा में पाताल लोक में और कुंभ, मीन, कर्क, सिंह के चंद्रमा में मृत्युलोक में मानी जाती है यहां स्वर्ग और पाताल लोक की भद्रा शुभ मानी जाती हैं और मृत्युलोक की भद्रा काल में शुभ कार्य वर्जित होते हैं इसी तरह भद्रा फल विचार करें।
✴️🌄दिन का चौघड़िया 🌄✴️
शुभ………………प्रातः 5.44 से 7.24 तक
चंचल……….. पूर्वा. 10.52 से 12.34 तक
लाभ………… अपरा. 12.34 से 2.17 तक
अमृत…………. अपरा. 2.17 से 3.59 तक
शुभ…………….. सायं. 5.42 से 7.24 तक
✴️🌄रात्रि का चौघड़िया🌄✴️
अमृत………सायं-रात्रि. 7.24 से 8.42 तक
चंचल…………….रात्रि. 8.42 से 9.59 तक
लाभ..रात्रि. 12.34 AM से 1.52 AM तक
शुभ…..रात्रि. 3.08 AM से 4.27 AM तक
अमृत…रात्रि. 4.27 AM से 5.44 AM तक
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(विशेष – ज्योतिष शास्त्र में एक शुभ योग और एक अशुभ योग जब भी साथ साथ आते हैं तो शुभ योग की स्वीकार्यता मानी गई है )
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🌞🕉️शुभ शिववास की तिथियां🕉️🌞
शुक्ल पक्ष-2—–5—–6—- 9——-12—-13.
कृष्ण पक्ष-1—4—-5—-8—11—-12—-30.
दिन नक्षत्र एवं चरणाक्षर संबंधी संपूर्ण विवरण
संदर्भ विशेष -यदि किसी बालक का जन्म गंड नक्षत्रों (रेवती, अश्विनी, अश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा और मूल) में होता है तो सविधि नक्षत्र शांति की आवश्यक मानी गयी है जो सविधि होनी चाहिये
आज जन्मे बालकों का नक्षत्र के चरण के समय समय के अनुसार राशिगत् नामाक्षरे….
समय-नक्षत्र नाम-नक्षत्र चरण-चरणाक्षर 09.49 AM तक…….स्वाति…..3…….रो
04.29 PM तक…….स्वाति…..4…….ता
राशि तुला – पाया रजत्_
11.09 PM तक…..विशाखा….1…….ती
उपरांत रात्रि तक…..विशाखा….2……..तू
राशि तुला – पाया ताम्र
✴️आज की विशेष प्रस्तुति✴️
💥धर्म ज्योतिष वास्तु एवं गोचर राशिफल 💥
निर्जला एकादशी 2026: भगवान विष्णु की कृपा पाने का महापुण्य पर्व, जानें व्रत, पूजा और दान का महत्व/ एक परिपूर्ण तारक व्रत..
वैदिक पंचांग के अनुसार, इस वर्ष एकादशी तिथि का प्रारंभ 24 जून को शाम 06 बजकर 12 मिनट से होगा और इसका समापन 25 जून को रात्रि 08 बजकर 09 मिनट पर होगा। उदया तिथि के अनुसार 25 जून 2026 को निर्जला एकादशी का व्रत रखा जाएगा।
सनातन धर्म में प्रत्येक मास, तिथि और पर्व का अपना विशेष आध्यात्मिक महत्व होता है। इन्हीं पावन अवसरों में ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर आने वाली निर्जला एकादशी अत्यंत पुण्यदायी और मंगलकारी मानी जाती है।
यह व्रत भगवान श्रीहरि विष्णु को समर्पित है और इसकी महिमा शास्त्रों में अत्यंत विस्तार से वर्णित की गई है। मान्यता है कि जो साधक श्रद्धा और नियमपूर्वक निर्जला एकादशी का व्रत करता है, उसे वर्ष भर की सभी एकादशियों के समान फल प्राप्त होता है।
निर्जला एकादशी आत्मशुद्धि, संयम, भक्ति और दान का दिव्य पर्व है। यह दिन साधक को भगवान विष्णु की विशेष कृपा, पापों से मुक्ति और मोक्ष का मार्ग प्रदान करता है।
निर्जला एकादशी का धार्मिक महत्व
निर्जला एकादशी को भीमसेनी एकादशी भी कहा जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार महाबली भीमसेन भोजन के बिना नहीं रह पाते थे, इसलिए महर्षि वेदव्यास ने उन्हें वर्ष भर की सभी एकादशियों के फल की प्राप्ति हेतु केवल एक निर्जला एकादशी का व्रत रखने का उपदेश दिया था। तभी से यह एकादशी विशेष रूप से भीमसेन एकादशी के नाम से भी विख्यात हुई।
निर्जला शब्द का अर्थ है बिना जल के। इस दिन साधक सूर्योदय से लेकर अगले दिन द्वादशी तक अन्न और जल दोनों का त्याग करता है। यह व्रत अत्यंत कठिन माना जाता है, परंतु इसकी महिमा भी उतनी ही महान है।
धर्म शास्त्रों में कहा गया है कि यह व्रत करने से मनुष्य के संचित पाप नष्ट होते हैं और उसे भगवान विष्णु का दिव्य आशीर्वाद प्राप्त होता है।
निर्जला एकादशी कब है?
हर वर्ष ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को निर्जला एकादशी मनाई जाती है। इस पावन दिन भगवान लक्ष्मी-नारायण की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है और अगले दिन द्वादशी तिथि पर विधिपूर्वक पारण किया जाता है।
निर्जला एकादशी व्रत की महिमा
निर्जला एकादशी को समस्त पापों का नाश करने वाली तिथि कहा गया है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन व्रत, उपासना और दान करने से मनुष्य को अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।
भगवान विष्णु की कृपा से साधक के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति आती है। यह व्रत विशेष रूप से उन लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण है जो वर्षभर सभी एकादशियों का पालन नहीं कर पाते।
शास्त्रों में वर्णित है कि “एक निर्जला एकादशी का फल सभी चौबीस एकादशियों के समान होता है।”
निर्जला एकादशी पूजा विधि
प्रातःकाल स्नान और संकल्प : ब्रह्म मुहूर्त में जागकर गंगाजल मिश्रित जल से स्नान करें। स्वच्छ पीले या सफेद वस्त्र धारण करें। सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित करें और भगवान विष्णु के समक्ष निर्जल व्रत का संकल्प लें।
पूजा स्थल की तैयारी : पूजा स्थान को शुद्ध कर एक चौकी स्थापित करें। उस पर पीला वस्त्र बिछाकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
श्रीहरि का पूजन: भगवान विष्णु को चंदन, अक्षत, पीले पुष्प, धूप-दीप तथा विशेष रूप से तुलसी दल अर्पित करें। पंचामृत से अभिषेक करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
मंत्र जाप और पाठ : पूरे दिन श्रद्धा भाव से इस मंत्र का जाप करें, “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।” साथ ही इस दिन विष्णु सहस्रनाम और भगवद्गीता का पाठ अत्यंत पुण्यकारी माना गया है।
भोग और आरती : भगवान को केसरयुक्त खीर, फल या मिष्ठान्न का भोग लगाकर आरती करें।
निर्जला एकादशी पर दान का महत्व
सनातन धर्म में दान को सर्वोच्च सत्कर्मों में स्थान दिया गया है। विशेष रूप से निर्जला एकादशी पर किया गया दान अनेक गुना पुण्य फल प्रदान करता है।
दान के महत्व का उल्लेख करते हुए धर्म ग्रंथों में कहा गया है
दानेन प्राप्तये स्वर्गो दानेन सुखश्रुते।
इहामुत्र च दानेन पूज्यो भवति मानवः।।
अर्थात, दान से स्वर्ग की प्राप्ति होती है, दान से सुख मिलता है और इस लोक तथा परलोक दोनों में मनुष्य पूजनीय बनता है।
इस दिन किन वस्तुओं का दान करें?
निर्जला एकादशी के दिन निम्न वस्तुओं का दान अत्यंत शुभ माना गया है
अन्न और भोजन
जल से भरा मिट्टी का घड़ा
वस्त्र
फल और फूल
छाता
जूते-चप्पल
शीतल पेय पदार्थ
धन का दान
विशेष रूप से ज्येष्ठ मास की तीव्र गर्मी को देखते हुए जलदान और अन्नदान का महत्व अत्यधिक बढ़ जाता है।
अन्नदान का विशेष पुण्य इस पुण्यकारी अवसर पर दीन-हीन, असहाय और जरूरतमंद लोगों को भोजन कराना अत्यंत श्रेष्ठ माना गया है। कहा जाता है कि भूखे को अन्न खिलाना सीधे भगवान नारायण की सेवा के समान है।
यदि इस दिन कोई साधक दिव्यांग बच्चों, असहाय लोगों या गरीब परिवारों के भोजन हेतु सहयोग करता है, तो उसे भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
पारण का सही समय
निर्जला एकादशी का व्रत द्वादशी तिथि पर विधिपूर्वक खोला जाता है। स्नान, पूजा और दान के बाद ही जल और अन्न ग्रहण करना चाहिए।
दृक पंचांग के अनुसार 26 जून 2026 को द्वादशी तिथि पर पारण का समय प्रातः 6 बजे से 8 बजकर 39 मिनट तक शुभ माना गया है। पारण से पूर्व भगवान लक्ष्मी-नारायण की पूजा करें और तत्पश्चात अन्नदान करके व्रत खोलें।
स्वास्थ्य संबंधी सावधानी
निर्जला व्रत अत्यंत कठिन होता है क्योंकि इसमें जल तक ग्रहण नहीं किया जाता। यदि किसी साधक का स्वास्थ्य ठीक न हो, वृद्धावस्था हो, गर्भवती महिला हों या चिकित्सकीय समस्या हो, तो वे केवल पूजा, जप और दान-पुण्य करके भी इस व्रत का पुण्य प्राप्त कर सकते हैं। क्योंकि सनातन धर्म में भावना और श्रद्धा को सर्वोपरि माना गया है।
निर्जला एकादशी भगवान विष्णु की उपासना, आत्मसंयम और दान का महापर्व है। यह व्रत जीवन में पुण्य, शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है। इस पावन अवसर पर व्रत, पूजा और अन्नदान करके साधक श्रीहरि की कृपा का पात्र बनता है।
✴️ 🕉️आज का राशिफल
मेष-(चू चे चो ला ली लू ले लो अ):- आज धार्मिक और आध्यात्मिक रुचि के काम करने के लिए अच्छा दिन है। आज धन आपके हाथ में नहीं टिकेगा, आपको धन संचय करने में आज बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। अपनी जीवन में एक संगीत पैदा करें, समर्पण का मूल्य समझें और हृदय में प्रेम व कृतज्ञता के फूल खिलने दें। आप अनुभव करेंगे कि आपका जीवन अधिक अर्थपूर्ण हो रहा है। हालांकि बात करने से पहले आपको उनके मनोभावों को जान लेना चाहिए। बहादुरी भरे क़दम और फ़ैसले आपको अनुकूल पुरुस्कार देंगे। खाली समय का पूरा आनंद उठाने के लिए आपको लोगों से दूर होकर अपने पसंदीदा काम करने चाहिए। ऐसा करके आपमें सकारात्मक बदलाव भी आएंगे।
वृषभ-(इ उ एओ वा वी वू वे वो):- आज आपकी उम्मीद एक महक से भरे हुए ख़ूबसूरत फूल की तरह खिलेगी। अपने जीवनसाथी केे साथ धन से जुड़े किसी मामले को लेकर आज आपका झगड़ा हो सकता है। हालांकि अपने शांत स्वभाव से आप सबकुछ ठीक कर देंगे। पुराने परिचितों से मिलने-जुलने और पुराने रिश्तों को फिर से तरोताज़ा करने के लिए अच्छा दिन है। अपनी दीवानगी को क़ाबू में रखें, नहीं तो यह आपके प्रेम-संबंध को मुश्किल में डाल सकती है। जब तक आपको तसल्ली न हो जाए कि सारा काम पूरा हो चुका है, दस्तावेज़ अपने वरिष्ठ को न दें। आज खाली वक्त का सही उपयोग करने के लिए आप अपने पुराने मित्रों से मिलने का प्लान बना सकते हैं। किसी के प्रभाव में आकर आपका जीवनसाथी आपसे झगड़ सकता है, लेकिन प्यार और सद्भाव से मामला सुलझ जाएगा।
मिथुन- (क की कू घ ङ छ के को ह):- आज आप क़िस्मत के भरोसे न बैठें और अपनी सेहत सुधारने के लिए ख़ुद मेहनत करें, क्योंकि हाथ पर हाथ रखे रहने से कुछ नहीं होने वाला। अब वक़्त आ गया है कि आप अपना वज़न क़ाबू में करें और स्वस्थ रहने के लिए नियमित व्यायाम का सहारा लें। घर की जरुरतों को देखते हुए आज आप अपने जीवनसाथी के साथ कोई कीमती सामान खरीद सकते हैं जिससे आर्थिक हालात थोड़े तंग हो सकते हैं। अपने मेहमानों से ख़राब बर्ताव न करें। आपका ऐसा व्यवहार न केवल आपके परिवार को दुःखी कर सकता है, बल्कि संबंधों में दूरी भी पैदा कर सकता है। प्यार के मामले में आज आप ग़लत समझे जा सकते हैं। कामकाज के मोर्चे पर आपकी कड़ी मेहनत ज़रूर रंग लाएगी। यात्रा और भ्रमण वग़ैरह न सिर्फ़ आनन्ददायक सिद्ध होंगे, बल्कि काफ़ी शिक्षाप्रद भी रहेंगे। असहवजता की वजह से आप वैवाहिक जीवन में ख़ुद को फँसा हुआ अनुभव कर सकते हैं। आपको ज़रूरत है तो जीवनसाथी के साथ आत्मीय बातचीत की।
कर्क- (ही हू हे हो डा डी डू डे डो):- आज के दिन आप बिना झंझट विश्राम कर सकेंगे। आज आप आसानी से पैसे इकट्ठा कर सकते हैं- लोगों को दिए पुराने कर्ज़ वापिस मिल सकते हैं- या फिर किसी नयी परियोजना पर लगाने के लिए धन अर्जित कर सकते हैं। बेटी की बीमारी आपका मूड ख़राब कर सकती है। उत्साह बढ़ाने के लिए उसे स्नेह से दुलारें। प्यार में बीमार को भी भला-चंगा करने की ताक़त होती है। कोई अच्छी ख़बर या जीवनसाथी/प्रिय से मिला कोई संदेश आपके उत्साह को दोगुना कर देगा। हाल में विकसित किए गए व्यावसायिक संबंध आगे चलकर बहुत फ़ायदा देंगे। जीवन की पेचीदिगियों को समझने के लिए आज घर के किसी वरिष्ठ शख्स के साथ आप वक्त गुजार सकते हैं। आज आप अपने जीवनसाथी के साथ कुछ बेहतरीन पल गुज़ार सकेंगे।
सिंह- (मा मी मू मे मो टा टी टू टे):- आपको आज महत्वपूर्ण निर्णय लेने होंगे, जिसके चलते आपको तनाव और बेचैनी का सामना करना पड़ सकता है। आज आपको अपनी संतान की वजह से आर्थिक लाभ होने की संभावना नजर आ रही है। इससे आपको काफी खुशी होगी। विवाद, मतभेद और दूसरों की आपमें कमियाँ निकालने की आदत को नज़रअन्दाज़ करें। कोई पौधा लगाएँ। अन्य दिनों की अपेक्षा आज आपके सहकर्मी आपको अधिक समझने की कोशिश करेंगे। आज आपके पास लोगों से मिलने-जुलने का और अपने शौक़ पूरे करने का पर्याप्त खाली वक़्त है। आपके जीवनसाथी की कामकाज को लेकर व्यस्तता आपकी उदासी का कारण बन सकती है।
कन्या- (टो प पी पू ष ण ठ पे पो):- आज ख़ुश हो जाएँ क्योंकि अच्छा समय आने वाला है और आप स्वयं में अतिरिक्त ऊर्जा का अनुभव करेंगे। दिन के दूसरे हिस्से में आर्थिक तौर पर फ़ायदा होगा। आम परिचितों से व्यक्तिगत बातों को बांटने से बचें। अपने दोस्त से बहुत लम्बे समय बाद मिलने का ख़याल आपके दिल की धड़कन को बढ़ा सकता है। आज आपके बॉस का बढ़िया मिज़ाज पूरे कार्यालय के माहौल को अच्छा बना देगा। इस राशि के लोगों को आज अपने आप को समझने की जरुरत है। यदि आपको लगता है कि आप दुनिया की भीड़ में कहीं खो गये हैं तो अपने लिए वक्त निकालें और अपने व्यक्तित्व का आकलन करें। जो यह समझते हैं कि शादी सिर्फ़ रस्म के लिए होती है, वे ग़लत हैं। क्योंकि आज आपको सच्चे प्यार का एहसास होगा।
तुला- (रा री रू रे रो ता ती तू ते):- आज अभी तक जो समस्याएँ आपको परेशान कर रही हैं, उन्हें हल करने के लिए होशियारी, चतुरता और कूटनीति के दाव-पेंचों की ज़रूरत है। यूं तो आज आर्थिक पक्ष अच्छा रहेगा लेकिन इसके साथ ही आपको यह ध्यान भी रखना होगा कि आप अपने पैसे को व्यर्थ में खर्च न करें। अगर बातचीत और चर्चा आपके मुताबिक़ न हो, तो आप नाराज़गी में कड़वी बातें कह सकते हैं जिन्हें लेकर बाद में आपको पछताना पड़ सकता है – इसलिए भली-भांति सोचकर ही बोलें। संतोषजनक परिणाम पाने के लिए काम को योजनाबद्ध तरीक़े से करें, दफ़्तर की परेशानियों को हल करने में आपको मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है। आज अपनेे विवेक का उपयोग करते हुए ही घर के लोगों से बातें करें अगर आप ऐसा नहीं करते तो बेवजह के झगड़ों की वजह से आपका समय खराब हो सकता है। सुबह जीवनसाथी से आपको कुछ ऐसा मिल सकता है, जिससे आपका सारा दिन ख़ुशगवार गुज़रेगा।
वृश्चिक- (तो ना नी नू ने नो या यी यू):- आज बहुत ज़्यादा खाने से बचें और अपने वज़न पर नज़र रखें। आर्थिक तौर पर सुधार तय है। आपका मज़ाकिया स्वभाव आपके चारों ओर के वातावरण को ख़ुशनुमा बना देगा। अपने साथी को भावनात्मक तौर पर ब्लैकमेल करने से बचें। खुदरा और थोक व्यापारियों के लिए अच्छा दिन है। ऐसे लोगों से जुड़ने से बचें जो आपकी प्रतिष्ठा को आघात पहुँचा सकते हैं। जीवनसाथी की ओर से जानबूझ कर भावनात्मक चोट मिल सकती है, जिसके चलते आप उदास हो सकते हैं।
धनु-ये यो भा भी भू धा फा ढ़ा भे):- आज आप खेल-कूद में हिस्सा ले सकते हैं, जो आपको तन्दुरुस्त बनाए रखेगा। जो लोग लघु उद्योग करते हैं उन्हें आज के दिन अपने किसी करीबी की कोई सलाह मिल सकती है जिससे उन्हें आर्थिक लाभ होने की संभावना है। आपकी पारिवारिक सदस्यों को क़ाबू में रखने और उनकी न सुनने प्रवृत्ति की वजह से बेवजह वादविवाद हो सकता है और आपको आलोचना का सामना भी करना पड़ सकता है। संयम और साहस का दामन थामे रखें। ख़ास तौर पर तब जब दूसरे आपका विरोध करें, जिसकी कामकाज के दौरान संभावना है। सामाजिक और धार्मिक समारोह के लिए बेहतरीन दिन है। आज आप अपने जीवनसाथी से काफ़ी आत्मीय बातचीत कर सकते हैं।
मकर- (भो जा जी खी खू खे खो गा गी):- आज हँसमुख रिश्तेदारों का साथ आपके तनाव को कम करेगा और आपको ज़रूरी आराम देगा। आप ख़ुशनसीब हैं कि आपके ऐसे सगे-संबंधी हैं। रियल एस्टेट और वित्तीय लेन-देन के लिए अच्छा दिन है। रिश्तेदारों और दोस्तों से अचानक उपहार मिलेगा। आज के दिन आपका कठिन परिश्रम फलदायी सिद्ध होगा। वक्त के साथ चलना आपके लिए अच्छा है लेकिन साथ ही आपको यह समझना भी जरुरी है कि जब कभी आपके पास खाली समय हो अपने करीबियों के साथ वक्त बिताएं। आपका जीवनसाथी आपको ख़ुश करने के लिए आज काफ़ी कोशिशें करता नज़र आएगा।
कुंभ- (गू गे गो सा सी सू से सो द):- आज प्रकृति ने आपको आत्मविश्वास और तेज़ दिमाग़ दिया है- इसलिए इनका भरपूर उपयोग कीजिए। आज धन लाभ होने की संभावना तो बन रही है लेकिन ऐसा हो सकता है कि अपने गुस्सैल स्वभाव के कारण आप पैसा कमाने में सक्षम न हो पाएं। अपने परिवार की भलाई के लिए मेहनत करें। आपके कामों के पीछे प्यार और दूरदृष्टि की भावना होनी चाहिए, न कि लालच कीै। समय, कामकाज, पैसा, यार-दोस्त, नाते-रिश्ते सब एक ओर और आपका प्यार एक तरफ़, दोनों आपस में खोए हुए – कुछ ऐसा मिज़ाज रहेगा आपका आज। सहकर्मियों और वरिष्ठों के पूरे सहयोग के चलते दफ़्तर में काम तेज़ रफ़्तार पकड़ लेगा। आपके घर वाले आज आपसे कई परेशानियां शेयर करेंगे लेकिन आप अपनी ही धुन में मस्त रहेंगे और खाली समय में कुछ ऐसा करेंगे जो करना आपको पसंद है। आपके जीवनसाथी का आन्तरिक सौन्दर्य बाहर भी पूरी तरह महसूस होगा।
मीन- (दी दू थ झ ञ दे दो च ची):- आज आपका तनाव काफ़ी हद तक ख़त्म हो सकता है। जिन लोगों ने किसी अनजान शख्स की सलाह पर कहीं निवेश किया था आज उन्हें उस निवेश से फायदा होने की पूरी संभावना है। रिश्तेदारों के यहाँ जाना उससे काफ़ी बेहतर रहेगा, जितना आप सोच सकते हैं। अपने प्रिय को आज निराश न करें- क्योंकि ऐसा करने की वजह से बाद में आपको पछताना पड़ सकता है। आज अनुभवी लोगों से जुड़कर जानने की कोशिश करें कि उनका क्या कहना है। समय का अच्छा उपयोग करने के लिए आज आप पार्क में घूमने का प्लान बना सकते हैं लेकिन वहां किसी अनजान शख्स से आपकी बहस हो पंडित नरेश सारस्वत रीङी 8055566975





