श्रीडूंगरगढ़ टुडे 30 जून 2026
बालिका स्वाध्याय निशुल्क लाइब्रेरी, श्रीडूंगरगढ़ द्वारा जरूरतमंद एवं प्रतिभाशाली बेटियों की शिक्षा को सशक्त बनाने के उद्देश्य से “एक बेटी – एक सहयोगी” अभियान का शुभारंभ किया गया है। इस अभियान के माध्यम से समाज के प्रबुद्ध नागरिकों, भामाशाहों, उद्योगपतियों एवं सेवा-भावी व्यक्तियों से आह्वान किया गया है कि वे एक बेटी की वार्षिक शिक्षा एवं अध्ययन सुविधाओं का सहयोगी बनकर उसके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सहभागी बनें।
अभियान के अंतर्गत कोई भी सहयोगी एक जरूरतमंद बेटी की वार्षिक अध्ययन व्यवस्था का संपूर्ण खर्च वहन कर सकता है। इसमें लाइब्रेरी में बैठने की व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, बिजली, पंखे/एसी, पुस्तकें, स्टेशनरी, फोटो कॉपी, इंटरनेट, रखरखाव तथा अन्य आवश्यक शैक्षणिक सुविधाएँ शामिल हैं। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को निःशुल्क एवं शांत वातावरण में प्रतियोगी परीक्षाओं सहित नियमित अध्ययन का बेहतर अवसर मिलेगा।
संस्था द्वारा सहयोग की विभिन्न श्रेणियाँ निर्धारित की गई हैं—
₹21,000 – वार्षिक विशेष सहयोग
₹11,000 – वार्षिक सहयोग
₹5,100 – वार्षिक सहयोग
₹2,100 – आजीवन सदस्यता शुल्क
₹1,100 – कार्यकारिणी सदस्यता शुल्क
₹365 – प्रतिदिन एक रुपये के बराबर वार्षिक सहयोग
संस्था के निदेशक योगगुरू ओम कालवा ने बताया कि शिक्षा ही समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है। यदि समाज का प्रत्येक सक्षम व्यक्ति केवल एक बेटी की शिक्षा का संकल्प ले, तो अनेक बेटियों के सपनों को नई उड़ान मिल सकती है। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने का एक प्रेरणादायी प्रयास है।
संस्था की चेयरमैन मंजू देवी ने बताया कि यह संभाग की सर्व समाज की जरूरतमंद बेटियों के लिए स्थापित पहली पूर्णतः निःशुल्क एवं आधुनिक सुविधाओं से युक्त सुंदर लाइब्रेरी है। इसकी उत्कृष्ट व्यवस्था और सौंदर्यीकरण को देखने के लिए विभिन्न क्षेत्रों से लोग प्रेरणा लेने आते हैं।
गत दस महीनों से लाइब्रेरी की व्यवस्थाओं का सफल संचालन संरक्षक श्रीगोपाल राठी, व्यवस्थापक अध्यापक हरीश कुमार शर्मा, मार्गदर्शक सेवानिवृत्त जिला शिक्षा अधिकारी गजानंद सेवग, कार्यालय प्रभारी बलराम बेनीवाल, बुक स्टॉक प्रभारी सहीराम रोलन, सहायक प्रबंधक राजपुरोहित महिला समिति की राष्ट्रीय अध्यक्षा सोनिया राजपुरोहित, आईटी प्रभारी योगगुरू राकेश कुमार पडिहार, सेवादार लाला राजस्थानी तथा आजीवन एवं कार्यकारिणी सदस्यों के सहयोग से किया जा रहा है।
लाइब्रेरी परिवार ने समाज के दानदाताओं, उद्योगपतियों, सामाजिक संगठनों एवं आम नागरिकों से इस पुनीत अभियान में सहभागी बनने का आग्रह करते हुए कहा कि—
“एक बेटी की शिक्षा में किया गया सहयोग, पूरे समाज के भविष्य में किया गया निवेश है।”
इच्छुक सहयोगी संस्था से संपर्क कर इस अभियान से जुड़ सकते हैं। संपर्क सूत्र: 9799436775





