श्रीडूंगरगढ़ टुडे 30 जून 2026
राजकीय महाविद्यालय श्रीडूंगरगढ़ के प्राचार्य डॉ. महावीर नाथ को हिंदी विषय में पीएचडी (डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी) की उपाधि प्रदान की गई है। यह उपाधि उन्हें उनके शोध विषय “नंद चतुर्वेदी के साहित्य में सामाजिक सरोकार और परिवेश एक अध्ययन” पर उत्कृष्ट शोध कार्य के लिए प्रदान की गई है।
डॉ. महावीर नाथ का यह शोध कार्य हिंदी की प्रसिद्ध विदुषी एवं शोध निर्देशक प्रोफेसर डॉ. मनीषा शर्मा के निर्देशन में संपन्न हुआ। अपने शोध कार्य में उन्होंने वरिष्ठ साहित्यकार नंद चतुर्वेदी के साहित्य का गहन अध्ययन करते हुए उसमें निहित सामाजिक चेतना, मानवीय मूल्यों, समकालीन परिवेश तथा जनसरोकारों का व्यापक विश्लेषण किया है।
शोध के दौरान डॉ. महावीर नाथ ने नंद चतुर्वेदी की कविताओं, निबंधों एवं अन्य साहित्यिक कृतियों का अध्ययन कर यह प्रतिपादित किया कि उनका साहित्य समाज के वंचित, शोषित एवं आमजन की समस्याओं को मुखर रूप से अभिव्यक्त करता है। साथ ही उनके साहित्य में मानवीय संवेदनाओं, लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक समरसता का सशक्त स्वर उभरकर सामने आता है।
डॉ. महावीर नाथ का मानना है कि नंद चतुर्वेदी का साहित्य आज भी समाज को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उनका यह शोध हिंदी साहित्य के अध्येताओं एवं शोधार्थियों के लिए उपयोगी सिद्ध होगा।
यह शोध इस दृष्टि से भी विशेष महत्व का है कि इसमें राजस्थान के सुप्रसिद्ध साहित्यकार नंद चतुर्वेदी के साहित्य का सम्यक् एवं गहन अनुशीलन किया गया है। प्रायः हिंदी साहित्य के शोध क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के साहित्यकारों पर अधिकाधिक अनुसंधान कार्य संपादित होते रहे हैं। ऐसे में राजस्थान के साहित्यकार को केंद्र में रखकर किया गया यह शोध न केवल प्रचलित धारणाओं का अतिक्रमण करता है. अपितु हिंदी साहित्य में क्षेत्रीय साहित्यिक परंपराओं के पुनर्मूल्यांकन तथा उनके राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में प्रतिष्ठापन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल भी है।
इस उपलब्धि पर शिक्षाविदों, साहित्यकारों, सहकर्मियों एवं शुभचिंतकों ने डॉ. महावीर नाथ को बधाई देते हुए इसे शिक्षा एवं साहित्य जगत के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया है।





