श्रीडूंगरगढ टुडे 4 सितंबर 2026
श्रीडूंगरगढ़। योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व को श्री डूंगरगढ़ कस्बेवासियों ने स्वास्थ्य, साधना और आध्यात्मिक चेतना के साथ मनाया। इस अवसर पर तुलसी सेवा संस्थान हॉस्पिटल स्थित महाप्रज्ञ प्रेक्षाध्यान सभागार भवन में आयोजित विशेष योगाभ्यास कार्यक्रम में बड़ी संख्या में योग साधकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त योगगुरु ओम कालवा के मार्गदर्शन में साधकों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम, ध्यान एवं सरल योग क्रियाओं का अभ्यास किया। योगगुरु ओम कालवा ने कहा कि योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण का सम्पूर्ण जीवन कर्मयोग, अनुशासन, संयम, आत्मविश्वास और सकारात्मक चिंतन का अनुपम संदेश देता है। श्रीकृष्ण ने मानव जीवन को कर्तव्यपथ पर चलते हुए परिस्थितियों का साहस एवं धैर्य के साथ सामना करने की प्रेरणा दी।
उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा को संतुलित करने वाली एक सम्पूर्ण जीवन पद्धति है। वर्तमान समय की भागदौड़, तनाव और अनियमित जीवनशैली में योग को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाना अत्यंत आवश्यक हो गया है। नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ, मन शांत, विचार सकारात्मक और जीवन ऊर्जावान बनता है।
विशेष योगाभ्यास कार्यक्रम में कस्बे के सूरतनाथ सिद्ध, रामधन मीणा, नोरंगलाल मोट, रूपेश थदानी, विशाल थदानी, दिलीप जांगिड़, विष्णु शर्मा, दिनेश भांभू, रविशंकर सिद्ध, योगिता कालवा सहित अनेक योग साधकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया तथा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व को योग एवं स्वास्थ्य साधना के माध्यम से सार्थक रूप में मनाया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर तुलसी सेवा संस्थान परिवार के अध्यक्ष भीखमचंद पुगलिया, मंत्री धर्मचंद धड़ेवा एवं प्रशासक सूर्यप्रकाश गांधी ने सभी योग साधकों का आभार व्यक्त करते हुए नियमित योगाभ्यास अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में योग को अपनाना चाहिए।
कार्यक्रम का समापन सामूहिक संकल्प के साथ हुआ
“योग अपनाएं – निरोगी जीवन पाएं”
“स्वस्थ तन, शांत मन और सकारात्मक जीवन ही सच्ची साधना है।”





