श्रीडूंगरगढ टुडे 23 जुलाई 2026
श्रीडूंगरगढ की शिक्षाविद् व लेखिका सीमा भोजक ने साहित्य जगत में एक और उपलब्धि हासिल की भोजक की दूसरी काव्य पुस्तिका “उड़ान के पहले पंख” का लोकार्पण लेखिका रविना कुलरिया के शादी पर सीकर के अंकित मैरिज गार्डन में आयोजित समारोह में हुआ। समारोह में डॉ. मुकेश पंचोली, रवीना कुलहरिया सहित स्टाफ के अनेक सदस्य मौजूद रहे।

सीमा भोजक की कविताएं इन दिनों काव्य जगत में खूब पढ़ी जा रही हैं। इससे पहले प्रकाशित उनका पहला काव्य संग्रह “जीवन की राह” भी पाठकों के बीच काफी लोकप्रिय रहा और उसे सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। अब उनकी नई पुस्तक “उड़ान के पहले पंख” से भी साहित्य प्रेमियों और विद्यार्थियों को काफी उम्मीदें हैं। इस पुस्तक में कवयित्री सीमा भोजक सहित डॉ. मुकेश पंचोली व रवीना कुलहरिया की कविताएं पाठकों को पढ़ने के लिए मिलेगी।
इस काव्य संकलन में संघर्ष से सफलता तक की प्रेरणादायक कविताओं का समावेश किया गया है। कवयित्री सीमा भोजक ने कहा कि यह पुस्तक केवल कविता संग्रह नहीं, बल्कि जीवन में लक्ष्य तय कर उसे हासिल करने की प्रेरणा देने का प्रयास है। उन्होंने विश्वास जताया कि पाठक और विशेष रूप से विद्यार्थी इस पुस्तक को पढ़कर अपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और नई दिशा प्राप्त करेंगे।
उन्होंने बताया कि “उड़ान के पहले पंख” पुस्तक ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से उपलब्ध है। पुस्तक का मूल्य 200 रुपये रखा गया है।



