श्रीडूंगरगढ टुडे 27 अगस्त 2026
सनशाइन सैकण्डरी स्कूल एवं विद्यास्थली कॉन्वेन्ट स्कूल परिसर में रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर रक्षाबंधन पर्व अत्यंत उत्साह, उमंग और सांस्कृतिक गरिमा के साथ मनाया गया।

आयोजन के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता का परिचय देते हुए स्वयं सुंदर व आकर्षक राखियां तैयार कीं। इसके पश्चात बच्चों ने एक-दूसरे की कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर परस्पर सहयोग, अटूट स्नेह और भाईचारे की भावना बनाए रखने का संकल्प लिया। विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों (अध्यापक-अध्यापिकाओं) को भी राखियां बांधकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान पूरे विद्यालय परिसर में उत्सव का माहौल बना रहा।

कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने विद्यार्थियों को रक्षाबंधन के पावन पर्व के महत्व तथा भारतीय संस्कृति में भाई-बहन के पवित्र रिश्ते की महत्ता की विस्तृत जानकारी दी।

संस्कारों और रचनात्मकता का अद्भुत संगम
शाला निदेशक राकेश व्यास ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा, “रक्षाबंधन केवल धागा बांधने का पर्व नहीं, बल्कि रिश्तों में अटूट विश्वास, सम्मान और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का पावन अवसर है। विद्यार्थियों द्वारा स्वयं अपने हाथों से राखियां बनाकर पर्व मनाना उनकी रचनात्मकता के साथ-साथ हमारी समृद्ध संस्कृति व संस्कारों से गहरा जुड़ाव दर्शाता है।”
शिक्षा के साथ सांस्कृतिक मूल्यों पर जोर
प्रिंसिपल रेणु व्यास ने कहा, “हमारे विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों को अपनी जड़ों, परंपराओं और भारतीय संस्कृति से जोड़ना भी प्राथमिकता है। इस प्रकार के आयोजन बच्चों के भीतर प्रेम, सहयोग, अनुशासन और आपसी सम्मान की भावना विकसित करते हैं। रक्षाबंधन का पावन संदेश विद्यार्थियों को अपने जीवन में सभी रिश्तों की अहमियत समझने की प्रेरणा देता है।”







