श्रीडूंगरगढ टुडे 24 जुलाई 2026
श्रीडूंगरगढ नेशनल हाईवे पर स्तिथ रूपा देवी स्कूल के पास बिल्कुल नीचे एक ट्रांसफार्मर लगा है।मोहल्लेवासियों ने बताया कि ट्रांसफार्मर इतना नीचे लगा है कि स्कूल के बच्चें व गौवंश व बच्चे कभी चपेट में आ सकते है।
यह स्थिति अत्यंत गंभीर और चिंताजनक है। एक तरफ स्कूल के पास नीचा ट्रांसफॉर्मर बच्चों और बेजुबान पशुओं की जान के लिए सीधा खतरा बना हुआ है, वहीं दूसरी तरफ 2 साल से जमा गंदगी और गंदा पानी स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा संकट पैदा कर रहा है।
सुरक्षा एवं जीवन का खतरा (सुरक्षा जोखिम)
- नीचा ट्रांसफॉर्मर: छोटे बच्चे चंचल होते हैं और खेल-खेल में या लापरवाही में ट्रांसफॉर्मर के संपर्क में आ सकते हैं।
- पशुओं के लिए खतरा: आवारा मवेशी (जैसे गायें) खाने की तलाश में या पानी के चक्कर में ट्रांसफॉर्मर से टकरा सकती हैं, जिससे करंट लगने की दुर्घटना हो सकती है।
- मौसम का प्रभाव: बारिश के मौसम में पानी जमा होने पर गंदे पानी में करंट फैलने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संकट (स्वास्थ्य जोखिम)
- बीमारियों का घर: 2 साल से जमा गंदे पानी और कचरे में मच्छर, मक्खियां और बैक्टीरिया पनपते हैं, जिससे डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड, और हैजा जैसी बीमारियां फैलने का डर है।
- सांस और मानसिक तनाव: लगातार बदबू से स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है और आसपास रहने वाले लोगों को सांस लेना भी दुर्भर हो गया है।
प्रशासनिक लापरवाही और कानून का उल्लंघन
- बिजली विभाग -भारतीय बिजली नियमों के अनुसार, सुरक्षा मानकों के तहत आबादी वाले या स्कूल के इलाकों में ट्रांसफॉर्मर एक निश्चित ऊंचाई पर होना चाहिए या उसके चारों तरफ मजबूत लोहे की बैरिकेडिंग (घेराबंदी) होनी चाहिए।
- नगर पालिका व प्रशासन की लापरवाही – 2 साल तक कचरा और गंदा पानी जमा रहना स्थानीय प्रशासन की सरासर लापरवाही को दर्शाता है।
मोहल्लेवासियों ने बताया कि कई बार इसे हटाने का आग्रह विभाग से किया है।लेकिन आज तक कोई कार्यवाही नही हुई घनी आबादी व स्कूल के पास यह ट्रांसफार्मर एक बड़े खतरे की घंटी है। मोहल्लेवासियों ने इस समस्या का तुरंत समाधान की मांग करते हुए ट्रांसफार्मर को यहां से हटाने व साफ सफाई की मांग की।



