श्रीडूंगरगढ टुडे 18 जुलाई 2026
जब एक खिलाड़ी का सपना अधूरा रह जाता है तो कई बार वह किसी और के सपने को पूरा करने का माध्यम बन जाता है। ब्यावर के नजदीकी गांव आखावतो का बाडिया नया गांव स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में शारीरिक शिक्षक और क्रिकेट कोच नगेंद्र सिंह राठौड़ की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। 2006 में हुई सड़क दुर्घटना में नगेंद्र को कंधे की चोट लगी। भारतीय टीम में चुने जाने का सपना टूटा तो कोच बनकर खिलाड़ियों को उस मुकाम तक पहुंचाने की कोशिश में जुट गए। नगेंद्र ने जयपुर की एक क्रिकेट अकादमी में कोचिंग देना शुरू किया।

यहीं एक खिलाड़ी मिला जिसमें नगेंद्र के सपने को ऊंचाईयों तक ले जाने का जज्बा दिखा। 8 साल (2011 से 2019) उसे तेज गेंदबाजी की तकनीक, फिटनेस और अनुशासन की बारीकियां सिखाई। अब वह 23 जुलाई से शुरू होने वाले जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारतीय टी-20 टीम में चुना गया है। नाम है अशोक शर्मा। आईपीएल में की 154 किमी की रफ्तार से गेंदबाजी घरेलू क्रिकेट में अपनी धारदार गेंदबाजी से उन्होंने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा। रणजी ट्रॉफी 2025 में राजस्थान की ओर से केवल 4 मैचों में 14 विकेट लेकर अपनी पहचान बनाई। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025-26 में 22 विकेट लेकर अशोक शर्मा संयुक्त रूप से सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे।

घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बाद गुजरात टाइटंस ने उन्हें अपनी टीम में शामिल किया। आईपीएल में 154 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंककर उन्होंने क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींचा और अब उसी प्रदर्शन ने उन्हें भारतीय टीम तक पहुंचा दिया श्रीडूंगरगढ सातलेरा निवासी नगेंद्र खुद भी अपने समय के तेज गेंदबाज रहे हैं। वे वे लगातार आठ बार बीकानेर की ओर से कॉल्विन शील्ड खेले। तीन बार रणजी ट्रायल शिविर के लिए चयनित हुए और एक बार ईरानी ट्रॉफी कैंप में भी भाग लिया।

लगातार दो बार राजस्थान विश्वविद्यालय क्रिकेट टीम के कप्तान भी रहे। एक सड़क दुर्घटना ने उनके खिलाड़ी बनने के सपने को रोक दिया, लेकिन उन्होंने क्रिकेट से रिश्ता नहीं छोड़ा। खिलाड़ी बनने के बजाय उन्होंने कोच बनने का रास्ता चुना। कोविड काल और बाद में सरकारी नौकरी लगने तक वे अशोक शर्मा को लगातार तेज गेंदबाजी का प्रशिक्षण देते रहे। अशोक के सोशल मीडिया अकाउंट पर भी गुरु-शिष्य की इस यात्रा की कई तस्वीरें और उपलब्धियां दर्ज हैं।






