श्रीडूंगरगढ टुडे 29 अगस्त 2026
नगरपालिका चुनाव की सरगर्मी अब तेज हो गई है। नामांकन प्रक्रिया के अंतिम चरण में शनिवार को 49 प्रत्याशियों ने पर्चे दाखिल किए। उपखंड कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार इनमें भाजपा के 19, कांग्रेस के 18, आरएलपी के 4 और 8 निर्दलीय प्रत्याशी शामिल हैं। सोमवार को नामांकन दाखिल करने का अंतिम दिन है, ऐसे में राजनीतिक दलों की ओर से प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी ना होने के कारण दावेदारों की धड़कनें तेज हो गई है।
डबल रणनीति’: पार्टी टिकट के साथ निर्दलीय पर्चा भी दाखिल
सूची जारी होने में देरी के चलते कई प्रत्याशियों ने ‘सेफ गेम’ खेलते हुए दोहरी रणनीति अपनाई है। पार्टी का सिंबल न मिलने पर मैदान से बाहर होने के डर से कई दावेदारों ने भाजपा के साथ-साथ निर्दलीय के रूप में भी पर्चे दाखिल किए हैं।

अब तक भाजपा प्रत्याशियों द्वारा भाजपा के साथ निर्दलीय पर्चे भरें गए है और एक ही वार्ड में 2-2 प्रत्याशियों ने आवेदन किया है। वार्ड 6 में कमला देवी ने भाजपा के साथ निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में भी पर्चा दाखिल किया। वार्ड 26 में मंजूदेवी ने भी भाजपा और निर्दलीय दोनों नामांकन किए। वार्ड 32 में पवन कुमार नाई और लक्ष्मीनारायण तावनियां ने भाजपा के साथ निर्दलीय पर्चा भी भरा। इसी वार्ड से भाजपा के एक अन्य दावेदार भरत सुथार के सोमवार को नामांकन दाखिल करने की चर्चा है।
वार्ड 34 में नरेश कुमार सोनी ने भाजपा और निर्दलीय दोनों के रूप में नामांकन किया। वार्ड 30 में ललित कुमार और रामावतार ने भाजपा से पर्चा दाखिल किया। वार्ड 36 में रजत कुमार आसोपा और उनके पिता अशोक कुमार ने भाजपा से दावेदारी जताई। वहीं वार्ड 38 में मोनिका देवी और सुनीता ने भाजपा से नामांकन किया।
सोमवार को साफ होगी चुनावी तस्वीर
गुरुवार को वार्ड 28 से शंकरलाल जोशी ने भाजपा की ओर से नामांकन दाखिल किया था। अब रविवार का अवकाश होने के बाद सोमवार को नामांकन का अंतिम दिन रहेगा। पार्टियों की अधिकृत सूची सामने नहीं आने से कई दावेदार दोहरी रणनीति के साथ मैदान में हैं। पार्टी का टिकट मिलने की उम्मीद के साथ निर्दलीय नामांकन भी दाखिल किया जा रहा है, ताकि टिकट नहीं मिलने की स्थिति में चुनावी मैदान से बाहर न होना पड़े।
सोमवार को नामांकन प्रक्रिया का अंतिम दिन है। माना जा रहा है कि शाम तक राजनीतिक दल अपने अधिकृत सिंबल की घोषणा कर देंगे। इसके बाद होने वाली नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) और नाम वापसी की प्रक्रिया के दौरान कई समीकरण बदलने तय हैं। फिलहाल सिंबल का सस्पेंस और एक ही वार्ड से एक से अधिक दावेदारों के ताल ठोकने से श्रीडूंगरगढ़ की राजनीति बेहद रोचक मोड़ पर पहुंच गई है।



