श्रीडूंगरगढ़ टुडे 8 जुलाई 2026
श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के गांव तोलियासर स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के छात्र इन दिनों खुले आसमान के नीचे पढ़ाई करने को मजबूर हैं। विद्यालय भवन को पूरी तरह जर्जर घोषित किए जाने के बावजूद शिक्षा विभाग द्वारा अभी तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नही की गई। जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पेड़ों की छांव में बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर है। विद्यालय भवन के असुरक्षित घोषित होने के बाद कक्षाएं भवन के बाहर संचालित की जा रही हैं।
विद्यालय के संस्था प्रधान शिवरतन गोदारा ने बताया कि भवन को पूरी तरह जर्जर घोषित किया जा चुका है। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत भैरव मंदिर गेस्ट हाउस में कक्षाएं संचालित करने के निर्देश मिले हैं, लेकिन संबंधित भवन की फिजिकल रिपोर्ट अभी तक शिक्षा विभाग को नहीं मिली है। रिपोर्ट के अभाव में विद्यार्थियों को वहां शिफ्ट नहीं किया जा सका है।
वहीं सरपंच प्रतिनिधि गिरधारी सिंह ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि विभागीय इंजीनियर समय पर निरीक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत कर दें तो बच्चों को तत्काल अस्थायी भवन में स्थानांतरित किया जा सकता है। विभाग की लापरवाही और देरी का खामियाजा मासूम विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को भुगतना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस विद्यालय की स्थिति की शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंच चुकी है। जर्जर भवन को ध्वस्त करने के निर्देश भी जारी हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर विभागीय कार्रवाई बेहद धीमी है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे उच्च स्तर पर शिकायत करने को मजबूर होंगे।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब विद्यालय भवन को पहले ही असुरक्षित घोषित किया जा चुका है, तब भी वैकल्पिक व्यवस्था में इतनी देरी क्यों हो रही है? ग्रामीणों और अभिभावकों को उम्मीद है कि शिक्षा विभाग शीघ्र आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर विद्यार्थियों को सुरक्षित अस्थायी भवन में स्थानांतरित करेगा, ताकि उनकी पढ़ाई बाधित न हो।



