श्रीडूंगरगढ टुडे 19 जुलाई 2026
श्रीडूंगरगढ़ थोड़ी देर पहले नेशनल हाईवे कांग्रेस नेता हरिराम बाना के कार्यालय के पास एक भीषण सड़क हादसा हुआ एक स्लीपर बस और बोलेरो गाड़ी की आमने-सामने भिड़ंत में करीब आधा दर्जन लोग घायल हो गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस क्षतिग्रस्त हो गई और बोलेरो के बुरी तरह से परखच्चे उड़ गए।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। कार्यालय में मौजूद कार्यकर्ताओं और आसपास के लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू करते हुए घायलों को संभाला और एंबुलेंस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही एपीजे अब्दुल कलाम वेलफेयर एम्बुलेंस और आपणो गांव सेवा समिति की एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए श्रीडूंगरगढ़ उप जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
हादसे बोलेरो में सवार एक ही परिवार के आठ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद पीबीएम ट्रॉमा सेंटर, बीकानेर रेफर किया गया।घायलों में मेघा (18), अमिता (45), आइना (28), लाडू (2), निधि (5), विकास (32), प्रतिज्ञा (28) और दानीराम (45) शामिल हैं। सभी का प्राथमिक उपचार कर गंभीर हालत को देखते हुए पीबीएम ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया।लेकिन हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए 6 वर्षीय शिवानी, 18 वर्षीय मेघा तथा बोलेरो चालक 45 वर्षीय दानाराम ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं हादसे में घायल पांच अन्य लोगों का पीबीएम ट्रॉमा सेंटर में उपचार जारी है।
जानकारी के अनुसार हादसे के बाद सामाजिक संस्थाओं और एंबुलेंस सेवाओं ने त्वरित राहत एवं बचाव कार्य करते हुए घायलों को अस्पताल पहुंचाया। शिवानी को आपणो गांव सेवा समिति की एंबुलेंस, मेघा को एपीजे अब्दुल कलाम वेलफेयर सोसायटी की एंबुलेंस तथा गंभीर घायल चालक दानाराम को निजी एंबुलेंस से बीकानेर ट्रॉमा सेंटर भेजा गया था। चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद तीनों की जान नहीं बचाई जा सकी
एपीजे अब्दुल कलाम वेलफेयर सोसायटी के आमिर खान ने बताया कि उनकी टीम ने घायलों को जल्द से जल्द ट्रॉमा सेंटर पहुंचाने का हर संभव प्रयास किया, लेकिन हादसा इतना गंभीर था कि तीन लोगों की जान नहीं बच सकी।
उन्होंने कहा कि यदि श्रीडूंगरगढ़ में ट्रॉमा सेंटर की सुविधा उपलब्ध होती, तो घायलों को समय पर विशेषज्ञ उपचार मिल सकता था और संभव है कि कुछ जानें बचाई जा सकतीं। इस दर्दनाक हादसे के बाद क्षेत्र में ट्रॉमा सेंटर की आवश्यकता को लेकर एक बार फिर मांग तेज हो गई है।
पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण स्लीपर बस चालक द्वारा लापरवाही से ओवरटेक करना माना जा रहा है।






