श्रीडूंगरगढ टुडे 25 जुलाई 2026
🙏जय श्री गणेशाय नमः🙏
🙏जय श्री कृष्णा🙏
🕉️आज का पंचांग-25.07.2026 🕉️
दैनिक गोचर ग्रह एवं राशिफल✴️
🕉️ शुभ शनिवार – 🌞 – शुभ प्रभात् 🕉️
74-30💥मध्यमान्💥75-30
(केतकी चित्रापक्षीय गणितानुसारेण निर्मितम्)
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_आज विशेष
देवशयनी(पद्मा) एकादशी व्रत आज है जानिए
व्रत का महत्व पारणा समय एवं व्रत कथा
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_दैनिक पंचांग विवरण
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आज दिनांक…………………..25.7.2026
कलियुग संवत्………………………..5128
विक्रम संवत्……………… ………… 2083
शक संवत्……………………………. 1948
संवत्सर……………………………….श्री रौद्र
अयन…………………………………..दक्षिण
गोल……………………………………. उत्तर
ऋतु…………………………………….. वर्षा
मास…………………………………. आषाढ़
पक्ष……………………………………. शुक्ल
तिथि..एकादशी. प्रातः 11.35 तक / द्वादशी
वार…………………………………. शनिवार नक्षत्र………………. ज्येष्ठा. संपूर्ण (अहोरात्र)
चंद्र राशि…………. वृश्चिक. संपूर्ण (अहोरात्र)
योग…………….ब्रह्म. रात्रि. 9.08 तक / ऐंद्र
करण………..विष्टि(भद्रा). प्रातः 11.35 तक
करण………बव. रात्रि.12.46* तक / बालव
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नोट-जिस रात्रि समय के ऊपर(*) लगा हुआ हो
वह समय अर्द्ध रात्रि के बाद सूर्योदय तक का है
-दैनिक सूर्योंदयास्त दिनमानादि पंचांग विवरण-
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सूर्योदय………………..प्रातः 05.56.15 पर
सूर्यास्त………………..सायं. 07.19.28 पर
दिनमान-घं.मि.से………………..13.23.12
रात्रिमान-घं.मि.से. ………………10.37.16
चंद्रोदय……………….. 04.16.19 PM पर
चंद्रास्त……………….. 02.41.43 AM पर
राहुकाल…….प्रातः 9.17 से 10.57(अशुभ)
यमघंट………अपरा. 2.18 से 3.59(त्याज्य)
गुलिक…..प्रातः 5.56 से 7.37(शुभे त्याज्य)
अभिजित……..मध्या.12.11 से 1.05(शुभ)
पंचक………………………………… .नहीं है
हवन मुहूर्त(अग्निवास)……………… आज है
दिशाशूल…………………………. .पूर्व दिशा
दोष परिहार….. उड़द का सेवन कर यात्रा करें
आज का दिन
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व्रत विशेष…… देवशयनी एकादशी (सर्वेषाम्)
अन्य व्रत……………………………… नहीं है
पर्व विशेष………… श्री हरि विष्णु शयनोत्सव
दिवस विशेष………. सनातन् चातुर्मास प्रारंभ
दिन विशेष…………………. विश्व IVF दिवस
दिन विशेष……. विश्व डाउनिंग प्रिवेंशन दिवस
खगोलीय…………………………….. नहीं है
सूर्य नक्षत्र…………………….. पुष्ये. जारी है
नक्षत्र वाहन…………….. मूषक (वर्षा मध्यम्)
विष्टि(भद्रा)………………. प्रातः 11.35 तक
पंचक………………………………….. नहीं है
सर्वा.सि.योग…………………………. . नहीं है
अमृत सि.योग………………………….न हीं है
सिद्ध रवियोग…………………………. नहीं है
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✴️ अगले दिन की प्रतीकात्मक जानकारी✴️
दिनांक……………………… 26.07.2026
तिथि……….. आषाढ़ शुक्ला द्वादशी रविवार
व्रत विशेष…………………………….. प्रदोष
अन्य व्रत……………………………… नहीं है
पर्व विशेष……………………………..नहीं है
काल विशेष……….. सनातन् चातुर्मास जारी
दिन विशेष………….. कारगिल विजय दिवस
दिन विशेष..पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय स्था.दिवस
खगोलीय……. वक्री शनि. रात्रि. 12.27* पर
सूर्य नक्षत्र…………………….. पुष्य. जारी है
नक्षत्र वाहन…………….. मूषक (वर्षा मध्यम्)
विष्टि(भद्रा)……………………………..नहीं है
पंचक………………………………….. नहीं है
सर्वा.सि.योग…….. प्रातः 7.35 से रात्रि. पर्यंत
अमृत सि.योग…………………………. नहीं है
सिद्ध रवियोग…………………………. नहीं है
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विभिन्न नगरों के सूर्योदय में समयांतर मिनट
🌞श्री सनातन हिंदू पंचांग के अनुसार🌞
दिल्ली -10 मिनट———जोधपुर +6 मिनट
जयपुर -5 मिनट——अहमदाबाद +8 मिनट
इंदौर – 4 मिनट————-मुंबई +7 मिनट
लखनऊ – 25 मिनट——बीकानेर +5 मिनट
कोलकाता -54 मिनट–जैसलमेर +15 मिनट
🌄विशिष्ट काल-मुहूर्त-वेला परिचय🌄
🏵️🌞🌞✴️🌞🌞🏵️__ अभिजित् मुहुर्त – दिनार्द्ध से एक घटी पहले और एक घटी बाद का समय अभिजित मुहूर्त कहलाता है,पर बुधवार को यह शुभ नहीं होता.
ब्रह्म मुहूर्त – सूर्योदय से पहले का 1.30 घंटे का समय ब्रह्म मुहूर्त कहलाता है..
प्रदोष काल – सूर्यास्त से 45 मिनट पहले और 45 मिनट बाद का समय प्रदोष काल होता है
गौधूलिक काल सूर्यास्त से 12 मिनट पहले एवं
12 मिनट बाद का समय कहलाता है
🌄✡️✡️✡️✴️✡️✡️✡️🌄🌄✴️भद्रा वास शुभाशुभ विचार✴️🌄
भद्रा मेष, वृष, मिथुन, वृश्चिक के चंद्रमा में स्वर्ग में व कन्या, तुला, धनु, मकर के चंद्रमा में पाताल लोक में और कुंभ, मीन, कर्क, सिंह के चंद्रमा में मृत्युलोक में मानी जाती है यहां स्वर्ग और पाताल लोक की भद्रा शुभ मानी जाती हैं और मृत्युलोक की भद्रा काल में शुभ कार्य वर्जित होते हैं इसी तरह भद्रा फल विचार करें।
✴️🌄दिन का चौघड़िया 🌄✴️
शुभ………………प्रातः 7.37 से 9.17 तक
चंचल…………अपरा. 12.38 से 2.18 तक
लाभ……………अपरा. 2.18 से 3.59 तक
अमृत…………… सायं. 3.59 से 5.39 तक
✴️🌄रात्रि का चौघड़िया🌄✴️
लाभ……… सायं-रात्रि. 7.19 से 8.39 तक
शुभ…………… रात्रि. 9.59 से 11.18 तक
अमृत……रात्रि 11.18 से 12.38 AM तक
चंचल. रात्रि.12.38 AM से 1.58 AM तक
लाभ….रात्रि. 4.37 AM से 5.57 AM तक
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(विशेष – ज्योतिष शास्त्र में एक शुभ योग और एक अशुभ योग जब भी साथ साथ आते हैं तो शुभ योग की स्वीकार्यता मानी गई है )
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🌞🕉️शुभ शिववास की तिथियां🕉️🌞
शुक्ल पक्ष-2—–5—–6—- 9——-12—-13.
कृष्ण पक्ष-1—4—-5—-8—11—-12—-30.
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दिन नक्षत्र एवं चरणाक्षर संबंधी संपूर्ण विवरण
संदर्भ विशेष -यदि किसी बालक का जन्म गंड नक्षत्रों (रेवती, अश्विनी, अश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा और मूल) में होता है तो सविधि नक्षत्र की शांति आवश्यक मानी गयी है जो सविधि होनी चाहिये
आज जन्मे बालकों का नक्षत्र के चरण के समय समय के अनुसार राशिगत् नामाक्षरे….
समय – नक्षत्र नाम – नक्षत्र चरण – चरणाक्षर
11.20 AM तक…… ज्येष्ठा …1……नो
06.05 PM तक…….ज्येष्ठा….2……या
12.49 AM तक…….ज्येष्ठा….3….. यी
उपरांत रात्रि तक…….ज्येष्ठा …4…….यु
राशि वृश्चिक – पाया ताम्र
✴️आज की विशेष प्रस्तुति✴️
💥धर्म ज्योतिष वास्तु एवं गोचर राशिफल 💥
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देवशयनी(पद्मा) एकादशी व्रत आज है जानिए
व्रत का महत्व पारणा समय एवं व्रत कथा
हिंदू धर्म में एकादशी तिथि अत्यंत शुभ और पुण्यकारी मानी जाती है। मान्यता है कि इस दिन व्रत और दान करने से भगवान विष्णु के साथ मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। जानें देवशयनी(पद्मा)एकादशी व्रत किस दिन है।
कल सुबह 05:42 बजे से शुरू होगी देवशयनी एकादशी तिथि, जान लें व्रत की सही डेट और 5 जरूरी नियम
हिंदू धर्म में देवशयनी एकादशी बहुत खास मानी गई है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी यानी देवशयनी एकादशी पर भगवान विष्णु योगनिद्रा में जाते हैं। इस दिन से चातुर्मास प्रारंभ होता है। एकादशी व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है। मान्यता है कि इस दिन व्रत करने और कुछ चीजों का दान करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं। भगवान विष्णु की कृपा से जीवन में सुख-शांति और आर्थिक खुशहाली आती है। शास्त्रों और पद्मपुराण के अनुसार, देवशयनी एकादशी के दिन पूर्ण फल की प्राप्ति के लिए व्रत नियमों का पालन करना भी जरूरी होता है। एकादशी तिथि 24 जुलाई को सुबह 5 बजकर 42 मिनट पर पर प्रारंभ हो जाएगी, जिसका समापन अगले दिन होगा। एकादशी तिथि के कारण देवशयनी एकादशी व्रत की तारीख को लेकर लोगों के बीच भ्रम की स्थिति है। अगर आप भी देवशयनी एकादशी व्रत रखने वाले हैं, तो जानें किस दिन रखा जाएगा व्रत और कब करें पारण और व्रत के 5 जरूरी नियम।
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देवशयनी एकादशी के दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं? जानें व्रत की सही डेट
देवशयनी एकादशी व्रत किस दिन है:
पंचांग के अनुसार, देवशयनी एकादशी तिथि की शुरुआत 24 जुलाई 2026 को सुबह 05 बजकर 42 मिनट पर होगी। एकादशी तिथि का समापन 26 जुलाई को सुबह 08 बजकर 04 मिनट पर होगा। उदया तिथि में देवशयनी एकादशी व्रत का मान्य 25 जुलाई 2026, शनिवार को रहेगा।
देवशयनी एकादशी व्रत पारण कब और किस समय करें
देवशयनी एकादशी व्रत का पारण 26 जुलाई 2026, रविवार को किया जाएगा। व्रत पारण का शुभ मुहूर्त सुबह 06 बजकर 16 मिनट से सुबह 09 बजकर 20 मिनट तक रहेगा।
एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि में करना अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि द्वादशी तिथि में व्रत का पारण नहीं करने से पाप लगता है। पारण के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय सुबह 10 बजकर 27 मिनट है।
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देवशयनी एकादशी व्रत के 5 जरूरी नियम-
- देवशयनी एकादशी के दिन व्रत रखने वाले मनुष्य को सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान करना चाहिए। स्वच्छ और साफ वस्त्र धारण करके भगवान विष्णु का ध्यान लगाते हुए व्रत का संकल्प लेना चाहिए।
- भगवान विष्णु को इस दिन पूजा के समय पीले रंग के पुष्प, हल्दी, चंदन, पंचामृत और तुलसी दल आदि अर्पित करना चाहिए। इस दिन मां लक्ष्मी की भी पूजा का विधान है।
- देवशयनी एकादशी व्रत के दिन निर्जला या फलाहार व्रत करना चाहिए। इस दिन सात्विक चीजों का ही सेवन करें। यह व्रत सिर्फ भगवान विष्णु की उपासना नहीं बल्कि इंद्रियों और मन का संयम भी है।
- एकादशी व्रत के दिन गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को अपनी सामर्थ्यनुसार दान करना चाहिए। इस दिन आप अन्न, जल, धन और वस्त्र आदि का दान कर सकते हैं।
- एकादशी व्रत में अपशब्द नहीं बोलने चाहिए। किसी का अपमान भी नहीं करना चाहिए। इस दिन गुस्सा और क्रोध से दूरी बनाकर रखनी चाहिए।
देवशयनी एकादशी व्रत कथा..
धर्मराज युधिष्ठिर ने कहा: हे केशव! आषाढ़ शुक्ल एकादशी का क्या नाम है? इस व्रत के करने की विधि क्या है और किस देवता का पूजन किया जाता है? श्रीकृष्ण कहने लगे कि हे युधिष्ठिर! जिस कथा को ब्रह्माजी ने नारदजी से कहा था वही मैं तुमसे कहता हूँ।
एक बार देवऋषि नारदजी ने ब्रह्माजी से इस एकादशी के विषय में जानने की उत्सुकता प्रकट की, तब ब्रह्माजी ने उन्हें बताया: सतयुग में मांधाता नामक एक चक्रवर्ती सम्राट राज्य करते थे। उनके राज्य में प्रजा बहुत सुखी थी। किंतु भविष्य में क्या हो जाए, यह कोई नहीं जानता। अतः वे भी इस बात से अनभिज्ञ थे कि उनके राज्य में शीघ्र ही भयंकर अकाल पड़ने वाला है।
उनके राज्य में पूरे तीन वर्ष तक वर्षा न होने के कारण भयंकर अकाल पड़ा। इस अकाल से चारों ओर त्राहि-त्राहि मच गई। धर्म पक्ष के यज्ञ, हवन, पिंडदान, कथा-व्रत आदि में कमी हो गई। जब मुसीबत पड़ी हो तो धार्मिक कार्यों में प्राणी की रुचि कहाँ रह जाती है। प्रजा ने राजा के पास जाकर अपनी वेदना की दुहाई दी।
राजा तो इस स्थिति को लेकर पहले से ही दुःखी थे। वे सोचने लगे कि आखिर मैंने ऐसा कौन-सा पाप-कर्म किया है, जिसका दंड मुझे इस रूप में मिल रहा है? फिर इस कष्ट से मुक्ति पाने का कोई साधन करने के उद्देश्य से राजा सेना को लेकर जंगल की ओर चल दिए।
वहाँ विचरण करते-करते एक दिन वे ब्रह्माजी के पुत्र अंगिरा ऋषि के आश्रम में पहुँचे और उन्हें साष्टांग प्रणाम किया। ऋषिवर ने आशीर्वचनोपरांत कुशल क्षेम पूछा। फिर जंगल में विचरने व अपने आश्रम में आने का प्रयोजन जानना चाहा।
तब राजा ने हाथ जोड़कर कहा: महात्मन्! सभी प्रकार से धर्म का पालन करता हुआ भी मैं अपने राज्य में दुर्भिक्ष का दृश्य देख रहा हूँ। आखिर किस कारण से ऐसा हो रहा है, कृपया इसका समाधान करें।
यह सुनकर महर्षि अंगिरा ने कहा: हे राजन! सब युगों से उत्तम यह सतयुग है। इसमें छोटे से पाप का भी बड़ा भयंकर दंड मिलता है।
इसमें धर्म अपने चारों चरणों में व्याप्त रहता है। ब्राह्मण के अतिरिक्त किसी अन्य जाति को तप करने का अधिकार नहीं है जबकि आपके राज्य में एक शूद्र तपस्या कर रहा है। यही कारण है कि आपके राज्य में वर्षा नहीं हो रही है। जब तक वह काल को प्राप्त नहीं होगा, तब तक यह दुर्भिक्ष शांत नहीं होगा। दुर्भिक्ष की शांति उसे मारने से ही संभव है।
किंतु राजा का हृदय एक नरपराध शूद्र तपस्वी का शमन करने को तैयार नहीं हुआ।
उन्होंने कहा: हे देव मैं उस निरपराध को मार दूँ, यह बात मेरा मन स्वीकार नहीं कर रहा है। कृपा करके आप कोई और उपाय बताएँ।
महर्षि अंगिरा ने बताया: आषाढ़ माह के शुक्लपक्ष की एकादशी का व्रत करें। इस व्रत के प्रभाव से अवश्य ही वर्षा होगी।
राजा अपने राज्य की राजधानी लौट आए और चारों वर्णों सहित पद्मा एकादशी का विधिपूर्वक व्रत किया। व्रत के प्रभाव से उनके राज्य में मूसलधार वर्षा हुई और पूरा राज्य धन-धान्य से परिपूर्ण हो गया।
ब्रह्म वैवर्त पुराण में देवशयनी एकादशी के विशेष माहात्म्य का वर्णन किया गया है। इस व्रत से प्राणी की समस्त मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।
✴️ 🕉️आज का राशिफल🕉️ ✴️
मेष-(चू चे चो ला ली लू ले लो अ)
आज का डर आपकी ख़ुशी को बर्बाद कर सकता है। आपको समझना चाहिए कि यह आपके अपने ख़यालों और कल्पनाओं से पैदा हुआ है। डर सहजता को ख़त्म कर देता है। इसलिए इसे शुरुआत में ही कुचल दें, ताकि यह आपको कायर न बना सके। अगर सफर कर रहे हैं तो अपने कीमती सामान का विशेष ध्यान रखें अगर आप ऐसा नहीं करते तो सामान के चोरी होने की संभावना है। आप महसूस करेंगे कि आपके दोस्त सहयोगी स्वभाव के हैं- लेकिन बोलने में सावधानी बरतें। प्रेमी एक-दूसरे की पारिवारिक भावनाओं को समझेंगे। घर पर मिले किसी पुराने सामान को देखकर आज आप खुश हो सकते हैं और सारा दिन उस सामान को साफ करने में बिता सकते हैं। जीवनसाथी के साथ थोड़ा हँसी-मज़ाक़, आपको किशोरावस्था के दिनों की याद दिला देंगे। शराब या सिगरेट का बहुत ज्यादा सेवन करना आज आपके स्वास्थ्य की स्थिति को खराब कर सकता है।
वृषभ-(इ उ एओ वा वी वू वे वो)
आज अपने विचार व्यक्त करने में हिचकिचाएँ नहीं। आत्मविश्वास की कमी को ख़ुद पर हावी न होने दें, क्योंकि यह सिर्फ़ आपकी समस्या को और जटिल बनाएगा, साथ ही आपकी तरक़्क़ी में भी रोड़ा अटकाएगा। अपना आत्मविश्वास फिर से हासिल करने के लिए अपनी बात खुल कर कहें और परेशानियों का सामना होठों पर मुस्कुराहट के साथ करें। आज आपको अपने उन रिश्तेदारों को पैसा उधार नहीं देना चाहिए जिन्होंने आपका पिछला उधार अब तक वापस नहीं किया है। घर के किसी सदस्य के व्यवहार की वजह से आप परेशान रह सकते हैं। आपको उनसे बात करने की जरुरत है। किसी के साथ अचानक हुई मुलाक़ात आपके लिए उलझन पैदा कर सकती है। खाली वक्त्त में कोई पुस्तक पढ़ सकते हैं। हालांकि आपके घर के बाकी सदस्य आपकी एकाग्रता को भंग कर सकते हैं। आज आप अपने जीवनसाथी से काफ़ी आत्मीय बातचीत कर सकते हैं।
मिथुन- (क की कू घ ङ छ के को ह)
आज की बाहरी गतिविधियाँ आपके लिए फ़ायदेमंद रहेंगी। क़िलेबंदी वाली जीवन-शैली में बंधे रहना और हमेशा अपनी सुरक्षा की चिंता करना आपके शारीरिक और मानसिक विकास को रोक देंगे। यह आदत आपको चिड़चिड़ा और बेचैन इंसान बना सकती है। आपकी माता पक्ष से आज आपको धन लाभ होने की पूरी संभावना है। हो सकता है कि आपके मामा या नाना आपकी आर्थिक मदद करें। दिन के दूसरे हिस्से में आप आराम करना और अपने परिवार के साथ समय बिताना पसंद करेंगे। आपकी आँखें चमकने लगेंगी और धड़कनें तेज़ हो जाएंगी, आज जब आप अपने सपनों के जीवनसाथी से मिलेंगे। यह दिन बेहतरीन दिनों में से एक हो सकता है। आज दिन में आप कई अच्छे प्लान भविष्य के लिए बना सकते हैं लेकिन शाम के वक्त किसी दूर के रिश्तेदार के घर में आ जाने के कारण आपके सारे प्लान धरे के धरे रह सकते हैं। आज आप एक बार फिर समय में पीछे जाकर शादी के शुरुआती दिनों के प्यार और रुमानियत को महसूस कर सकते हैं। बहुत सारे मेहमानों की आवभगत आपका मूड ख़राब कर सकती है। लेकिन अच्छी बात यह है कि आप कई पुराने दोस्तों से मिल सकते हैं।
कर्क- (ही हू हे हो डा डी डू डे डो)
आज कुछ दबी हुई समस्याएँ फिर से उभरकर आपको मानसिक तनाव दे सकती हैं। वे निवेश-योजनाएँ जो आपको आकर्षित कर रहीं हैं, उनके बारे में गहराई से जानने की कोशिश करें- कोई भी क़दम उठाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह ज़रूर ले लें। घर के किसी सदस्य के व्यवहार की वजह से आप परेशान रह सकते हैं। आपको उनसे बात करने की जरुरत है। आज आप कोई दिल टूटने से बचा सकते हैं। रात को ऑफिस से घर आते वक्त आज आपको सावधानी से वाहन चलाना चाहिए, नहीं तो दुर्घटना हो सकती है और कई दिनों के लिए आप बीमार पड़ सकते हैं। सितारों की मानें तो आज आप अपने दोस्तों के साथ एक बेहतरीन शाम गुज़ारने वाले हैं। बस इतना याद रखें कि कोई भी चीज़ ज़रूरत से ज़्यादा हो तो अच्छी नहीं होती है।
सिंह- (मा मी मू मे मो टा टी टू टे)
आज अपने विचार और ऊर्जा को उन कामों में लगाएँ, जिनसे आपके सपने हक़ीक़त का रूप ले सकते हैं। सिर्फ़ ख़याली पुलाव पकाने से कुछ नहीं होता है। अभी तक आपके साथ समस्या यह है कि आप कोशिश करने की बजाय केवल इच्छा करते हैं। अगर आपने अपने घर के किसी सदस्य से उधार लिया था तो उसे आज लौटा दें नहीं तो वो आपके खिलाफ कानूनी कार्यवाही कर सकता है। आपका बच्चा आपकी उम्मीदों पर खरा उतरेगा और आप उसके ज़रिए अपने सपने साकार होते हुए देखेंगे। अपने प्रिय की छोटी-मोटी भूल को अनदेखा करें। पैसा, प्यार, परिवार से दूर होकर आज आप आनंद की तलाश में किसी आध्यात्मिक गुरु से मिलने जा सकते हैं। आपका जीवनसाथी आज ऊर्जा और प्रेम से भरपूर है। दोस्त अकेलापन दूर करने के सबसे अच्छे माध्यमों में से एक हैं। दोस्तों के साथ समय बिताकर आज के दिन आप बेहतरीन चीज़ में निवेश कर सकते हैं।
कन्या- (टो प पी पू ष ण ठ पे पो)
आज आप स्वअपने वज़न पर नज़र रखें और ज़रूरत से ज़्यादा खाने से बचें। आकस्मिक मुनाफ़े के ज़रिए आर्थिक हालात सुदृढ़ होंगे। घर में कुछ बदलाव आपको काफ़ी भावुक बना सकते हैं, लेकिन आप अपनी भावनाएँ उनके सामने ज़ाहिर करने में क़ामयाब रहेंगे जो आपके लिए ख़ास हैं। आप अनुभव करेंगे कि आपके प्रिय का आपके प्रति प्यार वाक़ई बहुत गहरा है। किसी भी स्थिति में आपको अपने समय का ख्याल रखना चाहिए याद रखिये अगर समय की कद्र नहीं करेंगे तो इससे आपको ही नुक्सान होगा। सेहत के लिहाज़ से दौड़ लगाना आपके लिए फ़ायदेमंद रहेगा, क्योंकि यह मुफ़्त भी है और अच्छी एक्सरसाइज़ भी।
तुला- (रा री रू रे रो ता ती तू ते)
आज दिन की शुरुआत आप योग ध्यान से कर सकते हैं। ऐसा करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा और सारे दिन आपमें ऊर्जा रहेगी। जिन लोगों की अब तक तनख्वाह नहीं आयी है आज वो पैसों के लिए बहुत परेशान रह सकते हैं और अपने किसी दोस्त से उधार मांग सकते हैं। पारिवारिक सदस्यों के साथ सुकून भरे और शांत दिन का लुत्फ़ लें। अगर लोग परेशानियों के साथ आपके पास आएँ तो उन्हें नज़रअंदाज़ करें और उन्हें अपनी मानसिक शांति भंग न करने दें। इसे महसूस करें। दूसरों को राज़ी करने की आपकी प्रतिभा आपको काफ़ी फ़ायदा पहुँचाएगी। कई लोग साथ तो रहते हैं, लेकिन उनके जीवन में रोमांस नहीं होता। लेकिन यह दिन आपके लिए बेहद रोमानी होने वाला है। आज का दिन किसी भी धार्मिक स्थल के लिए समर्पित करना अपनी मानसिक शांति बनाए रखने का सर्वश्रेष्ठ साधन हो सकता है।
वृश्चिक- (तो ना नी नू ने नो या यी यू)
आज के ैमौज-मस्ती और मनपसंद काम करने का दिन है। आर्थिक तौर पर सुधार तय है। परिवार के सदस्यों के साथ कुछ आराम के पल बिताएँ। आप आज प्यार की मनोदशा में होंगे- और आपके लिए काफ़ी मौक़े भी होंगे। एकांत में वक्त बिताना अच्छा है लेकिन आपके दिमाग में कुछ चल रहा है तो लोगों से दूर रहकर आप और ज्यादा परेशान हो सकते हैं। इसलिए आपको हमारी सलाह है कि लोगों से दूर रहने से बेहतर होगा किसी अनुभवी शख्स से अपनी परेशानी के बारे में बात करें। आज आप अपने जीवनसाथी के साथ कुछ बेहतरीन पल गुज़ार सकेंगे। अपने जीवनसाथी या दोस्तों के साथ ऑनलाइन मूवी देखकर आप अपने लैपटॉप व इंटरनेट का सही इस्तेमाल कर सकते हैं।
धनु-ये यो भा भी भू धा फा ढ़ा भे)
आज दोस्तों का रुख़ सहयोगी रहेगा और वे आपको ख़ुश रखेंगे। आप ऐसे स्रोत से धन अर्जित कर सकते हैं, जिसके बारे में आपने पहले सोचा तक न हो। आपका मज़ाकिया स्वभाव आपके चारों ओर के वातावरण को ख़ुशनुमा बना देगा। किसी दिलचस्प इंसान से मिलने की प्रबल संभावना है। ऐसे बदलाव लाएँ जो आपके रूप-रंग में निखार ला सके और संभावित साथियों को आपकी ओर आकर्षित करे। जो यह समझते हैं कि शादी सिर्फ़ रस्म के लिए होती है, वे ग़लत हैं। क्योंकि आज आपको सच्चे प्यार का एहसास होगा। परिवार के साथ आज शॉपिंग पर जाना संभव हैं, परन्तु थकान का अनुभव भी हो सकता है।
मकर- (भो जा जी खी खू खे खो गा गी)
आज आपके पास प्रचुर ऊर्जा होगी- लेकिन काम का बोझ आपकी खीज की वजह बन सकता है। अपने धन का संचय कैसे करना है यह हुनर आज आप सीख सकते हैं और इस हुनर को सीख कर आप अपना धन बचा सकते हैं। एक पारिवारिक



