श्रीडूंगरगढ टुडे 25 जुलाई 2026
NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा भेजने की जानकारी सार्वजनिक की है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का आंदोलन पिछले 36 दिनों से जारी था और आंदोलनकारी लगातार उनके इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने सार्वजनिक पत्र में कहा कि वह पिछले चार दशकों से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहे हैं। उनका मानना है कि एक मजबूत, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही देश के विकास की आधारशिला होती है।
उन्होंने अपने पत्र में उल्लेख किया कि 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आते ही केंद्र सरकार ने तत्काल कार्रवाई की। मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई, परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया तथा अगले वर्ष से NEET परीक्षा को पूरी तरह कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में आयोजित करने की घोषणा की गई।
गौरतलब है कि NEET पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छात्रों और विभिन्न संगठनों का विरोध प्रदर्शन जारी था। विपक्षी दल भी लगातार शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करने और उनके इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
CJP बोली- कॉकरोच की जीत हुई
धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी का रिएक्शन आया है। पार्टी की तरफ से पोस्ट करके कहा गया कि कॉकरोच की जीत हुई। पार्टी पिछले 36 दिन से प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी प्रधान के इस्तीफे के लिए यहां भूख हड़ताल की।



