श्रीडूंगरगढ टुडे 25 जुलाई 2026
भारतीय संस्कृति में “प्राणियों में सद्भावना हो” की भावना सर्वोपरि रही है। गौशाला में केवल गायों की सेवा ही नहीं, बल्कि ‘कीड़ी नगरा’ (चींटियों और छोटे जीवों के लिए भोजन व्यवस्था) के माध्यम से सूक्ष्म जीवों की रक्षा और पोषण का ध्यान रखा जाता है।
शनिवार सुबह गुसाईंसर बड़ा स्थित श्रीकृष्ण गौशाला में स्थित विशाल कीड़ी नगरा के लिए पूनरासर हनुमान मंदिर से एक पिकअप चुग्गा भेजा गया
हनुमान मंदिर के पुजारियों और गौशाला के संरक्षकों के बीच यह समन्वय धार्मिक आस्था और सामाजिक कर्तव्य के सुंदर मेल को दर्शाता है। यह दिखाता है कि कैसे धार्मिक संस्थाएं केवल पूजा-पाठ तक सीमित न रहकर जीव-सेवा के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
मन्दिर के पुजारी नथमल सोहनलाल बोथरा द्वारा सुरेंद्र, नीरज, जिनेंद्र व हनुमान बोथरा ने एक पिकअप कीड़ी नगरा के लिए चुग्गा भेजा।
गौशाला संरक्षक सत्यनारायण स्वामी जैसे स्थानीय प्रबुद्ध लोगों की सहभागिता राजस्थान की समृद्ध ‘भामाशाह’ और दान-पुण्य की परंपरा को दर्शाती है, जहाँ समाज स्वयं आगे बढ़कर मूक प्राणियों के संरक्षण का दायित्व उठाता है।




