श्रीडूंगरगढ टुडे 29 जुलाई 2026
डिजिटल दौर में मोबाइल स्क्रीन पर उलझी नई पीढ़ी को किताबों की दुनिया से वापस जोड़ने के लिए राज्य सरकार “मिशन पढ़ो राजस्थान-रीडिंग प्रमोशन कैंपेन’ की शुरूआत बुधवार को गुरू पूर्णिमा के अवसर पर की गई है।
अभियान का मुख्य मकसद कक्षा 1 से 8 तक के 70 लाख से अधिक विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत, कल्पनाशक्ति और रचनात्मक सोच विकसित करना है। इसके तहत स्कूलों में अनिवार्य रूप से बच्चों से किताब पढ़वाई जाएगी जिससे बच्चों की याददाश्त, एकाग्रता व उच्चारण में सुधार होगा।

इसी के तहत बुधवार को पीएम श्री राजकीय ताल मैदान, श्रीडूंगरगढ में रीडिंग प्रमोशन कैंपेन’ की शुरुआत हुई। इस अवसर पर लक्षित वर्ग (कक्षा 1 से 8 तक) के विद्यार्थियों ने संस्कृत, अंग्रेजी, हिन्दी और (4) मातृभाषा राजस्थानी में सस्वर वाचन किया जिसमें कुल 111 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम संयोजक कमल किशोर पिपलवा ने बताया कि ‘मिशन पढ़ो राजस्थान’ राज्य सरकार के शिक्षा विभाग की महत्वाकांक्षी योजना है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार हीरालाल चुन्नीलाल सोमानी पुस्तकालय सभागार में आयोजित ‘मिशन पढ़ो राजस्थान कार्यक्रम का तहसील स्तरीय कार्यक्रम शिक्षाविद् लीलाधर सारस्वत ने सरस्वती के दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की।।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि पवन कुमार प्रजापत संदर्भ व्यक्ति खाड मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने कहा की डिजिटल युग में जहां स्क्रीन टाइम बढ़ने से बच्चों में मौलिक किताबें पढ़ने की आदत कम हो रही है, वहां यह योजना पठन संस्कृति को पुनः जीवित करने का प्रयास करती है।यूसीइओ व प्रधानाचार्य, नाजिमा अजीज ने पठन-पाठन पर अधिकाधिक जोर देने का आह्वान। किया।

कैपेन के दौरान उचित उच्चारण, श्रेष्ठ आरोह-अवरोह को प्रोत्साहित करने के लिए रियान (कक्षा ⅴ), दिव्या, कृष्णा राजपूत,.अंजलि, मोहित राजपुरोहित को SDMC सदस्यों और अतिथियों ने पुरस्कृत किया।
इस मौके पर प्रदीप कुमार कौशिक, बिशन शर्मा, दीपक चौधरी, पुष्पा शर्मा, भीवाराम सुथार, कविता जानू, बल्लूनाथ सिंह, दलीप सिंह ने आदर्श वाचन कर पठन को प्रोत्साहित किया। प्रधानाचार्य नाजिमा अजीज ने आगंतुको का आभार ज्ञापित किया।



