श्रीडूंगरगढ़ टुडे 4 अगस्त 2026
🙏जय श्री गणेशाय नमः🙏
🙏जय श्री कृष्णा🙏
🕉️आज का पंचांग-04.08.2026🕉️
दैनिक गोचर ग्रह एवं राशिफल
🕉️ शुभ मंगलवार 🌞 – शुभ प्रभात् 🕉️
74-30💥मध्यमान्💥75-30
(केतकी चित्रापक्षीय गणितानुसारेण निर्मितम्)
_आज विशेष
पवित्र श्रावण मास में स्मरणीय भगवान् शिव
जी के विशेष मंत्र एवं अभिषेक विधि
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_दैनिक पंचांग विवरण
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आज दिनांक…………………..04.8.2026
कलियुग संवत्………………………..5128
विक्रम संवत्……………… ………… 2083
शक संवत्……………………………. 1948
संवत्सर……………………………….श्री रौद्र
अयन…………………………………..दक्षिण
गोल……………………………………. उत्तर
ऋतु…………………………………….. वर्षा
मास………………………………….. श्रावण
पक्ष……………………………………. कृष्ण
तिथि……. षष्ठी. रात्रि. 10.04 तक / सप्तमी
वार………………………………… मंगलवार नक्षत्र……..रेवती. रात्रि. 9.54 तक / अश्विनी
चंद्र राशि……… मीन. रात्रि. 9.54 तक / मेष
योग…………….धृति. रात्रि. 7.32 तक/ शूल
करण…………………गर. प्रातः 10.32 तक
करण..वणिज. रात्रि.10.04 तक/विष्टि(भद्रा)
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नोट-जिस रात्रि समय के ऊपर(*) लगा हुआ हो
वह समय अर्द्ध रात्रि के बाद सूर्योदय तक का है
-दैनिक सूर्योंदयास्त दिनमानादि पंचांग विवरण-
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सूर्योदय………………..प्रातः 06.01.01 पर
सूर्यास्त………………..सायं. 07.13.46 पर
दिनमान-घं.मि.से………………..13.12.44
रात्रिमान-घं.मि.से. ………………10.47.43
चंद्रास्त………………… 11.01.40 AM पर
चंद्रोदय…………………10.36.56 PM पर
राहुकाल…… अपरा. 3.56 से 5.35(अशुभ)
यमघंट………प्रातः 9.19 से 10.58(त्याज्य)
गुलिक..अपरा.12.37 से 2.16(शुभे त्याज्य)
अभिजित……. मध्या.12.11 से 1.04(शुभ)
पंचक………………. रात्रि. 9.54 पर समाप्त
हवन मुहूर्त(अग्निवास)………….आज नहीं है
दिशाशूल………………………… उत्तर दिशा
दोष परिहार……. गुड़ का सेवन कर यात्रा करें
आज का दिन
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व्रत विशेष………………………..मंगला गौरी
अन्य व्रत्………पवित्र श्रावण स्नान व्रत जारी
पर्व विशेष……………………………. .नहीं है
काल विशेष……….. .सनातन् चातुर्मास जारी
दिन विशेष…….अंतराष्ट्रीय अस्थि जोड़ दिवस
खगोलीय……………………………….नहीं है
खगोलीय…………. सूर्य नक्षत्र. अश्लेषा जारी
नक्षत्र वाहन…………………. गज (वर्षा श्रेष्ठ)
खगोलीय……………………………… नहीं है
विष्टि(भद्रा)………रात्रि. 10.04 से रात्रि पर्यंत
पंचक……………….. रात्रि. 9.54 पर समाप्त
सर्वा.सि.योग…………………………. .नहीं है
अमृत सि.योग……. रात्रि. 9.54 से रात्रि पर्यंत
सिद्ध रवियोग…….. रात्रि. 9.54 से रात्रि पर्यंत
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✴️ अगले दिन की प्रतीकात्मक जानकारी✴️
दिनांक………………………… 5.08.2026
तिथि………….श्रावण कृष्णा सप्तमी बुधवार
व्रत विशेष……………………………..नहीं है
अन्य व्रत्………पवित्र श्रावण स्नान व्रत जारी
पर्व विशेष…………………………….. नहीं है
काल विशेष……….. .सनातन् चातुर्मास जारी
दिन विशेष……….. विश्व ट्रेफिक लाइट दिवस
खगोलीय………… कर्के बुध. रात्रि. 7.54 पर
खगोलीय…………. सूर्य नक्षत्र. अश्लेषा जारी
नक्षत्र वाहन…………………. गज (वर्षा श्रेष्ठ)
विष्टि(भद्रा)…………………..प्रातः 9.27 तक
पंचक………………………………….. नहीं है
सर्वा.सि.योग……………………………नहीं है
अमृत सि.योग………………………… नहीं है
सिद्ध रवियोग…….. उदयात् रात्रि. 9.18 तक
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विभिन्न नगरों के सूर्योदय में समयांतर मिनट
🌞श्री सनातन हिंदू पंचांग के अनुसार🌞
दिल्ली -10 मिनट———जोधपुर +6 मिनट
जयपुर -5 मिनट——अहमदाबाद +8 मिनट
इंदौर – 4 मिनट————-मुंबई +7 मिनट
लखनऊ – 25 मिनट——बीकानेर +5 मिनट
कोलकाता -54 मिनट–जैसलमेर +15 मिनट
🌄विशिष्ट काल-मुहूर्त-वेला परिचय🌄
🏵️🌞🌞✴️🌞🌞🏵️__ अभिजित् मुहुर्त – दिनार्द्ध से एक घटी पहले और एक घटी बाद का समय अभिजित मुहूर्त कहलाता है,पर बुधवार को यह शुभ नहीं होता.
ब्रह्म मुहूर्त – सूर्योदय से पहले का 1.30 घंटे का समय ब्रह्म मुहूर्त कहलाता है..
प्रदोष काल – सूर्यास्त से 45 मिनट पहले और 45 मिनट बाद का समय प्रदोष काल होता है
गौधूलिक काल सूर्यास्त से 12 मिनट पहले एवं
12 मिनट बाद का समय कहलाता है
🌄✡️✡️✡️✴️✡️✡️✡️🌄🌄✴️भद्रा वास शुभाशुभ विचार✴️🌄
भद्रा मेष, वृष, मिथुन, वृश्चिक के चंद्रमा में स्वर्ग में व कन्या, तुला, धनु, मकर के चंद्रमा में पाताल लोक में और कुंभ, मीन, कर्क, सिंह के चंद्रमा में मृत्युलोक में मानी जाती है यहां स्वर्ग और पाताल लोक की भद्रा शुभ मानी जाती हैं और मृत्युलोक की भद्रा काल में शुभ कार्य वर्जित होते हैं इसी तरह भद्रा फल विचार करें।
✴️🌄दिन का चौघड़िया 🌄✴️
चंचल…………प्रातः 9.19 से 10.58 तक
लाभ………अपरा. 10.58 से 12.37 तक
अमृत…………सायं. 12.37 से 2.16 तक
शुभ……………..प्रातः 3.56 से 5.35 तक
✴️🌄रात्रि का चौघड़िया🌄✴️
लाभ…………… .रात्रि. 8.35 से 9.36 तक
शुभ…… रात्रि. 11.17 से 12.38 AM तक
अमृत..रात्रि 12.38 AM से 1.59 AM तक
चंचल…रात्रि. 1.59 AM से 3.20 AM तक
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(विशेष – ज्योतिष शास्त्र में एक शुभ योग और एक अशुभ योग जब भी साथ साथ आते हैं तो शुभ योग की स्वीकार्यता मानी गई है )
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🌞🕉️शुभ शिववास की तिथियां🕉️🌞
शुक्ल पक्ष-2—–5—–6—- 9——-12—-13.
कृष्ण पक्ष-1—4—-5—-8—11—-12—-30.
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दिन नक्षत्र एवं चरणाक्षर संबंधी संपूर्ण विवरण
संदर्भ विशेष -यदि किसी बालक का जन्म गंड नक्षत्रों (रेवती, अश्विनी, अश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा और मूल) में होता है तो सविधि नक्षत्र की शांति आवश्यक मानी गयी है जो सविधि होनी चाहिये
आज जन्मे बालकों का नक्षत्र के चरण के समय समय के अनुसार राशिगत् नामाक्षरे….
समय – नक्षत्र नाम – नक्षत्र चरण – चरणाक्षर
10.00 AM तक……..रेवती…..2…….दो
03.57 PM तक……..रेवती…..3…….च
09.54 PM तक……..रेवती…..4…….ची
राशि मीन – पाया स्वर्ण_
03.47 AM तक……अश्विनी…..1…….चू
उपरांत रात्रि तक……अश्विनी…..2…….चे
राशि मेष – पाया स्वर्ण_
✴️आज की विशेष प्रस्तुति✴️
💥धर्म ज्योतिष वास्तु एवं गोचर राशिफल 💥
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पवित्र श्रावण मास में स्मरणीय भगवान् शिव
जी के विशेष मंत्र एवं अभिषेक विधि
सुख सौभाग्य दायक शिव पूजन के मंत्र एवं अभिषेक विधि
शिव पुराण संहिता में कहा है कि सर्वज्ञ शिव ने संपूर्ण देहधारियों के सारे मनोरथों की सिद्धि के लिए इस ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का प्रतिपादन किया है। यह आदि षड़क्षर मंत्र संपूर्ण विद्याओं का बीज है। जैसे वट बीज में महान वृक्ष छिपा हुआ है, उसी प्रकार अत्यंत सूक्ष्म होने पर भी यह मंत्र महान अर्थ से परिपूर्ण है।
भगवान शिव को नमस्कार करने का मंत्र
नमः शम्भवाय च मयोभवाय च नमः शन्कराय च मयस्करय च नमः शिवाय च शिवतराय च।। ईशानः सर्वविध्यानामीश्वरः सर्वभूतानां ब्रम्हाधिपतिर्ब्रम्हणोधपतिर्ब्रम्हा शिवो मे अस्तु सदाशिवोम।। तत्पुरषाय विद्म्हे महादेवाय धीमहि। तन्नो रुद्रः प्रचोदयात।।
शनि या राहु आदि ग्रह पीड़ा शांति के लिए शिव गायत्री मंत्र
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे। महादेवाय धीमहि। तन्नो रुद्रः प्रचोदयात।।
महामृत्युंजय प्रभावशाली मंत्र
ॐ ह्रौं जूं सः। ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्। सः जूं ह्रौं ॐ ॥
इस मंत्र से शिव पूजा कर दूर करें पैसों की परेशानी
मन्दारमालाङ्कुलितालकायै कपालमालांकितशेखराय।
दिव्याम्बरायै च दिगम्बराय नम: शिवायै च नम: शिवाय।।
श्री अखण्डानन्दबोधाय शोकसन्तापहारिणे।
सच्चिदानन्दस्वरूपाय शंकराय नमो नम:॥
शास्त्रों में मनोरथ पूर्ति व संकट मुक्ति के लिए अलग-अलग तरह की धारा से शिव का अभिषेक करना शुभ बताया गया है। अलग-अलग धाराओं से शिव अभिषेक का फल- जब किसी का मन बेचैन हो, निराशा से भरा हो, परिवार में कलह हो रहा हो, अनचाहे दु:ख और कष्ट मिल रहे हो तब शिव लिंग पर दूध की धारा चढ़ाना सबसे अच्छा उपाय है। इसमें भी शिव मंत्रों का उच्चारण करते रहना चाहिए।
वंश की वृद्धि के लिए शिवलिंग पर शिव सहस्त्रनाम बोलकर घी की धारा अर्पित करें।
शिव पर जलधारा से अभिषेक मन की शांति के लिए श्रेष्ठ मानी गई है।
भौतिक सुखों को पाने के लिए इत्र की धारा से शिवलिंग का अभिषेक करें।
बीमारियों से छुटकारे के लिए शहद की धारा से शिव पूजा करें।
गन्ने के रस की धारा से अभिषेक करने पर हर सुख और आनंद मिलता है।
सभी धाराओं से श्रेष्ठ है गंगाजल की धारा। शिव को गंगाधर कहा जाता है। शिव को गंगा की धार बहुत प्रिय है। गंगा जल से शिव अभिषेक करने पर चारों पुरुषार्थ की प्राप्ति होती है। इससे अभिषेक करते समय महामृत्युंजय मन्त्र जरुर बोलना चाहिए।
शिव पंचाक्षर स्त्रोत
नागेंद्रहाराय त्रिलोचनाय भस्मांग रागाय महेश्वराय|
नित्याय शुद्धाय दिगंबराय तस्मे “न” काराय नमः शिवायः॥
हे महेश्वर! आप नागराज को हार स्वरूप धारण करने वाले हैं। हे (तीन नेत्रों वाले) त्रिलोचन आप भष्म से अलंकृत, नित्य (अनादि एवं अनंत) एवं शुद्ध हैं। अम्बर को वस्त्र सामान धारण करने वाले दिग्म्बर शिव, आपके न् अक्षर द्वारा जाने वाले स्वरूप को नमस्कार।
मंदाकिनी सलिल चंदन चर्चिताय नंदीश्वर प्रमथनाथ महेश्वराय।
मंदारपुष्प बहुपुष्प सुपूजिताय तस्मे “म” काराय नमः शिवायः॥
चन्दन से अलंकृत, एवं गंगा की धारा द्वारा शोभायमान नन्दीश्वर एवं प्रमथनाथ के स्वामी महेश्वर आप सदा मन्दार पर्वत एवं बहुदा अन्य स्रोतों से प्राप्त्य पुष्पों द्वारा पुजित हैं। हे म् स्वरूप धारी शिव, आपको नमन है।
शिवाय गौरी वदनाब्जवृंद सूर्याय दक्षाध्वरनाशकाय।
श्री नीलकंठाय वृषभद्धजाय तस्मै “शि” काराय नमः शिवायः॥
हे धर्म ध्वज धारी, नीलकण्ठ, शि अक्षर द्वारा जाने जाने वाले महाप्रभु, आपने ही दक्ष के दम्भ यज्ञ का विनाश किया था। माँ गौरी के कमल मुख को सूर्य सामान तेज प्रदान करने वाले शिव, आपको नमस्कार है।
वषिष्ठ कुभोदव गौतमाय मुनींद्र देवार्चित शेखराय।
चंद्रार्क वैश्वानर लोचनाय तस्मै “व” काराय नमः शिवायः॥
देवगणो एवं वषिष्ठ, अगस्त्य, गौतम आदि मुनियों द्वार पुजित देवाधिदेव! सूर्य, चन्द्रमा एवं अग्नि आपके तीन नेत्र सामन हैं। हे शिव आपके व् अक्षर द्वारा विदित स्वरूप कोअ नमस्कार है।
यज्ञस्वरूपाय जटाधराय पिनाकस्ताय सनातनाय|
दिव्याय देवाय दिगंबराय तस्मै “य” काराय नमः शिवायः॥
हे यज्ञस्वरूप, जटाधारी शिव आप आदि, मध्य एवं अंत रहित सनातन हैं। हे दिव्य अम्बर धारी शिव आपके शि अक्षर द्वारा जाने जाने वाले स्वरूप को नमस्कार है।
पंचाक्षरमिदं पुण्यं यः पठेत शिव सन्निधौ|
शिवलोकं वाप्नोति शिवेन सह मोदते॥
जो कोई शिव के इस पंचाक्षर मंत्र का नित्य ध्यान करता है वह शिव के पून्य लोक को प्राप्त करता है तथा शिव के साथ सुख पुर्वक निवास करता है।
लिंगाष्टकम
ब्रह्ममुरारिसुरार्चित लिगं निर्मलभाषितशोभित लिंग |
जन्मजदुःखविनाशक लिंग तत्प्रणमामि सदाशिव लिंगं॥
मैं उन सदाशिव लिंग को प्रणाम करता हूँ जिनकी ब्रह्मा, विष्णु एवं देवताओं द्वारा अर्चना की जाति है, जो सदैव निर्मल भाषाओं द्वारा पुजित हैं तथा जो लिंग जन्म-मृत्यू के चक्र का विनाश करता है (मोक्ष प्रदान करता है)
देवमुनिप्रवरार्चित लिंगं, कामदहं करुणाकर लिंगं|
रावणदर्पविनाशन लिंगं तत्प्रणमामि सदाशिव लिंगं॥
देवताओं और मुनियों द्वारा पुजित लिंग, जो काम का दमन करता है तथा करूणामयं शिव का स्वरूप है, जिसने रावण के अभिमान का भी नाश किया, उन सदाशिव लिंग को मैं प्रणाम करता हूँ।
सर्वसुगंन्धिसुलेपित लिंगं, बुद्धिविवर्धनकारण लिंगं।
सिद्धसुरासुरवन्दित लिंगं, तत्प्रणमामि सदाशिव लिंगं॥
सभी प्रकार के सुगंधित पदार्थों द्वारा सुलेपित लिंग, जो कि बुद्धि का विकास करने वाल है तथा, सिद्ध- सुर (देवताओं) एवं असुरों सबों के लिए वन्दित है, उन सदाशिव लिंक को प्रणाम।
कनकमहामणिभूषित लिंगं, फणिपतिवेष्टितशोभित लिंगं।
दक्षसुयज्ञविनाशन लिंगं,
तत्प्रणमामि सदाशिव लिंगं॥
स्वर्ण एवं महामणियों से विभूषित, एवं सर्पों के स्वामी से शोभित सदाशिव लिंग जो कि दक्ष के यज्ञ का विनाश करने वाल है ; आपको प्रणाम।
कुंकुमचंदनलेपित लिंगं,
पंङ्कजहारसुशोभित लिंगं।
संञ्चितपापविनाशिन लिंगं,
तत्प्रणमामि सदाशिव लिंगं॥
कुंकुम एवं चन्दन से शोभायमान, कमल हार से शोभायमान सदाशिव लिंग जो कि सारे संञ्चित पापों से मुक्ति प्रदान करने वाला है, उन सदाशिव लिंग को प्रणाम।
देवगणार्चितसेवित लिंग,
भवैर्भक्तिभिरेवच लिंगं।
दिनकरकोटिप्रभाकर लिंगं,
तत्प्रणमामि सदाशिव लिंगं॥
आप सदाशिव लिंग को प्रणाम जो कि सभी देवों एवं गणों द्वारा शुद्ध विचार एवं भावों द्वारा पुजित है तथा जो करोडों सूर्य सामान प्रकाशित हैं।
अष्टदलोपरिवेष्टित लिंगं,
सर्वसमुद्भवकारण लिंगं|
अष्टदरिद्रविनाशित लिंगं,
तत्प्रणमामि सदाशिव लिंगं॥
आठों दलों में मान्य, एवं आठों प्रकार के दरिद्रता का नाश करने वाले सदाशिव लिंग सभी प्रकार के सृजन के परम कारण हैं आप सदाशिव लिंग को प्रणाम।
सुरगुरूसुरवरपूजित लिंगं,
सुरवनपुष्पसदार्चित लिंगं।
परात्परं परमात्मक लिंगं,
ततप्रणमामि सदाशिव लिंगं।।
दवताओं एवं देव गुरू द्वारा स्वर्ग के वाटिका के पुष्पों से पुजित परमात्मा स्वरूप जो कि सभी व्याख्याओं से परे है उन सदाशिव लिंग को प्रणाम। ॐ नमः शिवाय.. हर हर महादेव ॐ।।
✴️ 🕉️आज का राशिफल🕉️ ✴️
मेष-(चू चे चो ला ली लू ले लो अ)
आज एक ख़ुशनुमा ज़िन्दगी के लिए अपना ज़िद्दी और अड़ियल रवैया दरकिनार करें, क्योंकि इससे सिर्फ़ समय की बर्बादी ही होती है। जो व्यापारी अपने कारोबार के सिलसिले में घर से बाहर जा रहे हैं वो अपने धन को आज बहुत संभालकर रखें। धन चोरी होने की संभावना है। विदेश में रह रहे किसी संबंधी से मिला उपहार आपको ख़ुशी दे सकता है। नयी परियोजनाओं और ख़र्चों को टाल दें। घर से बाहर निकलकर आज आप खुली हवाओं में टहलना पसंद करेंगे। आज आपका मन शांत होगा जिसका फायदा आपको पूरे दिन मिलेगा। बारिश को प्रेम से जुड़ा माना जाता है और आज आप अपने जीवनसाथी के साथ इसे निकटता से महसूस कर सकते हैं।
वृषभ-(इ उ एओ वा वी वू वे वो)
आज अपनी व्यस्त दिनचर्या के बावजूद सेहत अच्छी रहेगी। लेकिन इसे हमेशा के लिए सच मानने की ग़लती न करें। अपनी ज़िंदगी और सेहत का सम्मान करें। आज यार दोस्तों के साथ पार्टी में आप खूब पैसे लुटा सकते हैं लेकिन इसके बावजूद भी आपका आर्थिक पक्ष आज मजबूत रहेगा। अपने बच्चों को अपने उदार बर्ताव का बेजा फ़ायदा न उठाने दें। अपने साथी को भावनात्मक तौर पर ब्लैकमेल करने से बचें। वरिष्ठ से आपको पदोन्नति या लम्बे वक़्त से लटके किसी काम के पूरे होने का तोहफ़ा मिल सकता है। अपने घर में बिखरी चीजों को संभालने का आज आप प्लान करेंगे लेकिन आपको इसके लिए आज खाली समय नहीं मिल पाएगा। आस-पड़ोस की किसी सुनी-सुनाई बात को लेकर आपका जीवनसाथी तिल-का-ताड़ बना सकता है।
मिथुन- (क की कू घ ङ छ के को ह)
आज आप तनाव से बचने के लिए अपना क़ीमती वक़्त बच्चों के साथ गुज़ारें। आप बच्चों की उपचार करने की शक्ति महसूस करेंगे। वे आध्यात्मिक तौर पर धरती पर सबसे ज़्यादा ताक़तवर और भावनात्मक लोग हैं। उनके साथ आप ख़ुद को ऊर्जा से भरपूर पाएंगे। आर्थिक दृष्टि से आज का दिन मिलाजुला रहने वाला है। आज आपको धन लाभ तो हो सकता है लेकिन इसके लिए आपको कड़ी मेहनत करनी होगी। अनचाहे मेहमानों से शाम को आपका घर भरा रह सकता है। अपने दिल की बात ज़ाहिर करके आप ख़ुद को काफ़ी हल्का और रोमांचित महसूस करेंगे। आज आपकी कलात्मक और रचनात्मक क्षमता को काफ़ी सराहना मिलेगी और इसके चलते अचानक लाभ मिलने की संभावना भी है। आपके घर का कोई सदस्य आज आपके साथ वक्त बिताने की जिद्द कर सकता है जिसके कारण आपका कुछ समय खराब हो जाएगा। आपका जीवनसाथी आपको ज़्यादा ख़ास वक़्त देने वाला है।
कर्क- (ही हू हे हो डा डी डू डे डो)
आज छोटी-छोटी चीज़ों को ख़ुद के लिए परेशानी का सबब न बनने दें। कोई बड़ी योजनाओं और विचारों के ज़रिए आपका ध्यान आकर्षित कर सकता है। किसी भी तरह का निवेश करने से पहले उस व्यक्ति के बारे में भली-भांति जाँच-पड़ताल कर लें। आपका ज्ञान और हास-परिहास आपके चारों ओर लोगों को प्रभावित करेगा। प्रेम के दृष्टिकोण से आपके लिए यह दिन विशेष रहने वाला है। व्यवसायियों के लिए अच्छा दिन है, क्योंकि उन्हें अचानक बड़ा फ़ायदा हो सकता है। इस राशि वालों को आज खुद के लिए काफी समय मिलेगा। इस समय का उपयोग आप अपने शौकों को पूरा करने में कर सकते हैं। आप कोई किताब पढ़ सकते हैं या अपना पसंदीदा म्यूजिक सुन सकते हैं। आपका जीवनसाथी किसी ख़ूबसूरत सरप्राइज़ से आपका दिन बना सकता है।
सिंह- (मा मी मू मे मो टा टी टू टे)
आज आप ख़ुद को सुकून में और ज़िंदगी का लुत्फ़ उठाने के लिए सही मनोदशा में पाएंगे। माता-पिता की मदद से आप आर्थिक तंगी से बाहर निकलने में क़ामयाब रहेंगे। दूसरों के मामलों में दख़ल देने से आज बचें। आज प्रेम-संबंधों में अपने स्वतन्त्र विवेक का इस्तेमाल कीजिए। पैसे बनाने के उन नए विचारों का उपयोग करें, जो आज आपके ज़ेहन में आएँ। अंजान लोगों से बात करना ठीक है लेकिन उनकी विश्वसनियता जाने बिना उनको अपने जीवन की बातें बताकर आप अपना वक्त ही जाया करेंगे और कुछ नहीं। कोई पुराना दोस्त अपने साथ आपके जीवनसाथी के पुराने यादगार क़िस्से लेकर आ सकता है।
कन्या- (टो प पी पू ष ण ठ पे पो)
आज क्षणिक ग़ुस्सा विवाद और दुर्भावना की वजह बन सकता है। अटके हुए मामले और घने होंगे व ख़र्चे आपके दिमाग़ पर छा जाएंगे। जीवनसाथी से झगड़ा pp मानसिक तनाव की ओर ले जा सकता है। बेकार का तनाव लेने की ज़रूरत नहीं है। ज़िंदगी का एक बड़ा सबक़ इस बात को मान लेना है कि बहुत-सी चीज़ों को बदलना नामुमकिन है। आपका प्रिय आज कुछ खीझा हुआ महसूस कर सकता है, जो आपके दिमाग़ पर दबाव और बढ़ा देगा। कारोबारी जितना हो अपने कारोबार से जुड़ी बातों को किसी से शेयर न करें। अगर आप ऐसा करते हैं तो आप बड़ी मुश्किल में पड़ सकते हैं। टीवी, मोबाईल का इस्तेमाल गलत नहीं है लेकिन आवश्यकता से अधिक इनका उपयोग आपके जरुरी समय को खराब कर सकता है। चीज़ें आपकी इच्छा के मुताबिक़ नहीं चलेंगी, लेकिन अपने हमदम के साथ आप अच्छा समय गुज़ारेंगे।
तुला- (रा री रू रे रो ता ती तू ते)
आज किसी सज्जन पुरुष की दैवीय बातें आपको संतोष और ढांढस बंधाएंगी। अगर आपका धन से जुड़ा कोई मामला कोर्ट-कचहरी में अटका था तो आज उसमें आपको विजय मिल सकती है और आपको धन लाभ हो सकता है। माता-पिता की तबियत में सुधार होगा और वे अपना प्यार आपके ऊपर बरसाएंगे। आज आपकी कोई बुरी आदत आपके साथी को बुरी लग सकती है और वो आपसे नाराज हो सकते हैं। जो आपकी सफलता के आड़े आ रहे थे, वे आपकी आँखों के सामने ही नीचे को खिसकेंगे। इस राशि के लोग बड़े ही दिलचस्प होते हैं। ये कभी लोगों के बीच रहकर खुश रहते हैं तो कभी अकेले में हालांकि अकेले वक्त गुजारना इतना आसान नहीं है फिर भी आज दिन में कुछ समय आप अपने लिए जरुर निकाल पाएंगे।
वृश्चिक- (तो ना नी नू ने नो या यी यू)
आज आपको जल्द-से-जल्द अपने जज़्बात को क़ाबू में करने और डर से आज़ादी पाने की ज़रूरत है, क्योंकि ये आपकी सेहत पर ख़राब असर डाल सकते हैं और अच्छी सेहत का मज़ा लेने से आपको वंचित कर सकते हैं। पैसे की अहमियत को आप अच्छे से जानते हैं इसलिए आज के दिन आपके द्वारा बचाया गया धन आपके बहुत काम आ सकता है और आप किसी बड़ी मुश्किल से निकल सकते हैं। व्यक्तिगत मामलों को सुलझाते समय उदारता दिखाएँ, लेकिन अपनी ज़ुबान पर क़ाबू रखें ताकि उन्हें चोट न पहुँचे जो आपसे प्यार करते हैं और आपकी परवाह करते हैं। आपके प्रिय के कड़वे शब्दों के कारण आपका मूड ख़राब हो सकता है। आज के दिन आप सबके ध्यान का केंद्र होंगे और सफलता आपकी पहुँच में होगी। खाली समय में आज आप अपने मोबाइल पर कोई वेब सीरीज देख सकते हैं। जीवनसाथी द्वारा परिवार और मित्रों के बीच नकारात्मक तरीक़े से आपके वैवाहिक जीवन की निजी बातें उजागर हो सकती हैं।
धनु-ये यो भा भी भू धा फा ढ़ा भे)
आज स्वयं को शांत बनाए रखें क्योंकि आज आपको ऐसी कई बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है, जिनके चलते आप काफ़ी मुश्किल में पड़ सकते हैं। ख़ास तौर पर अपने ग़ुस्से पर क़ाबू रखें, क्योंकि यह और कुछ नहीं बल्कि थोड़ी देर पागलपन है। आज सफलता का मंत्र यह है कि उन लोगों की सलाह पर पैसे लगाएँ, जो मौलिक सोच रखते हों और अनुभवी भी हों। घर वालों के साथ समय बिताना ख़ुशनुमा अनुभव रहेगा। आपके जीवन में प्रेम की बहार आ सकती है; आपको ज़रूरत है तो बस अपने आँख-कान खुले रखने की। किसी लघु या मध्यावधि पाठ्यक्रम में दाखिला लेकर अपनी तकनीकी क्षमताओं में निखार लाएँ। रात के समय आज आप घर के लोगों से दूर होकर अपने घर की छत या किसी पार्क में टहलना पसंद करेंगे। छोटे-छोटे मामलों को लेकर हुए आपके आपसी झगड़े आज आपके वैवाहिक जीवन में कटुता को



