श्रीडूंगरगढ टुडे 4 अगस्त 2026
संसाधन सीमित हों तब भी यदि संकल्प दृढ़ हो, तो साइकिल जैसे साधारण साधन से भी देश भ्रमण और कठिन यात्राएं संभव हैं। ऐसा ही आस्था व दृढ़ संकल्प का उदाहरण गांव मोमासर निवासी 20 वर्षीय केशव सैन ने प्रस्तुत किया

केशव सैन ने साइकिल से देश के 12 ज्योतिर्लिंग, चारधाम एवं तिरुपति बालाजी सहित अनेक प्रमुख तीर्थस्थलों की 186 दिवसीय यात्रा सफलतापूर्वक पूरी कर गांव व परिवार का नाम रोशन किया 20 वर्षीय युवा केशव सेन की साइकिल से 12 ज्योतिर्लिंग, चार धाम और तिरुपति बालाजी की सफल और साहसिक यात्रा न केवल उनकी अगाध भक्ति का प्रमाण है, बल्कि यह अदम्य इच्छाशक्ति, शारीरिक क्षमता और सांस्कृतिक चेतना का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

केशव सेन ने बताया कि उन्होंने अपनी धार्मिक यात्रा 26 जनवरी 2026 को दिल्ली से प्रारंभ की थी। करीब छह माह तक चली इस कठिन यात्रा में उन्होंने हजारों किलोमीटर का सफर केवल साइकिल से ही तय किया। यात्रा के दौरान मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियां, लंबी दूरी और अनेक चुनौतियों का सामना करते हुए उन्होंने देश के सभी 12 ज्योतिर्लिंग, चारधाम, तिरुपति बालाजी सहित अनेक प्रसिद्ध मंदिरों में दर्शन-पूजन किया। यात्रा के दौरान वे छह पवित्र नदियों का जल तथा सभी ज्योतिर्लिंगों का पवित्र जल भी अपने साथ लेकर लौटे है।

20 वर्ष की आयु में, जब अधिकांश युवा अन्य प्राथमिकताओं में व्यस्त होते हैं, केशव ने भारत के सबसे कठिन भौगोलिक मार्गों (हिमालयी क्षेत्रों से लेकर दक्षिण भारत के मैदानी व तटीय इलाकों तक) को साइकिल से तय किया। मौसम की मार, थकावट और अनजाने रास्तों के “अनेकों उतार-चढ़ाव” को पार करना जबरदस्त मानसिक मजबूती को दर्शाता है।

मोमासर लौटने पर ग्रामीणों ने किया भव्य स्वागत
केशव के गांव लौटने पर ग्रामीणों ने उनका उत्साह पूर्वक स्वागत किया। इस दौरान शोभायात्रा निकालकर फूलमालाओं से व शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर करीब ढाई किलोमीटर लंबी भव्य शोभायात्रा निकाली। शोभायात्रा भोमियाजी मंदिर, माताजी मंदिर होते हुए शिवालय बास स्थित शिव मंदिर पहुंची, जहां केशव सेन ने अपनी यात्रा के दौरान नदियों से लाए पवित्र जल से भगवान शिव का जलाभिषेक किया

उपसरपंच जुगराज संचेती, अणुव्रत समिति मंत्री राकेश संचेती ने कहा कि केशव की यह 186 दिवसीय यात्रा केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ी के लिए एक बड़ा संदेश है।
इस कार्यक्रम में भोमिया दादा सेवा समिति के पदाधिकारी अणुव्रत समिति के पदाधिकारी, उपप्रशासक जुगराज संचेती, श्रवण कुमार सेन, मनोज कुमार संचेती,ओमप्रकाश इंदौरिया व केशव के दादा मालाराम सेन पिता कन्हैया लाल सहित अनेक मौजिज ग्रामीण उपस्थित रहे। परिवारजनों ने सभी का आभार जताया।




