श्रीडूंगरगढ टुडे 13 अगस्त 2026
कस्बे के श्रीरघुकुल राजपूत छात्रावास परिसर में श्रीक्षत्रिय युवक संघ प्रांत-श्रीडूंगरगढ़ के तत्वावधान में राष्ट्रनायक वीर दुर्गादास राठौड़ की जयंती अत्यंत हर्षोल्लास व गरिमामय वातावरण में मनाई गई।
कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना से हुई। इसके बाद वीर दुर्गादास राठौड़ व पूज्य तनसिंहजी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर पुष्पहार अर्पित किए गए। स्वयंसेवक कैलाश सिंह ढींगसरी ने संघ प्रार्थना करवाई।
वक्ताओं ने दिए विचार, युवाओं से नशे से दूर रहने और संगठित होने का आह्वान
- पूर्व सरपंच रतन सिंह केऊ ने कहा कि वीर दुर्गादास जी का जीवन संघर्ष और राष्ट्रभक्ति की अद्वितीय मिसाल है, उनसे प्रेरणा लेकर हमें जीवन में निरंतर संघर्ष करते हुए आगे बढ़ते रहना चाहिए।
- पूर्व प्रधान छैलूसिंह शेखावत ने दुर्गादास जी के संक्षिप्त जीवन परिचय पर प्रकाश डालते हुए युवाओं से नशे से दूर रहने और सदैव समाजोपयोगी कार्यों में योगदान देने का आह्वान किया।
- रघुकुल राजपूत सेवा संस्थान के अध्यक्ष कल्याण सिंह झंझेऊ ने सामाजिक कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाने और समाज को जहां भी आवश्यकता हो, वहां सदैव तत्पर रहने की बात कही।
- वरिष्ठ स्वयंसेवक एडवोकेट भरत सिंह सेरूणा ने कहा कि क्षत्रिय युवक संघ हमें कार्य करने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने युवाओं से “उठो, जागो, संगठित बनो और इस युग को स्वर्णिम बनाओ” का संदेश देते हुए संघ के शिविरों और शाखाओं से निरंतर जुड़े रहने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान संघ के प्रांत प्रमुख जेठू सिंह पुन्दलसर द्वारा पूज्य तनसिंह जी द्वारा रचित सहगीत की सुंदर प्रस्तुति दी गई।
एक आदर्श मां ही संतान में धर्म और संस्कृति के संस्कार सिंचित करती है: मुख्य वक्ता
मुख्य वक्ता संघ के केंद्रीय मातृशक्ति विभाग प्रभारी जोरावर सिंह भादला ने कहा कि एक आदर्श मां अपनी संतान को धर्म, संस्कृति और मान-मर्यादा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। इसी प्रकार वीर दुर्गादास राठौड़ का सम्मान केवल उनके शौर्य और स्वामिभक्ति के लिए नहीं, बल्कि उनके क्षत्रिय गुणों और दायित्वबोध के लिए भी किया जाता है। उन्होंने कहा कि दुर्गादास न राजा थे, न राजकुमार, फिर भी एक सैनिक के रूप में जीवनभर अपने दायित्व का निर्वहन किया। उनके जीवन चरित्र से प्रेरणा लेकर आदर्श क्षत्रिय बनकर जीवन को सार्थक किया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से संघ के संपर्क में रहने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का संचालन स्वयंसेवक संदीप सिंह पुन्दलसर ने किया। समारोह में सरपंच प्रतिनिधि भंवर सिंह झंझेऊ, पूर्व सरपंच समुद्र सिंह धीरदेसर, अगर सिंह कोटासर, महेंद्र सिंह लखासर, सरपंच प्रतिनिधि रणवीर सिंह सेरूणा, दूसारणा सरपंच प्रतिनिधि शेर सिंह, रणजीत सिंह जालबसर, सवाई सिंह बरजांगसर, श्रवण सिंह, सुमेर सिंह कीतासर, भागीरथ सिंह धर्मास, राजेन्द्र सिंह सत्तासर, मांगू सिंह, ओमपाल सिंह जोधासर, छोटूसिंह, हरी सिंह गुसाईंसर, भंवरसिंह, मदनसिंह मिंगसरिया, गणेश सिंह, नवल सिंह पुन्दलसर, कल्याण सिंह जैसलसर सहित संघ के स्वयंसेवक, छात्रावास कार्यकारिणी सदस्य एवं सभी जाति-वर्गों के सैकड़ों लोग मौजूद रहे।







