श्रीडूंगरगढ टुडे 23 अगस्त 2026
श्रीडूंगरगढ़ थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां आपसी रंजिश के चलते दो लोगों ने एक घर में घुसकर महिला और उसके परिवार पर लाठी व कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके सिर में 22 टांके आए हैं। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सोते समय किया हमला
पुलिस को दी रिपोर्ट में कोटा के पीपल्दा तहसील निवासी पीड़िता गीता बाई (हाल निवासी: घुमचक्कर ओवरब्रिज के पास, श्रीडूंगरगढ़) ने बताया कि 22 अगस्त की शाम करीब 7 बजे वह अपने डेरे में बच्चे के साथ सो रही थी। इसी दौरान आरोपी राकेश और मोतीराम हाथ में लाठी व कुल्हाड़ी लेकर वहां पहुंचे और पीड़िता की बेटी संतोष के बारे में पूछताछ करते हुए उसे साथ ले जाने का दबाव बनाने लगे।
कुल्हाड़ी के वार से युवक गंभीर घायल
पीड़िता के अनुसार, जब उसने दोनों आरोपियों को पूर्व में हुए राजीनामे की याद दिलाई, तो वे भड़क गए और मारपीट शुरू कर दी। आरोपी मोतीराम ने पीड़िता के बेटे विनोद के सिर पर कुल्हाड़ी से जानलेवा वार कर दिया, जिससे वह लहूलुहान होकर गिर पड़ा। आनन-फानन में घायल को श्रीडूंगरगढ़ के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बीकानेर के पीबीएम अस्पताल रेफर कर दिया गया। घायल विनोद के सिर में 22 टांके आए हैं।
पुराने विवाद को लेकर रंजिश
आरोप है कि राकेश ने पीड़िता की बेटी के साथ भी लाठी से मारपीट की। पीड़िता ने बताया कि करीब 10 दिन पहले आरोपी राकेश उसकी बेटी को भगाकर ले गया था, जिसके बाद सामाजिक दबाव में राजीनामा हुआ था। इसी रंजिश को रखते हुए सांगोद (झालावाड़) निवासी मोतीराम और उसका भांजा राकेश इस वारदात को अंजाम देकर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।
पुलिस जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलते ही श्रीडूंगरगढ़ थाना पुलिस ने पीड़िता की रिपोर्ट पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। मामले की अग्रिम जांच एएसआई गजेंद्र सिंह को सौंपी गई है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है।



