श्रीडूंगरगढ टुडे 25 अगस्त 2026
जैनम-जैनत्व हम घर-घर पहुँचाएँगे” के ध्येय वाक्य के साथ अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद (अभातेयुप) का प्रमुख प्रकल्प “जैन संस्कार विधि” निरंतर नए आयाम छू रहा है। युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमणजी की सुशिष्या साध्वी श्री निर्वाण श्रीजी आदि ठाणा-6 की प्रेरणा और पूज्य प्रवर की कृपा से चेंबूर निवासी सागर सोनी की पुत्रवधू स्वाति अभिषेक सोनी की 8 की तपस्या का तप संपूर्ति (पारणा) अनुष्ठान जैन संस्कार विधि से श्रद्धा एवं उल्लासपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ।
मंगलवार को शुभ मुहूर्त में तपस्वी स्वाति सोनी के निवास स्थान पर वाशी से पधारे जैन संस्कारक श्री पवनजी परमार एवं श्री महावीरजी सोनी द्वारा विशिष्ट मंत्रोच्चार के साथ पारणा अनुष्ठान निर्विघ्न सम्पन्न कराया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ नवकार महामंत्र के सामूहिक उच्चारण से हुआ। संस्कारकों ने निर्दिष्ट विधि-विधान से पारणा संपन्न कराया और तपस्वी बहन को नियम व संकल्प स्वीकार कराए। इस अवसर पर संस्कारकों ने ‘मंगल भावना यंत्र’ और जैन संस्कार विधि की महत्ता तथा उपयोगिता पर प्रकाश डाला। परिवारजनों को जैन संस्कार विधि से पारणा का निर्णय लेने पर बधाई दी गई।
तेयुप अध्यक्ष हिमांशुजी गन्ना एवं उनकी टीम ने तपस्वी बहन को शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए ‘मंगल भावना यंत्र’ भेंट किया, जिसकी विधिवत स्थापना की गई। तप अनुमोदना के क्रम में उपस्थित परिवारजनों ने विभिन्न त्याग स्वीकार कर तपस्वी बहन का पारणा करवाया।
तेयुप सह-मंत्री विरल चांडलिया ने परिवार को जैन संस्कार विधि से जुड़ने पर बधाई दी तथा चेंबूर क्षेत्र में जैन संस्कार विधि के बढ़ते प्रभाव व उपयोगिता पर विचार व्यक्त किए। महावीर सोनी ने पधारे सभी परिजनों, तेरापंथ युवक परिषद की टीम एवं संस्कारकों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम में तेयुप अध्यक्ष हिमांशु गन्ना, मंत्री कपिल मेहता, उपाध्यक्ष अरुण धाकड़ और सह-मंत्री विरल चांडलिया की विशेष उपस्थिति रही।
अंत में संस्कारकों द्वारा मंगल पाठ के वाचन के साथ अनुष्ठान का सकुशल समापन हुआ।






