श्रीडूंगरगढ टुडे 1 सितंबर 2026
क्षेत्र के गांव पूनरासर में किसानों की कृषि भूमि पर कूटरचित (फर्जी) दस्तावेजों के आधार पर फर्जी फसल बीमा पॉलिसी जारी करवाकर क्लेम की राशि हड़पने का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस संबंध में भारतीय किसान संघ (राजस्थान प्रदेश) के बैनर तले पीड़ित किसानों ने सोमवार को किसान जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
फर्जी दस्तावेजों का खेल
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि एक संगठित गिरोह द्वारा पूनरासर गांव के किसानों की कृषि भूमि/खेतों पर कूटरचित (फर्जी) दस्तावेज तैयार कर खुद को मालिक या बटाईदार दर्शाया जा रहा है। इसके बाद फर्जी फसल बीमा पॉलिसी जारी करवाकर इसके बाद फसलों में नुकसान दिखाकर फर्जी क्लेम की राशि खुद हड़प ली जाती है।
2018 से जारी है हेराफेरी
किसानों ने बताया कि यह फर्जीवाड़ा फसल बीमा योजना की शुरुआत (वर्ष 2018) से लगातार चल रहा है, जिससे सैकड़ों वास्तविक किसानों को उनके हक की बीमा राशि से वंचित होना पड़ रहा है।
उच्च स्तरीय मिलीभगत की आशंका
पीड़ित किसानों का कहना है कि यह फर्जीवाड़ा केवल निचले स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें CSC (कॉमन सर्विस सेंटर), बैंकों और बीमा कंपनियों के कार्मिकों की मिलीभगत की पूरी आशंका है। सैकड़ों किसानों के नाम पर बिना उनकी जानकारी के हर साल क्लेम उठाया जा रहा है।
कठोर कार्रवाई की मांग
पीड़ित किसानों ने पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच करवाकर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करने तथा वास्तविक किसानों को उनका बीमा क्लेम दिलवाने की मांग की है।
ज्ञापन देते भारतीय किसान संघ तहसील अध्यक्ष बजरंग धावणिया, ओमप्रकाश, हरिराम, सांवरनाथ, राजूराम दुर्गानाथ सहित पूनरासर गांव के पीड़ित किसान उपस्थित रहे।




