श्रीडूंगरगढ टुडे 10 सितंबर 2026
पर्यूषण महापर्व की आराधनामय श्रृंखला के अंतर्गत तीसरे दिन तेरापंथ भवन, मोमासर में ‘सामायिक दिवस’ का आयोजन अत्यंत श्रद्धा एवं उत्साह के साथ किया गया। यह विशेष दिन समता भाव, आत्म-शुद्धि और आंतरिक शांति की साधना को समर्पित रहा।

कार्यक्रम में उपस्थित उपासिका अंजना गोखरू एवं उपासिका मैना काठेड़ ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक प्रेरणादायी प्रवचन दिए:
उपासिका अंजना गोखरू ने सामायिक के महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पर्यूषण पर्व का तीसरा दिन साधक को संसार की मोह-माया, राग और द्वेष से परे ले जाने का अवसर देता है। सामायिक के माध्यम से साधक मन, वचन और काया से समता भाव धारण कर आत्म-शुद्धि एवं शांति की ओर अग्रसर होता है। उन्होंने 48-48 मिनट की सामायिक साधना को आत्म-विकास का मुख्य आधार बताया।

उपासिका मैना जी काठेड़ ने आध्यात्मिक ऊर्जा का बोध कराते हुए कहा कि जिस प्रकार शरीर को शक्ति और मोबाइल को चार्ज करने की आवश्यकता होती है, ठीक उसी प्रकार आत्मा को भी रिचार्ज करने का सशक्त माध्यम सामायिक है। हिंसा और सांसारिक उलझनों से निवृत्त होकर आत्म-चिंतन करना ही सच्ची सामायिक है।

इस दौरान ग्राम पंचायत प्रशासक सरिता संचेती,तेरापंथी सभा वरिष्ठ उपाध्यक्ष धनराज पटावरी, उपाध्यक्ष चंदा बोथरा, कोषाध्यक्ष नरेंद्र संचेती,अणुव्रत समिति अध्यक्षा सुमन बाफना, मंत्री राकेश संचेती, झीणकार संचेती ( महिला मंडल), रेनू संचेती (ज्ञानशाला शिक्षिका)दिल्ली से समागत कमल सेठिया, कमल धाड़ेवा, प्रेम पटावरी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरा वातावरण सामायिक, जप और धर्म-आराधना के दिव्य आध्यात्मिक भावों से गुंजायमान रहा।



