श्रीडूंगरगढ टुडे 12 सितंबर 2026
तेरापंथ भवन मोमासर में पर्यूषण पर्वाराधना का पांचवा दिन ‘अणुव्रत दिवस’ के रूप में श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में उपासिका बहनें श्रीमती अंजना गोखरू, श्रीमती मैना काठेड़ एवं ज्ञानशाला प्रशिक्षिका श्रीमती सुनीता दूगड़ के मुखारविंद से प्रवचन श्रृंखला का वाचन हुआ।जन
मुख्य वक्ता बहन अंजना ने अपने विचारों में कहा कि आज का दिन ‘व्रत चेतन दिवस’ है। जैन धर्म के इस महापर्व में अणुव्रत दिवस का विशेष महत्व है। उन्होंने बताया कि युगप्रधान आचार्य श्री तुलसी ने मानव कल्याण के लिए छोटे-छोटे संकल्पों एवं नियमों को एक माला में पिरोकर ‘अणुव्रत’ का रूप दिया, जो वर्तमान समय में अत्यंत प्रासंगिक है।
आचार्य तुलसी का मूल मंत्र था—“आप जैन बनो या न बनो, गुड मैन बनो।” अणुव्रती बनने के लिए किसी विशिष्ट धर्म की परिधि में बंधना आवश्यक नहीं है, बल्कि आचरण की शुद्धता ही इसका मूल आधार है।
इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ ‘आदर्श बाल विद्या मंदिर’ के छात्रों द्वारा प्रस्तुत मंगलाचरण से हुआ। समारोह में इनमें, कल्पना सेठिया (उपाध्यक्ष, तेरापंथ सभा) चंदा बोथरा (अध्यक्ष, अणुव्रत समिति) सुमन बाफना राजेश रोहिला (सुरभि चैरिटेबल ट्रस्ट) सहित विभिन्न वक्ताओं ने अपने विचार, वक्तव्य एवं गीतिकाएं प्रस्तुत कीं।
कार्यक्रम के अंत में अणुव्रत समिति मंत्री राकेश संचेती ने सभी आगंतुकों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर ग्राम पंचायत सरपंच व प्रशासक सरिता संचेती, तेरापंथ सभा से छोटू लाल सेठिया, महिला मंडल से चंदा देवी संचेती, झीणकार संचेती, ज्ञानशाला शिक्षिका रेनू संचेती, दिल्ली से पधारे कमल सेठिया, कमल धाड़ेवा, प्रेम पटावरी, शिक्षक सांवर मल, राजेश शर्मा, गुलाब मारू सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।



